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इंडियन सिनेमा के सबसे जादुई और अनूठे गायक किशोर कुमार की आज 13 अक्तूबर को पुण्यतिथि है. उनकी यादें, उनकी बेमिसाल आवाज और उनके जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से आज भी उनके चाहने वाले लोगों के दिलों में जिंदा हैं. ऐसा ही एक बहुत ही फेमस और दिलचस्प किस्सा उनकी और ऋषिकेश मुखर्जी की क्लासिक फिल्म 'अभिमान' से जुड़ा है, जिसने हाल ही में अपनी गोल्डन जुबली पूरी की है. ये म्यूजिकल ड्रामा फिल्म एक ऐसे शादीशुदा जोड़े की कहानी है जहां पति-पत्नी दोनों गायक होते हैं, लेकिन सफलता मिलते हुए दोनों के बीच चीजें बदल जाती हैं और उनके रिश्तों में कड़वाहट आने लगती है. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और जया बच्चन मुख्य किरदार में नजर आए थे, जिन्होंने पर्दे पर अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों के मन में एक खास जगह बन ली थी.
इस सुपरहिट फिल्म के शुरुआत में कंपोजर सचिन देव बर्मन ने किशोर कुमार की आवाज का जादू बिखेरने का फैसला किया था. किशोर दा ने फिल्म के लिए दो बेहतरीन ड्यूट 'मीत ना मिला रे मनका' और 'तेरे मेरे मिलन की ये रैना' रिकॉर्ड भी कर दिए थे. इन गानों की रिकॉर्डिंग के दौरान सब कुछ नॉर्मल चल रहा था और किसी को इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि पर्दे के पीछे कुछ ऐसा होने वाला है,जो इस प्रोजेक्ट की कहानी ही बदल कर रख देगा.

कहानियों और कई रिपोर्ट्स के अनुसार, जब किशोर कुमार को ये पता चला कि जिस फिल्म के लिए वो अपनी आवाज दे रहे हैं, वो किसी और की नहीं, बल्कि उनकी खुद की जिंदगी पर आधारित है. दरअसल, फिल्म 'अभिमान' किशोर कुमार और उनकी पूर्व पत्नी उमा गुहा ठाकुरता के साथ उनके अपने उतार-चढ़ाव भरे और तनावपूर्ण मैरिड लाइफ पर बेस्ड थी. इस खबर को सुनते ही, सिंगर भीतर से पूरी तरह हिल गए और इस बात से आहत होकर उन्होंने इस प्रोजेक्ट में अपना काम बीच में ही रोकने का बड़ा फैसला किया, जिसके बाद उन्होंने फिल्म से अपने कदम पीछे खींच लिए.

किशोर कुमार के इस अचानक लिए गए फैसले के बाद कंपोजर एसडी बर्मन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई. सिंगर के जाने के बाद, फिल्म के बाकी बचे गानों के लिए एसडी बर्मन को दूसरे गायकों की तलाश करनी पड़ी. इसके बाद, फेमस गाना 'तेरी बिंदिया रे' के लिए मोहम्मद रफी की सुरीली आवाज को चुना गया, जबकि 'लूटे कोई मन का डगर' गीत को मनहर उधास ने अपनी मधुर आवाज दी. हालांकि, फिल्म के बाकी गानों में लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाज से ऐसा समां बांधा कि आज भी वो गाने लोगों की जुबान पर हैं.

किशोर कुमार की पर्लनल लाइफ के बारे में बात करें तो, सिंगर की प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा निजी जिंदगी सुर्खियों में रही, जो उनकी शादियां, कला और रोमांस के साथ-साथ उथल-पुथल से भरी थी. उमा गुहा ठाकुरता उनकी पहली पत्नी थीं, जिन्हें रूमा घोष के नाम से भी जाना जाता है. रूमा घोष एक एक्ट्रेस और सिंगर थीं, जिनसे किशोर कुमार ने कम उम्र में शादी की थी. लेकिन शादी के करीब 8 साल बाद ही दोनों के बीच की दूरियां और आपसी मतभेद इतने बढ़ गए कि उनका रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और दोनों ने अलग होने का फैसला ले लिया.

अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की फिल्म'अभिमान' की कहानी में जिस तरह एक पति अपनी पत्नी की बढ़ती शोहरत से असुरक्षित महसूस करने लगता है, उसकी कई परतें कहीं न कहीं किशोर कुमार और उमा गुहा ठाकुरता के टूटे हुए रिश्ते और अतीत के उन कड़वे पलों की याद दिलाती हैं, जिसने किशोर दा को भीतर से झकझोर कर रख दिया था. वहीं उमा से अलग होने के बाद, उन्होंने मधुबाला से दूसरी शादी की. लेकिन दिल में छेद होने के कारण जल्द ही एक्ट्रेस का निधन हो गया.

शादी के कुछ सालों बाद ही मधुबाला के निधन से किशोर कुमार पुरी तरह से टूट गए. लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हुए तीसरी बार शादी रचाई और अपना अकेलापन को दूर करने के लिए योगिता बाली को अपनी तीसरी पत्नी बनाया. मगर ये शादी भी ज्यादा दिन टिक नहीं पाई और 2 साल बाद ही टूट गई. बार- बार निजी जिंदगी में दुख झेलने के बाद किशोर कुमार ने लीना चंदावरकर से चौथी शादी की और साल 1987 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. आपको बता दें कि किशोर कुमार के दो बेटे हैं, अमित कुमार, जो उमा गुहा से जन्में हैं और दूसरा बेटा सुमित कुमार लीना चंदावरकर का बेटा है.