‘मैं दिमागी नक्सल हूं...’: जामिया प्रोटेस्ट के बीच नसीरुद्दीन शाह का VIDEO वायरल, केंद्र सरकार पर जमकर निकाला गुस्सा
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट के बीच बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी आईटी सेल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने स्टूडेंट्स की आवाज दबाने और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.
हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार और हमेशा अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने एक विवादित बयान को लेकर खबरों में हैं. दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में चल रहे स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर जारी एक वीडियो में नसीरुद्दीन शाह काफी गुस्से में दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि देश के अंदर नौजवानों की आवाज दबाने, एजुकेशन के बड़े इंस्टीट्यूट्स को कमजोर करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं.
उनका ये वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर हचलच मच गई. वीडियो में नसीरुद्दीन शाह ने खुद को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वे गर्व से ये बात मानते हैं कि वे एक ‘दिमागी नक्सल’ हैं. उन्होंने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने उन जैसे लोगों को न जाने क्या-क्या नाम दिए हैं, कभी एंटी-नेशनल तो कभी टुकड़े-टुकड़े गैंग कहा गया. एक्टर ने आगे कहा कि अगर इस देश में असल में कोई टुकड़े-टुकड़े गैंग है, तो वो ये मौजूदा सरकार ही है. इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि युवाओं का हौसला तोड़ने और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स को खत्म करने के लिए सरकार और किस हद तक जाएगी.
बीजेपी आईटी सेल पर साधा निशाना
अपने इस वीडियो में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी आईटी सेल पर भी जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने देश के अलग-अलग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में हुए विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जेएनयू, फिर सत्यजित रे फिल्म इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में स्टूडेंट्स के साथ जो ज्यादती हो रही है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि आईटी सेल से जुड़े लोग चाहे जितना भी जोर लगा लें, लेकिन युवाओं की आवाज को दबा नहीं पाएंगे. एक्टर का कहना था कि देश के नौजवान झुकने वाले नहीं हैं और वे अपनी हक की लड़ाई इसी तरह पूरी ताकत के साथ लड़ते रहेंगे.
लोकतंत्र और युवाओं के हक की बात
वीडियो के आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने सरकार को ओपन चैलेंज देने वाले अंदाज में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि चाहे जो भी ताकत लगा ली जाए, न तो इस देश के नौजवानों का मनोबल टूटने वाला है और न ही हमारे लोकतंत्र को कोई खतरा पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स को बर्बाद करने की कोई भी कोशिश कभी पूरी तरह कामयाब नहीं होगी. इसके साथ ही उन्होंने शायरी के अंदाज में ये तक कह दिया, ‘सामने वाले में जितना दम है, वो लगाकर देख ले, सब देख लेंगे कि किसमें कितना दम बाकी है’. उनका ये तेवर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर ढेरों कमेंट्स भी आ रहे हैं.
आखिर जामिया में क्या है पूरा विवाद?
अब बात करते हैं कि आखिर दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में ये पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ? दरअसल, यूनिवर्सिटी कैंपस में लंबे समय से स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन दोबारा शुरू कराने की डिमांड को लेकर तमाम स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं. स्टूडेंट्स की डिमांड है कि जल्द से जल्द इलेक्शन की डेट तय की जाए, चीफ प्रॉक्टर को उनके पद से हटाया जाए और जिन स्टूडेंट्स पर एडमिनिस्ट्रेशन ने पहले डिसिप्लिनरी एक्शन किया है, उसे तुरंत वापस लिया जाए. इसी डिमांड को लेकर कई स्टूडेंट्स भूख हड़ताल पर भी बैठे हुए हैं, जिससे कैंपस में माहौल काफी गरमाया हुआ है.
स्टूडेंट्स और एडमिनिस्ट्रेशन के बीच टकराव
इस पूरे प्रोटेस्ट में SFI, NSUI और AISA जैसे बड़े स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन मिलकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. स्टूडेंट्स का कहना है कि वे अपने डेमोक्रेटिक राइट्स के रेस्टोरेशन के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है. वहीं, दूसरी तरफ प्रोटेस्ट के दौरान स्टूडेंट्स और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के बीच टकराव और टेंशन काफी बढ़ गया है. प्रोटेस्ट कर रहे कुछ स्टूडेंट्स ने ये गंभीर आरोप भी लगाए हैं कि प्रोटेस्ट के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और बुरा बर्ताव किया गया, जिसके बाद से ये मामला अब एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है.