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फिल्म: नई नवेली
निर्देशक: बालाजी मोहन
कलाकार: यामी गौतम, आदिनाथ एम कोठारे, अनुराग ठाकुर, मीता वशिष्ठ, सुनीता राजवर आदि
लेखक: बालाजी मोहन, दिव्य निधि शर्मा, हिमांशु शर्मा
अवधि: 2 घंटे 18 मिनट
रेटिंग: 3.5
Nayyi Navelli Film Review: नई नवेली फिल्म की कहानी मोहनी (यामी गौतम) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे राजा अवस्थी (आदिनाथ कोठारे) से प्यार हो जाता है और फिर झटपट शादी, जिसके पीछे एक बड़ी वजह रहती है. खैर कहानी आगे बढ़ती है और दिखता है कि बंटू अवस्थी (अनुराग ठाकुर) को शक है कि उसकी भाभी डायन है, लेकिन ऐसा होता नहीं है. तो फिर ऐसा क्या है कि मोहनी के पास जादुई शक्तियां हैं और किसका विनाश करने के लिए वो अवस्थी परिवार के साथ जुड़ती है. फिल्म कैसे हमारी लोककथाओं से जुड़ती है. कैसे इसके तार हमारे धार्मिक गाथाओं से जुड़ते हैं,इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी.
बात एक्टर्स की करें तो यामी गौतम इस फिल्म की जान हैं और उन्होंने बेहद संजीदगी से अपने किरदार को निभाया है. यामी पूरी फिल्म में बेहद खूबसूरत दिख रही हैं.उनके चेहरे के हाव-भाव दिल जीत लेते हैं. वहीं आदिनाथ कोठारे ने भी यामी के साथ कंधा मिलाया है. वहीं फिल्म के बाकी एक्टर्स जो स्क्रीन पर काफी मौजूद रहे हैं वो भी किरदारों के साथ पूरा इंसाफ करते हैं. चाहें डरने-डराने की बात हो या फिर हंसने-हंसाने की, सुनीता राजवर, आदित्य कुलश्रेष्ठ, मीता वशिष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी, प्रतीक पचौरी, सोनल झा, सुनील सिन्हा और अनुराग ठाकुर सहित हर एक एक्टर खरा है.
एक ओर जहां एक्टर्स की परफॉर्मेंस बढ़िया है तो दूसरी ओर फिल्म टेक्नीकली भी स्ट्रॉन्ग है. फिल्म का वीएफएक्स इसके बजट के मुताबिक बढ़िया है. वहीं फिल्म का स्क्रीनप्ले भी मजबूत है. वहीं कुछ शॉट्स काफी खूबसूरती से लिए गए हैं. फिल्म की एक सबसे बड़ी खासियत है कि फिल्म का करीब 70-80 प्रतिशत हिस्सा एक ही लोकेशन पर फिल्माया गया है लेकिन जिस तरह से उसे इंगेज किया गया है वो अच्छा है. फिल्म के डायलॉग्स काफी देसी हैं और ऑडियंस काफी कनेक्ट कर पाएगी. वहीं फिल्म में मीम-वर्दी सीन्स भी काफी हैं. फिल्म में फिर भी थोड़ी से बेहतरी की गुंजाइश रह जाती है, जो कि एडिटिंग की है. फिल्म का कुछ हिस्सा कांट-छांट कर इसे क्रिस्प किया जा सकता था. वहीं साथ ही फिल्म का म्यूजिक भी थोड़ा और हुक्ड हो सकता था,यानी फिल्म खत्म होने के बाद न तो इसके गाने और न ही धुन जेहन में रहती है. वैसे कुल मिलाकर ये कह सकते हैं कि निर्देशक बालाजी मोहन का काम अच्छा है.
इस फिल्म की बड़ी खासियत है कि इसे हम पूरे परिवार के साथ एन्जॉय कर सकते हैं. वहीं फिल्म के कई डायलॉग्स सामाजिक कुरीतियों पर तंज कसते हैं और समझाइश भी देते हैं. दूसरी बात है कि फिल्म के तार रामायण से भी जुड़ते हैं, जिससे घर-परिवार के बच्चे धार्मिक जड़ों से भी जुड़ेंगे और उन्हें सीखने को मिलेगा. हमारी तरफ से इस फिल्म को साढ़े तीन स्टार, जिसे आप हर किसी के साथ देख सकते हैं.