कौन हैं Drishyam 3 के लक्ष्मीकांत गायतोंडे? जो विजय सलगांवकर से करता है नफरत; 14 फिल्मों में निभाया पुलिसवाले का रोल
Drishyam 3 Inspector Laxmikant Gaitonde: ‘दृश्यम 3’ की बॉक्स ऑफिस पर आंधी के बीच इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाने वाले एक्टर एक बार फिर बड़े पर्दे के साथ-साथ सोशल मीडिया पर छा गए हैं. पर्दे पर 14 बार पुलिस का रोल निभा चुके इस एक्टर मे कैसे बनाई अपनी अलग पहचान और बॉक्स ऑफिस पर क्यों गूंज रहा है फिल्म का डंका?
फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ इन दिनों सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है और इसने चार दिनों में भारत में 200 और दुनियाभर में 300 करोड़ का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है. हर बार की तरह इस बार भी फिल्म में विजय सलगांवकर के साथ-साथ उससे नफरत करने वाले इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत गायतोंडे बड़े पर्दे के साथ-साथ सोशल मीडिया पर छा हुए हैं. इस रोल को निभाने वाले कमलेश सावंत ने एक बार फिर ऑडियंस का दिल जीत लिया है. विजय सालगांवकर के सबसे बड़े दुश्मन के किरदार में उन्होंने इस किरदार को हमेशा के लिए अमर बना दिया.
पर्दे पर पुलिसवाले के किरदार में उनकी एक्टिंग इतनी सधी और असली लगती है कि लोग उनके मुरीद हो गए. साल 2015 में आई पहली ‘दृश्यम’ से उन्हें घर-घर में पहचान मिली थी, लेकिन पुलिस की वर्दी पहनना उनके लिए नया नहीं है. उन्होंने कई फिल्मों में खाकी वर्दी को बेहद करीब से जिया है. कमलेश ने साल 2022 में ‘दृश्यम 2’ में भी अपने किरदार से लोगों के बीच अपनी खास पहचान बनाई थी. पर्दे पर वे किसी हीरो या सिंघम जैसे सुपरकॉप की तरह नहीं दिखते, बल्कि एक असली पुलिसवाले की तरह हारकर भी सच सामने लाने की पूरी कोशिश करते हैं.
14 फिल्मों में खाकी वर्दी का जलवा
कमलेश सावंत के पुलिस बनने का सफर साल 2004 में आई फिल्म ‘खाकी’ से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने एक कांस्टेबल का रोल निभाया था. इसके बाद उन्होंने ‘मुंबई मेरी जान’, ‘राइट या रॉन्ग’, ‘फोर्स’ और ‘भूतनाथ रिटर्न्स’ जैसी कई फिल्मों में अलग-अलग रैंक के पुलिस अफसरों के किरदार निभाए. अब तक वे 14 फिल्मों में पुलिसवाले का किरदार निभा चुके हैं. उन्होंने सिर्फ बॉलीवुड फिल्मों में काम नहीं किया, बल्कि वे मराठी सिनेमा, टीवी और थियेटर का भी एक बहुत बड़ा नाम हैं. उन्होंने मराठी सिनेमा में कई फिल्मों में काफी धमाकेदार काम कर अपनी पहचा बनाई.
बचपन से मिला डिसिप्लिन और बॉडीबिल्डिंग का साथ
उनकी मराठी फिल्मों में ‘एक क्रांतिवीर: वासुदेव बलवंत फड़के’, ‘रिंगा रिंगा’, ‘लालबाग परेल’ और ‘दगड़ी चाल’ जैसी फिल्मों के नाम शामिल है. 12 जून 1974 को मुंबई में जन्में कमलेश सावंत के पिता तुकाराम सावंत भारतीय रेलवे में क्लर्क और स्पोर्ट्स सेक्रेटरी थे. पिता ने ही कमलेश और उनके भाई को बॉडीबिल्डिंग करने के लिए इंस्पायर किया था. बचपन में मिली कसरत और सख्त डिसिप्लिन की इसी सीख ने आगे चलकर उनके एक्टिंग करियर में बहुत मदद की. उनकी मजबूत कद-काठी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से ही वे पुलिस के गंभीर किरदारों में एकदम फिट बैठते हैं.
बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ पार
मराठी टीवी शो ‘लक्ष्य’ में भी उनके काम को खूब सराहा गया, लेकिन गायतोंडे का रोल उनके करियर का सबसे यादगार रोल बन चुका है. दूसरी तरफ, 2 अक्टूबर को रिलीज हुई ‘दृश्यम 3’ बॉक्स ऑफिस पर हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है. फिल्म ने रिलीज के चौथे दिन यानी सोमवार को भारत में 21 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई 197.50 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 237 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. विदेशों में भी फिल्म की मजबूत पकड़ बनी हुई है. फिल्म ने चौथे दिन विदेश से 5 करोड़ रुपये बटोर.
सस्पेंस और फैमिली ड्रामा का तगड़ा कॉम्बिनेशन
भारत और विदेश मिलाकर फिल्म ने दुनियाभर में 303 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस कर लिया है. ‘दृश्यम 3’ की कहानी विजय सालगांवकर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने परिवार को बचाने के लिए एक बार फिर कानून, सुबूत और जुर्म के खतरनाक जाल में उतरता है. इस तीसरे पार्ट में भी परिवार के प्यार, मिस्ट्री और नए सस्पेंस का वही पुराना रोमांच देखने को मिल रहा है. कहानी में आए नए मोड़ों ने दर्शकों को सीटों से बांधकर रखा हुआ है. फिल्म की तेज रफ्तार कमाई और दर्शकों के शानदार रिस्पॉन्स से साफ है कि विजय और गायतोंडे की ये दिमागी जंग लोगों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह कामयाब रही है.