मिलिंद सोमन की अनसुनी रूटीन: 60 की उम्र में बिना जूतों के दौड़ते हैं, जानिए नंगे पैर भागने का वो सीक्रेट जो जिम वाले कभी नहीं बताएंगे
60 साल के मिलिंद सोमन बिना जूतों के नंगे पैर दौड़ते हैं और रोज सिर्फ 15 मिनट कसरत करते हैं. जानिए नंगे पैर दौड़ने के फायदे, जोखिम और मिलिंद सोमन का पूरा डाइट व फिटनेस रूटीन.
Milind Soman Barefoot Running: बॉलीवुड के मशहूर एक्टर और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन 60 साल की उम्र में भी यूथ को फिटनेस गोल दे रहे हैं. हाल ही में उन्होंने महज 6 दिनों के अंदर 2 फुल-डिस्टेंस 'आयरनमैन ट्राइथलॉन' पूरे करके सबको हैरान कर दिया. एक आयरनमैन चैलेंज में 3.8 किलोमीटर स्विमिंग, 180 किलोमीटर साइकिलिंग और 42.2 किलोमीटर की रनिंग शामिल होती है. इतनी खतरनाक स्टेमिना के बावजूद मिलिंद सोमन की कसरत का तरीका बहुत ही सिंपल और बेसिक है. सबसे खास बात यह है कि मिलिंद सोमन अक्सर बिना जूतों के यानी नंगे पैर दौड़ना पसंद करते हैं.
न जिम की जरूरत, न किसी सामान की
मिलिंद सोमन का कहना है कि फिटनेस के लिए भारी-भरकम जिम इक्विपमेंट की कोई जरूरत नहीं होती. एनडीटीवी लाइफलाइन से बातचीत के दौरान वह बताते हैं कि वह कोई जिम सामान यूज नहीं करते और रोज सिर्फ 10 से 15 मिनट ही कसरत करते हैं. जब वह ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं, तो बस कुछ एक्स्ट्रा सेट्स लगा लेते हैं. वह हफ्ते में लगभग 60 से 70 किलोमीटर दौड़ते और साइकिल चलाते हैं. अपनी बॉडीवेट एक्सरसाइज के लिए वह केवल पुश-अप्स, पुल-अप्स और प्लैंक (Plank) जैसी पुरानी और आसान कसरतों पर भरोसा करते हैं.
क्या खाते हैं 60 साल के मिलिंद सोमन?
मिलिंद सोमन का खान-पान भी बहुत सिंपल और घर का बना होता है. वह किसी फैंसी डाइट या महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर नहीं रहते. अपने दिन की शुरुआत वह पानी, ताजे फल और सूखे मेवों से करते हैं. दोपहर के खाने में दाल, सब्जी, रोटी या चावल के साथ एक चम्मच शुद्ध देसी घी लेते हैं. वह रिफाइंड और पैकेट बंद खाने से हमेशा दूरी बनाकर रखते हैं. इसके अलावा वह कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडे पानी से परहेज करते हैं और साल में एकाध बार ही शराब को हाथ लगाते हैं.
सोकर उठने का कोई फिक्स टाइम नहीं
ज्यादातर लोगों को लगता है कि फिटनेस फ्रीक लोग सुबह 4 बजे उठ जाते होंगे, लेकिन मिलिंद सोमन के साथ ऐसा नहीं है. वह आराम से सुबह 8:30 बजे उठते हैं और अगले 1 घंटे तक बिस्तर पर ही रिलैक्स करते हैं. इसके बाद वह सुबह 10 बजे के आसपास रनिंग के लिए निकलते हैं. उनका यह रूटीन दिखाता है कि फिट रहने के लिए खुद को किसी सख्त नियम में बांधने की जरूरत नहीं है. वर्कफ्रंट की बात करें तो मिलिंद सोमन को हाल ही में विजय सेतुपति के साथ सीरीज 'काट्टान' में देखा गया था.
नंगे पैर दौड़ने की आदत और पैरों की ताकत
जब आप बिना जूतों के दौड़ते हैं तो आपके पैरों को किसी एक्स्ट्रा कुशन या सपोर्ट का सहारा नहीं मिलता. इससे पैरों की छोटी-छोटी मसल्स ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं और धीरे-धीरे मजबूत होने लगती हैं. नंगे पैर भागने से पैरों का नेचुरल आर्च बेहतर होता है और शरीर का बैलेंस सुधरता है. हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप पहले ही दिन से मीलों दूर नंगे पैर भागने लगें. जो लोग हमेशा महंगे रनिंग शूज पहनकर दौड़ते हैं, उन्हें अचानक नंगे पैर नहीं भागना चाहिए. शुरुआत में साफ और सुरक्षित जगह पर थोड़े समय के लिए ही बिना जूतों के चलना या दौड़ना चाहिए, वरना चोट लग सकती है.