फुलेरा का फैसला: ‘मिर्जापुर’ के बाद ‘पंचायत’ की बनेगी फिल्म? प्रधान जी ने दिया दो टूक जवाब; बोले- ‘हो सकता है...’
Raghubir Yadav On Panchayat Movie: ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के बाद अब प्राइम वीडियो की फेमस वेब सीरीज ‘पंचायत’ को बड़े पर्दे पर लाने की चर्चा जोरों पर है. क्या फुलेरा गांव के किस्से 3 घंटे की फिल्म में सिमट सकते हैं? शो में प्रधान पति का रोल निभाने वाले दिग्गज एक्टर रघुबीर यादव ने इस पर अपनी दो टूक राय रखी है.
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की सिनेमाघरों में बंपर सक्सेस के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नई खबर वायरल हो रही है. लोग कयास लगा रहे हैं कि जब ‘मिर्जापुर’ सीरीज फिल्म के तौर पर बड़े पर्दे पर अपना भौकाल दिखा सकती है, तो फिर प्राइम वीडियो की दूसरी हिट सीरीज थिएटर्स में क्यों नहीं आ सकतीं? इन सब चर्चाओं के बीच सबसे आगे नाम चल रहा है हम सबकी चहेती वेब सीरीज ‘पंचायत’ का. फैंस ये जानने को बेताब हैं कि क्या फुलेरा गांव की सादगी और सचिव जी के संघर्ष को कभी सिनेमाघरों के 70 एमएम स्क्रीन पर देखने का मौका मिलेगा या नहीं?
इसी बीच ‘पंचायत’ में प्रधान पति यानी बृज भूषण दुबे का यादगार किरदार निभाने वाले दिग्गज एक्टर रघुबीर यादव ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘पंचायत’ को फिल्म के रूप में ढालना कोई आसान काम नहीं है. रघुबीर यादव भारतीय सिनेमा के वो मझे हुए कलाकार हैं, जिन्होंने ‘मैसी साहब’, ‘लगान’, ‘पीपली लाइव’, ‘न्यूटन’ और ‘कठल’ जैसी फिल्मों से दर्शकों के दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है. टीवी के दौर में ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ से घर-घर पहचान बनाने वाले रघुबीर आज की युवा पीढ़ी के भी चहेते बन चुके हैं.
फिल्म बनाने को लेकर रघुबीर यादव ने क्या कहा?
हाल ही में ‘वैरायटी इंडिया’ के साथ खास बातचीत में रघुबीर यादव ने ‘पंचायत’ पर फिल्म बनने की खबरों पर खुलकर अपनी राय साझा की. रघुबीर यादव ने कहा कि इस बारे में वो अपनी तरफ से कोई फैसला नहीं ले सकते. उन्होंने साफ किया कि अगर शो के राइटर्स कहानी को फिल्म के तौर पर ढालने की सोचेंगे, तो वो एक एक्टर के तौर पर उसमें जरूर काम करेंगे, लेकिन कहानी में कोई दखल नहीं देंगे. उनका मानना है कि राइटर्स के पास पूरी आजादी होनी चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि उनके जेहन में पहले से कई और सीजन्स का ताना-बाना तैयार हो.
गांव की जिंदगी को 3 घंटे में समेटना नामुमकिन
रघुबीर यादव ने बातचीत में आगे ये भी बताया कि ‘पंचायत’ की कहानी का मिजाज ही कुछ ऐसा है कि उसे फिल्म बनाना बहुत बड़ी चुनौती साबित होगा. उनका कहना था कि फुलेरा गांव का माहौल और उसकी धीमी रफ्तार को तीन घंटे की फिल्म में बांध पाना बिल्कुल मुमकिन नहीं दिखता. एक्टर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वो खुद गांव की जिंदगी को बहुत करीब से जानते हैं. अगर राइटर्स फिल्म बनाने के चक्कर में पड़ेंगे, तो आने वाले नए सीजन्स का मजा खराब हो सकता है. इसलिए सिर्फ एक फिल्म के लिए इतने बड़े फलक को सिकोड़ना सही नहीं रहेगा.
हर किरदार की अपनी एक अलग दुनिया
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रघुबीर यादव ने शो के किरदारों की अहमियत पर भी बात की. उन्होंने कहा कि चाहे बनराकस का खुराफाती अंदाज हो, मंजू देवी की घरेलू सियासत हो या फिर सचिव जी की अपनी अलग उलझनें, हर किरदार अपने आप में पूरा एक संसार है. तीन या चार घंटे का वक्त इन सभी किरदारों के साथ इंसाफ करने के लिए बहुत कम पड़ जाएगा. अगर जल्दबाजी में फिल्म बनाई गई तो कहानी का वो असली ठहराव और देहाती महक कहीं न कहीं खो जाएगी. इसलिए इस सीरीज को इसके ओरिजिनल वेब फॉर्मेट में ही चलने देना चाहिए.
सादगी के दम पर घर-घर पहुंचा फुलेरा गांव
द वायरल फीवर यानी टीवीएफ के बैनर तले बनी और चंदन कुमार द्वारा लिखी गई वेब सीरीज ‘पंचायत’ साल 2020 में पहली बार प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी. कहानी एक इंजीनियरिंग पास लड़के अभिषेक त्रिपाठी यानी जितेंद्र कुमार की है, जो नौकरी न मिलने की मजबूरी में फुलेरा के पंचायत सचिव बन जाते हैं. वहां से शुरू हुआ ये सफर दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया. अब तक इस सीरीज के 4 सीजन आ चुके हैं और मेकर्स पांचवें सीजन की भी ऑफिशियल पुष्टि भी कर चुके हैं. दर्शक आज भी इसके हर नए सीजन के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.