एक्टिंग की आड़ में सियासत : Mahabharat के युधिष्ठिर का इमरान खान पर तंज- ‘छिपे गद्दार आ रहे सामने’, अशोक पंडित बोले- अशांति की साजिश!
Imran Khan : आमिर खान के भांजे और बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को मुंबई पुलिस और FRRO द्वारा 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया है. सरकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उनकी अमेरिकी नागरिकता और OCI कार्ड नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है. इस पर गजेंद्र चौहान और अशोक पंडित जैसे कलाकारों ने अपनी राय रखी है.
सोशल मीडिया और बॉलीवुड में इन दिनों एक बड़ा विवाद गहराता ही जा रहा है, जिसकी वजह 'आई हेट लव स्टोरीज' फेम एक्टर इमरान खान हैं. मुंबई पुलिस और विदेशी रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया है. दरअसल, इमरान खान हाल ही में सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जिसके बाद हुई जांच में उनकी नागरिकता का सच सामने आया है. आमिर खान के भांजे इमरान भले ही सालों से हिंदी सिनेमा में एक्टिव रहे हों, लेकिन वो मूल रूप से अमेरिकी नागरिक हैं और भारत में ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के जरिए रह रहे थे.
इस नोटिस के सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री दो ग्रुप में बंट गई. कोई उनके समर्थन में खड़ा है, तो कोई इस सरकारी कार्रवाई को बिल्कुल सही ठहरा रहा है. वहीं इस पूरे मामले पर 'महाभारत' में युधिष्ठिर का ऐतिहासिक किरदार निभाने वाले दिग्गज कलाकार गजेंद्र चौहान ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए इमरान खान को बहुत कुछ कहा है. उन्होंने इमरान खान को सीधे तौर पर देश का गद्दार करार दिया.
'24 घंटे के अंदर कर देना चाहिए बाहर'
एक्टर गजेंद्र चौहान ने सरकार के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, 'देश में छिपे गद्दारों को बाहर जाने के लिए कहा गया है और मुझे इस फैसले से खुशी हो रही है.' उन्होंने इमरान के करियर पर बात करते हुए कहा कि आमिर खान के भतीजे होने के नाते उन्होंने भारत में कई फिल्मों में काम किया, नाम कमाया, पैसा और पॉपुलैरिटी हासिल की, लेकिन इसके बावजूद वो विदेशी नागरिक बनकर ही रहे. गजेंद्र चौहान ने प्रशासन से मांग की है कि इमरान को 28 अक्टूबर तक की मोहलत देने के बजाए सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही इंडिया से बाहर भेज देना चाहिए.
'अशांति फैलाने की कोशिश'
रजा मुराद और गजेंद्र चौहान के अलावा फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी इस कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है और सरकार के इस कदम की तारीफ की है. उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा, 'मैं सच में बहुत खुश और एक्साइटेड हूं कि भारत सरकार ने उन्हें देश छोड़ने के लिए कहने का फैसला लिया है... इमरान खान इस देश में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. वो अपने अधिकारों के लिए लड़ने सड़कों पर आ गए, जबकि आपको ये भी नहीं पता कि आपके अधिकार क्या हैं. इसलिए, पहले खुद को शिक्षित करें... मुझे लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहा ये पूरा ड्रामा जानबूझकर रचा गया है और य देश के खिलाफ एक जंग है, जिसका मकसद देश में अशांति फैलाना है...'.
विरोध प्रदर्शन से बिगड़ी बात
इस विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब इमरान खान मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे. पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक, किसी राजनीतिक या प्रशासनिक विरोध प्रदर्शन में एक विदेशी नागरिक का शामिल होना रूल्स को ब्रेक करना है. इसी प्रोटेस्ट के दौरान जांच के बाद उनकी नागरिकता का मामला तूल पकड़ गया.
इमरान खान की कानूनी लड़ाई
इंडिया छोड़ने का अल्टीमेटम मिलने के बाद इमरान खान के सामने अब कानूनी और करियर के मोर्चे पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. एक तरफ जहां कुछ लोग इसे एक OCI कार्डधारक द्वारा नियमों के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थक इस फैसले से निराश हैं. फिलहाल, 28 अक्टूबर की तारीख पास आ रही है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इमरान खान को अदालती रास्ते से कोई राहत मिलती है या फिर उन्हें आखिरकार भारत को छोड़कर जाना पड़ेगा.