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फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा-श्री राम की' के मेकर्स ने हाल ही में वायरल हो रहे चश्मे वाले पोस्टर पर सफाई दी है. दरअसल, इस फोटो को लेकर सोशल मीडिया पर फिल्म की ट्रोलिंग हो रही है. वायरल फोटो में वानर सेना का एक सदस्य चश्मा पहने नजर आ रहा है. ऐसे में अब मेकर्स ने साफ किया है कि यह तस्वीर थिएटर में दिखाई गई फिल्म का कोई सीन नहीं है.
यह फोटो सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है और पोस्ट व मीम्स में इसे फिल्म का ही एक सीन बताया जा रहा है. अब फिल्म के मेकर्स ने इसे शेयर करने वालों को चैलेंज भी किया है कि वे बताएं कि फिल्म में यह कथित सीन कहां है?
'महाकाव्य श्री रामायण' में वानर ने पहना चश्मा?
इंडिया टुडे से बात करते हुए मेकर्स ने कहा, 'अगर यह विज़ुअल असल में फिल्म में है, तो थिएटर के अंदर ली गई कोई असली स्क्रीनशॉट शेयर करें. या हमें वह सटीक सीन और टाइम कोड बताएं जहां चश्मा पहने हुए एक वानर को दिखाया गया है. हम इस पर सार्वजनिक रूप से जवाब देंगे. लेकिन एक प्रमोशनल इमेज को बार-बार ऐसे फैलाना जैसे कि वह फिल्म का ही कोई सीन हो, गुमराह करने वाला है.'
उन्होंने यह भी कहा कि वे वायरल हो रहे कुछ दावों के साथ-साथ फ़िल्म के थिएट्रिकल वर्जन का फुटेज भी जारी करेंगे. जिससे ऑडियंस ऑनलाइन वायरल रही तस्वीरों की तुलना फाइनल फिल्म में दिखाई गई चीजों से कर सकें.
डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने कहा कि मेकर्स ट्रोलिंग के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि ट्रोलिंग उस फिल्म पर आधारित हो जिसे दर्शकों ने असल में देखा है.
ट्रोलिंग पर मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी
मेकर्स का कहना है, 'ट्रोलिंग फिल्म मेकिंग का हिस्सा है और हमारी फिल्म से जुड़े किसी भी व्यक्ति को यह उम्मीद नहीं है कि हर किसी की राय एक जैसी ही हो. लेकिन आलोचना उस फिल्म की होनी चाहिए जिसे लोगों ने असल में देखा हो. जब प्रमोशनल आर्टवर्क, एडिट की गई तस्वीरें या फिल्म के कुछ हिस्से इस बात के सबूत के तौर पर फैलाए जाने लगें कि फिल्म में कुछ खास हो रहा है. तो फिल्ममेकर्स के तौर पर हमें यह हक है कि हम दर्शकों के सामने असली फुटेज रखें. हमारी गुजारिश बहुत आसान है. फिल्म देखें और फिर हमें परखें.'
ट्रोलिंग पर क्या बोलीं 'कच्चा बादाम गर्ल'
वहीं, दूसरी ओर 'कच्चा बादाम गर्ल', जो फिल्म में सीता का रोल निभा रही हैं. एक्ट्रेस अंजलि अरोड़ा ने भी अपनी कास्टिंग को लेकर हो रही आलोचना पर बात की. उन्होंने कहा कि उनके पुराने काम की वजह से दर्शकों ने उनकी परफॉर्मेंस देखे बिना ही उन्हें जज करना शुरू कर दिया था. जिस दिन मेरी कास्टिंग हुई, तभी से कुछ लोगों ने बिना एक भी सीन देखे यह तय कर लिया था कि मेरी सीता कैसी होगी? मैंने हमेशा एक ही बात कही, अंजलि के बारे में अपनी राय से सीता को जज न करें. स्क्रीन पर किरदार को देखें. अगर आप पूरी फिल्म देखते हैं और फिर भी आपको लगता है कि मैंने किरदार के साथ जस्टिस नहीं किया, तो मैं उस राय का सम्मान करूंगी. लेकिन पहले फिल्म तो देखें.'
अंजलि ने थिएटर में ऑडियंस के रिएक्शन के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, 'हमें इस बात से खुशी हो रही है कि परिवार एक साथ आ रहे हैं. बच्चे रामायण के बारे में सवाल पूछ रहे हैं और माता-पिता फिल्म देखने के बाद उनसे कहानी पर डिस्कस कर रहे हैं. दर्शकों की यही रिएक्शन हमारे लिए बहुत मायने रखती है.' बता दें कि फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा-श्री राम की' अभी थिएटर में है.