'बोलो ता रा रा...' सिंगर दलेर मेहंदी से जुड़ा वाकया सोशल मीडिया पर काफी तूल पकड़ चुका है, जहां पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस के दौरान उनके साथ हुए बर्ताव ने तहलका मचा दिया है. ये विवाद उस समय शुरु हुआ, जब राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा मंच पर ही सिंगर को ये कहकर टोकने और रोकने का मामला सामने आया कि वो शराब के नशे में हैं. इस घटना के बाद से ही पूरे देश की फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में नाराजगी देखने को मिल रही है, जिसको लेकर कई सिंगर और आर्टिस्ट गुस्से में हैं. वहीं अब इस विवाद में आर्टिस्ट की ढाल बनते हुए फिल्म और टेलीविजन की दुनिया की सबसे बड़ी संस्था FWICE खुलकर समर्थन में उतर आई है.
FWICE ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीधे देश के पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी को एक लेटर लिखा है. इस खत में ये साफ शब्दों में कहा गया है कि फेडरेशन इस बात को अच्छी तरह से जानती है कि दलेर मेहंदी शराब का सेवन करने वाले इंसान बिल्कुल नहीं हैं. फेडरेशन ने दोहराया कि ये जगजाहिर है कि दलेर मेहंदी इन दिनों स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ गंभीर दिक्कतों से जूझ रहे हैं और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई है, जिससे वो अभी रिकवर कर रहे हैं.
संस्था ने इस पत्र में आगे इस बात पर भी जोर दिया कि इवेंट प्लानर और मैनेजमेंट को अपनी जिम्मेदारी सही से निभानी चाहिए थी. लेकिन किसी भी प्रकार की चिंता या समस्या को इस तरह मंच पर सबके सामने नहीं उछाला जाना चाहिए. FWICE ने खत में लिखा, 'हम पब्लिक इवेंट्स को आसानी से कराने की अहमियत को समझते हैं, लेकिन ऐसी चिंताओं को पब्लिक में डांट-फटकार के बजाए सेंसिटिविटी और समझदारी से आपस में सुलझाना चाहिए'.
इसके साथ ही ये भी कहा गया कि ऐसे हालात में किसी भी कलाकार की सिचुएशन के बारे में बिना सोचे-समझे कोई भी नतीजा निकालने से पहले आराम से स्थिति को समझना और सुलझाना बेहद जरूरी है. 'किसी परफॉर्मर की भलाई से जुड़ी किसी भी चिंता को दया और प्रोफेशनलिज्म के साथ सुलझाया जाना चाहिए.'
भारतीय संस्कृति और संगीत जगत में दलेर मेहंदी के अहम और शानदार योगदान को याद करते हुए FWICE ने इस मामले पर दुख जताया है. इस लेटर में आगे इस बात का जिक्र करते हुए कहा गया 'श्री दलेर मेहंदी इंडियन म्यूजिक में एक बड़ा चेहरा हैं, जिनके गानों और परफॉर्मेंस ने उन्हें कई पीढ़ियों तक बड़े लेवल पर पहचान दिलाई है. इतने बड़े और सीनियर आर्टिस्ट की पब्लिक में बेइज्जती की घटना पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए बहुत दुख और हैरान करने वाली बात है'. FWICE ने आगे ये भी कहा कि एक कलाकार चाहे किसी भी दौर या हाल से गुजर रहा हो, उसके साथ हमेशा सही, गरिमापूर्ण और प्रोफेशनल तरीके से ही पेश आना चाहिए.
इस खत के आखिर में ऑफिशियल्स और पब्लिक रिप्रजेंटेटिव को ये नसीहत दी कि वो कलाकारों के साथ डीलिंग करते समय ज्यादा संवेदनशीलता दिखाएं. 'पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव और इवेंट ऑर्गनाइजर की ये पूरी जिम्मेदारी है कि किसी परफॉर्मर की हेल्थ या परफॉर्मेंस से जुड़ी किसी भी चिंता को ठीक से हैंडल किया जाए.' FWICE ने एक बार फिर अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि वो हमेशा से देश के कलाकारों, मजदूरों और परफॉर्मर्स के अधिकारों, उनकी भलाई और उनके साथ होने वाले सही बर्ताव के लिए ढाल की तरह खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे.