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'मिर्जापुर: द मूवी' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है. 27वें दिन तक फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई 333.29 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. फिल्म की इस लगातार सफलता के बीच हाल ही में डायरेक्टर गुरमीत सिंह ने बताया कि आखिर उन्होंने विक्रांत मैसी को क्यों रिप्लेस किया. साथ ही उन्होंने फिल्म से जुड़े क्रिएटिव फैसलों, किरदारों को निभाने में एक्टर्स के योगदान और कुछ यादगार सीन्स के बनने की कहानी के बारे में खुलकर बात की.
बब्लू पंडित के रोल में विक्रांत मैसी की जगह जितेंद्र कुमार को लेने से लेकर मोहित मलिक के बिरजू लोहार वाले किरदार तक गुरमीत ने बताया कि कैसे ये किरदार समय के साथ बदलते गए. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे अली फजल और दिव्येंदु शर्मा ने गुड्डू और मुन्ना के बीच कार-चेज वाले मशहूर सीन को अपने अंदाज में बेहतर बनाया और कैसे पंकज त्रिपाठी ने कालीन भैया के कुछ यादगार डायलॉग्स तैयार किए.
बबलू पंडित के रोल में जितेंद्र कुमार ने क्यों ली विक्रांत मैसी ने जगह
'मिर्जापुर: द मूवी' में उस दुनिया और किरदारों को फिर से दिखाया गया है, जो सीरीज के पहले सीजन में दिखाया गया था. पहले सीजन में विक्रांत मैसी ने गुड्डू पंडित के छोटे भाई बबलू पंडित का रोल निभाया था, लेकिन फिल्म में जितेंद्र कुमार यह रोल निभा रहे हैं. कास्टिंग में हुए इस बदलाव और कहानी पर इसके असर के बारे में बात करते हुए स्क्रीन को गुरमीत सिंह ने कहा, 'मुझे लगता है कि किसी काल्पनिक दुनिया या क्रिएटिव और फ्रिक्शनल काम की खूबसूरती यही है कि एक आर्टिस्ट के तौर पर आपके पास हमेशा चुनने के ऑप्शन होने चाहिए, है ना? क्रिएटर और एक्टर के तौर पर हम सब सबसे ज्यादा क्या चाहते हैं? यही कि हमारे पास विकल्प हों और हम उन्हें चुन सकें. और यह एक अच्छा सबक है कि हर किसी को वही करना चाहिए जो उसका दिल कहता है.'
उन्होंने आगे कहा, 'कोई कहानी, कोई किरदार या कोई सफर किसी एक इंसान तक सीमित नहीं होता, है ना? शो हमेशा आगे बढ़ता रहेगा और यही वह ख़ूबसूरती है जिसे हम आगे ले जा सकते हैं. जितेंद्र के आने से शो में एक नई एनर्जी आई है. इससे फिल्म को अपनी एक अलग पहचान भी मिली है.'

डायरेक्टर ने आगे बताया कि कास्टिंग में बदलाव की वजह से टीम बब्लू के किरदार को नए सिरे से सोच पाई और कहानी में उसे ज़्यादा अहम रोल दे पाई. उन्होंने कहा, 'इससे इसे अपनी एक अलग पहचान मिली, जो शो से बिल्कुल अलग है और हम हमेशा से यही चाहते थे. तो यह एक तरह से हमारे लिए फायदेमंद साबित हुआ. हम बब्लू के किरदार को नए नजरिए से देख पाए और उसे ज्यादा आजादी और कंट्रोल दे पाए. शो में बब्लू का किरदार ऐसा था जो बस अपने भाई की मदद कर रहा था और एक तरह से पीड़ित था. उसका अपना कोई कंट्रोल या मकसद नहीं था. लेकिन यह बब्लू खुद गेम खेल रहा है. कहानी को वही आगे बढ़ा रहा है. तो, मुझे लगता है कि हमने इससे एक बहुत अच्छी सीख ली है कि अपनी मुश्किलों या नाकामियों को हमेशा अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि क्रिएटिविटी का मकसद यही होता है. आगे की ओर देखें और फिल्म की कामयाबी को देखते हुए मुझे लगता है कि इससे हमारे लिए कई नए रास्ते खुलेंगे.'
बीना त्रिपाठी के किरदार पर भी बोले गुरमीत सिंह
सीरीज में रसिका दुग्गल के निभाए बीना त्रिपाठी के किरदार में काफी बदलाव आया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके किरदार का यह सफ़र पहले से तय था या सीजन के साथ-साथ धीरे-धीरे विकसित हुआ, तो गुरमीत ने इसके लिए क्रिएटर और राइटर पुनीत कृष्णा को श्रेय दिया. जिन्होंने एक ऐसी दुनिया बनाई जिसमें हर किरदार की अपनी कहानी है. उन्होंने कहा, 'पुनीत कृष्णा, जो मिर्जापुर के क्रिएटर और राइटर हैं, मुझे नहीं लगता कि उन्होंने भी कभी सोचा होगा कि यह दुनिया किस मोड़ पर पहुंचेगी.'
उन्होंने कहा, 'अब कहानी सुनाते हुए लगभग एक दशक बीत चुका है. लेकिन पुनीत की राइटिंग और उनके किरदारों की ख़ासियत यह है कि वह हर किरदार को उसकी अपनी कहानी का हीरो मानते हैं, है ना? एक बड़ी कहानी चल रही होती है, लेकिन अगर कोई सिर्फ़ एक लाइन बोलने के लिए भी आता है, तो वह अपनी ज़िंदगी का हीरो होता है. और अगर कैमरा घूमकर उन्हें फ़ॉलो करे, तो हर किरदार पर एक दिलचस्प फिल्म बन सकती है.'