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Om Ka Hari Review: परिवार के सपनों के आड़े आने वाले 'हरी' को 'ओम' ने दी सीख, कहानी कमजोर लेकिन मैसेज जबरदस्त

'ओम का हरि' फिल्म रिव्यू: रघुवीर यादव और अंशुमान झा की इस फैमिली ड्रामा में जनरेशन गैप और सपनों की जंग की पूरी कहानी पढ़ें. जानिए कैसी है फिल्म.

Om Ka Hari Review: परिवार के सपनों के आड़े आने वाले 'हरी' को 'ओम' ने दी सीख,  कहानी कमजोर लेकिन मैसेज जबरदस्त
Image Credit: Om Ka Hari review

Om Ka Hari Review: क्या आपके घर में भी कभी करियर और लाइफ चॉइस को लेकर बहस हुई है? अगर हां, तो 'ओम का हरि' फिल्म आपके दिल के तार जरूर छेड़ देगी. निर्देशक हरीश व्यास की यह फिल्म भोपाल के एक मिडिल क्लास परिवार की कहानी लेकर आई है. इसमें बाप और बेटे के बीच की वो दूरी दिखाई गई है जो आज लगभग हर घर की सच्चाई बन चुकी है.

क्या है फिल्म की कहानी?

'ओम का हरि' की कहानी भोपाल शहर से शुरू होती है. यहां एक सिंपल मिडिल क्लास फैमिली रहती है. घर के मुखिया हैं हरि यानी हमारे रघुवीर यादव. उनका एक बेटा है ओम जिसका रोल अंशुमान झा ने निभाया है. ओम अपनी लाइफ अपने तरीके से जीना चाहता है. वह अपनी पार्टनर प्रिया के साथ मिलकर एक सलून खोलना चाहता है. लेकिन पिता हरि चाहते हैं कि बेटा एक सेफ और सिक्योर जॉब करे. यही से शुरू होती है दो पीढ़ियों की असली टक्कर. कहानी आगे बढ़ते हुए भोपाल से काशी तक का सफर तय करती है.

फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे पुरानी पीढ़ी सिक्योरिटी और फैमिली रिस्पॉन्सिबिलिटी को सब कुछ मानती है. वहीं आज का यूथ अपने पैशन और फ्रीडम को प्राथमिकता देता है. फिल्म में मां और बड़ी बहन के कैरेक्टर भी हैं. वे दिखाते हैं कि कैसे घर की औरतें अपने सपनों को फैमिली के लिए कुर्बान कर देती हैं. सोनी राजदान ने मां के रोल में बेहतरीन काम किया है. आयशा कपूर ने प्रिया का रोल निभाया है जो आज के इंडिपेंडेंट यूथ को रिप्रेजेंट करती है.

एक्टिंग में किसने मारी बाजी?

इस पूरी फिल्म का असली हीरो रघुवीर यादव का परफॉर्मेंस है. उन्होंने एक मिडिल क्लास पिता के किरदार को इतनी शिद्दत से जिया है कि आपको लगेगा आप अपने ही पापा को स्क्रीन पर देख रहे हैं. उनके बोलने का स्टाइल और एक्सप्रेशन कमाल के हैं. अंशुमान झा ने भी एक परेशान बेटे के रोल में अच्छी एक्टिंग की है. वह पिता की इज्जत भी करता है लेकिन अपनी लाइफ के फैसले खुद लेना चाहता है.

कहां रह गई कमी?

फिल्म का मैसेज बहुत ही शानदार है लेकिन इसकी स्क्रिप्ट थोड़ी ढीली है. बाप और बेटे के बीच जो इमोशनल ड्रामा होना चाहिए था, वह उतना गहरा नहीं बन पाया. फिल्म की एंडिंग भी आपको थोड़ी अधूरी लग सकती है. आशा भोंसले जी का एक गाना जरूर दिल को छूता है, लेकिन बाकी म्यूजिक कुछ खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ पाता.

देखें या न देखें?

अगर आपको सिंपल, इमोशनल और फैमिली से जुड़ी कहानियां पसंद हैं तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है. रघुवीर यादव की एक्टिंग के लिए इसे देखना बनता है. हमारी तरफ से इस फिल्म को मिलते हैं 2.5 स्टार.

देखें ट्रेलर-

 

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About the Author

Alkesh Kushwaha

Alkesh Kushwaha

अल्केश कुशवाहा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है. वर्तमान में वे जी न्यूज हिंदी में चीफ सब-एडिटर के रूप में बॉलीवुड-वायरल सेक्शन संभाल रहे हैं. अल्केश की मुख्य विशेषज्ञता बॉलीवुड, एंटरटेनमेंट, वायरल सिनेमा ट्रेंड्स और सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव्स में है. साल 2012 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत करने वाले अल्केश ने दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान टाइम्स, राजस्थान पत्रिका और NDTV जैसे देश के अग्रिम मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. अल्केश ने अपने करियर में अर्जुन रामपाल, ऋचा चड्ढा और राजपाल यादव जैसी कई दिग्गज बॉलीवुड हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यूज किए हैं. फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस एनालिसिस, सेलिब्रिटी गॉसिप्स और एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स का इन-डेप्थ डेटा एनालिसिस करना उनका मजबूत पक्ष है. वे पाठकों तक बॉलीवुड जगत की हर छोटी-बड़ी खबर सटीक, निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक तरीके से पहुंचाते हैं. आप अल्केश कुशवाहा से सीधे alkesh.kushwaha@zeemedia.com पर संपर्क कर सकते हैं.
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