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अजय देवगन की सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाते हुए इतिहास रच दिया. अभिषेक पाठक के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने रिलीज के महज 12 दिनों के अंदर दुनिया भर में 500 करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार कर हर किसी को हैरान कर दिया. 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले ही दिन से ऑडियंस को बड़े पर्दे से बांधे रखा. ये अजय देवगन के पूरे करियर की पहली ऐसी फिल्म बन चुकी है, जिसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ का भारी-भरकम बिजनेस किया है.
इस जबरदस्त सक्सेस ने ‘दृश्यम’ सीरीज को भारतीय सिनेमा की सबसे कामयाब फ्रेंचाइजी की लिस्ट में सबसे ऊपर लाकर खड़ा कर दिया है. आम तौर पर 500 करोड़ क्लब में वही फिल्में जगह बना पाती हैं, जिनमें भारी-भरकम VFX, बड़े-बड़े सेट्स, रोमांस और जबरदस्त एक्शन होता है. मगर विजय सालगांवकर की इस दिमाग घूमा देने वाली कहानी ने साबित कर दिया कि अगर स्क्रीप्ले में दम हो, तो एक सीधी-सादी सस्पेंस थ्रिलर भी पूरी दुनिया की ऑडियंस को सिनेमाघरों तक खींच लाती है. फिल्म ने दूसरे हफ्ते के वीकडेज में भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी.

‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती की छुट्टी का पूरा फायदा उठाते हुए भारत में 62 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के साथ धमाकेदार शुरुआत की थी. शुरुआती रुझानों से ही साफ हो गया था कि लोग विजय सालगांवकर के परिवार की आगे की कहानी देखने के लिए बेताब थे. पहले ही वीकेंड में फिल्म ने भारत में 176.50 करोड़ रुपये नेट और दुनिया भर में 270 करोड़ रुपये ग्रॉस से ज्यादा की कमाई कर ली थी. इस शुरुआती रफ्तार ने फिल्म के लिए आगे का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया.
शुरुआती छुट्टी बीत जाने के बाद भी ऑडियंस की एक्साइटमेंट कम नहीं हुई और फिल्म लगातार भीड़ जुटाती रही. 12वें दिन तक आते-आते इस क्राइम थ्रिलर ने भारत में 323.50 करोड़ नेट और 387.80 करोड़ ग्रॉस का शानदार आंकड़ा छू लिया. वहीं, ओवरसीज मार्केट के सहयोग से फिल्म की कुल दुनिया भर में कमाई 501.80 करोड़ रुपये ग्रॉस तक पहुंच गई. सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि दूसरे सोमवार की नॉर्मल सी गिरावट के बाद मंगलवार को कमाई में 41.7 फीसदी का भारी उछाल देखा गया.
फिल्म ट्रेड और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी बॉलीवुड मर्डर मिस्ट्री या क्राइम थ्रिलर फिल्म के लिए 12 दिनों में इतनी शानदार कमाई कर पाना बिल्कुल नया है. ऑडियंस की तरफ से मिली जबरदस्त माउथ पब्लिसिटी ने फिल्म के लिए सबसे बड़े प्रमोशन का काम किया, बिल्कुल ‘हनुमान अंश’ की तरह. लोग सोशल मीडिया पर फिल्म के क्लाइमेक्स और नए ट्विस्ट की तारीफ करते नहीं थक रहे. सिनेमाघरों के बाहर लोगों की भीड़ बता रही है कि आने वाले दिनों में फिल्म और कमा सकती है.
500 करोड़ रुपये का ये जादुई आंकड़ा अजय देवगन के करियर के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हुआ. इससे पहले दुनिया भर में उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘सिंघम अगेन’ थी, जिसने साल 2024 में लगभग 372.50 करोड़ रुपये ग्रॉस बटोरे थे. अब ‘दृश्यम 3’ ने उस रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ दिया है. इस आंकड़े के पार जाते ही अजय देवगन के फिल्मी सफर का सबसे बड़ा किरदार बाजीराव सिंघम की जगह अब एक सिर्फ केबल ऑपरेटर विजय सालगांवकर बन चुका है, जिसे लोग बेहद प्यार दे रहे हैं.
अजय देवगन की ये सक्सेस इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इसमें न तो कोई उड़ती हुई गाड़ियां थीं और न ही कोई लार्जर देन लाइफ एक्शन सीन. पूरी फिल्म सिर्फ माइंड गेम्स, कोर्ट रूम ड्रामे और ह्यूमन इमोशन के इर्द-गिर्द घूमती है. पिछले दो पार्ट्स से ऑडियंस का जो इमोशनल जुड़ाव इस परिवार के साथ बना हुआ था, उसका पूरा फायदा इस तीसरे पार्ट को मिला. विजय सालगांवकर का शांत चेहरा और उसका तेज दिमाग एक बार फिर लोगों के दिलों में अपनी गहरी छाप छोड़ने में पूरी तरह कामयाब रहा.
इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फिल्म ने स्टारडम की एक नई परिभाषा तय कर दी है. अक्सर माना जाता है कि 500 करोड़ कमाने के लिए साउथ का कोई बड़ा मसाला डायरेक्टर या फिर सैकड़ों करोड़ का VFX बजट चाहिए होता है. मगर अजय देवगन ने एक लिमिटेड बजट और स्ट्रॉन्ग सब्जेक्ट मैटर के साथ ये मुकाम हासिल करके पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया है. ये फिल्म दिखाती है कि अगर एक्टर अपने किरदार में पूरी ईमानदारी से उतर जाए, तो ऑडियंस उस पर आंख मूंदकर भरोसा जताने को तैयार रहती है.

‘दृश्यम’ की शुरुआत सबसे पहले मलयालम सिनेमा में हुई थी, जिसे बाद में हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ जैसी कई दूसरी भाषाओं में इसे बनाया गया. हर भाषा में इस कहानी को ऑडियंस ने सिर आंखों पर रखा, लेकिन कमाई के मामले में कोई भी वर्जन 500 करोड़ के आंकड़े को छू नहीं सका. अब हिंदी वर्जन के तीसरे पार्ट ने इस पूरी फ्रेंचाइजी के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. मलयालम की ‘दृश्यम 3’ ने साल 2026 में 239.83 करोड़ रुपये ग्रॉस कमाए थे, जिसे हिंदी वजर्न ने काफी पीछे छोड़ दिया.
इससे पहले इस फ्रेंचाइजी में सबसे ज्यादा कमाई का मेडल साल 2022 में आई हिंदी की ‘दृश्यम 2’ के पास था, जिसने दुनिया भर में 342.31 करोड़ रुपये ग्रॉस का लाइफटाइम कलेक्शन किया था. इस नए पार्ट में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन और पुरानी टोली वापस लौटी, जिससे कहानी का मूल स्वभाव और किरदारों के बीच का टेंशन बिल्कुल पहले जैसा बना रहा. कलाकारों की इसी पुरानी केमिस्ट्री ने ऑडियंस को सिनेमाघरों में वही पुराना रोमांच और अपनापन महसूस कराया, जो पहले भाग से चला आ रहा है.
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंचाइजी की टॉप फिल्मों में अब ‘दृश्यम 2’ (हिंदी) 500 करोड़ से ज्यादा के साथ पहले नंबर पर काबिज हो चुकी है. दूसरे नंबर पर 342.31 करोड़ के साथ ‘दृश्यम 2’ (हिंदी) और तीसरे नंबर पर 239.83 करोड़ के साथ ‘दृश्यम 3’ (मलयालम) मौजूद है. ये आंकड़े साफ बताते हैं कि हिंदी दर्शकों के बीच इस कहानी की पॉपुलैरिटी किस कदर बढ़ चुकी है. रीजनल सिनेमा से निकलकर एक कहानी का इस लेवल पर वर्ल्डवाइड बिजनेस करना इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक इंस्पायरिंग मैसेज है.
साल 2026 के भारतीय बॉक्स ऑफिस के सालाना आंकड़ों पर नजर डालें, तो ‘दृश्यम 3’ की ये छलांग बेहद हैरान कर देने वाली है. इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ 1,813.39 करोड़ रुपये के बड़े कलेक्शन के साथ पहले पायदान पर अपनी जगह बनाई. मगर उसके ठीक पीछे दूसरा स्थान हासिल करने की रेस में ‘दृश्यम 3’ ने सबको पछाड़ दिया. इसने हाल ही में रिलीज हुई बड़ी फिल्मों ‘बॉर्डर 2’ और ‘हनुमान अंश’ को भी काफी पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान अपने नाम सिक्योर कर लिया है.
साल 2026 की टॉप फिल्मों की लिस्ट में हिंदी सिनेमा का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है, जहां पहले चार स्थानों पर हिंदी फिल्में ही काबिज हैं. 450.20 करोड़ रुपये कमाने वाली ‘बॉर्डर 2’ अब तीसरे स्थान पर खिसक गई है, जबकि 436.85 करोड़ रुपये के साथ ‘हनुमान अंश’ चौथे नंबर पर बनी हुई है. वहीं, पांचवें पायदान पर तेलुगु सिनेमा की फिल्म ‘पेद्दी’ मौजूद है, जिसने दुनिया भर में 341.90 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की है. इस कांटे की टक्कर के बीच एक मर्डर मिस्ट्री का दूसरे नंबर पर पहुंचना बड़ी बात है.
ऑफिशियल बॉक्स ऑफिस लिस्ट के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ को छोड़ दें तो बाकी फिल्मों के बीच का अंतर काफी कम रहा है. हालांकि, ‘दृश्यम 3’ ने अपने आस-पास के कॉम्पिटेटिव फिल्मों पर एक मजबूत बढ़त बना ली है और जिस तरह से ये कमाई कर रही है, उम्मीद लगाई जा रही है कि ये 1000 करोड़ तक जा सकती है. ‘हनुमान अंश’ का परफॉर्मेंस भी अभी कुछ थिएटर्स में जारी है, जिससे उसके आंकड़ों में भी थोड़ा फेरबदल हो सकता है. मगर 500 करोड़ क्लब में एंट्री लेकर अजय देवगन की फिल्म ने अलग पहचान बनाई है.

‘दृश्यम 3’ की इस शानदार सक्सेस ने बॉलीवुड और पूरे भारतीय सिनेमा को एक बहुत बड़ा मैसेज दिया है. जब भी बॉक्स ऑफिस पर 500 या 1000 करोड़ की बात होती है, तो मेकर्स बड़े बजट, भारी एक्शन कोरियोग्राफी और स्पेशल इफेक्ट्स के पीछे भागने लगते हैं. मगर इस फिल्म ने साबित कर दिया कि लोग असल में एक अच्छी और बांधकर रखने वाली कहानी के भूखे हैं. जब कहानी में दम होता है और हर मोड़ पर नया सस्पेंस मिलता है, तो दर्शक खुद ब खुद सिनेमाघरों का रुख करते हैं और फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना देते हैं.
इस पार्ट की सबसे बड़ी यूएसपी ये रही कि लोग ये जानने के लिए सबसे ज्यादा एक्साइटेड थे कि इस बार विजय सालगांवकर कानून और जांच एजेंसियों के शिकंजे से अपने परिवार को कैसे बचा पाता है. पिछली दो फिल्मों की तरह इस बार भी पुलिस की नई जांच और विजय की चालाकी के बीच चूहे-बिल्ली का जबरदस्त खेल देखने को मिला. यही वजह रही कि फिल्म का सस्पेंस लोगों की जुबान पर चढ़ गया. ऑडियंस ने थिएटर्स से बाहर आकर कहानी के ट्विस्ट को छुपाए रखा और दूसरों को खुद जाकर देखने की सलाह दी.
फिल्म का ये शानदार सफर सिर्फ टिकट विंडों के चंद आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये कंटेंट ड्रिवेन सिनेमा की बहुत बड़ी जीत है. इसने ये भ्रम पूरी तरह तोड़ दिया है कि सिर्फ मास एक्शन और शोर-शराबे वाली फिल्में ही बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक टिक सकती हैं. एक शांत, गंभीर और उलझे हुए केस को सुलझाने वाली ये कहानी आने वाले कई सालों तक केस स्टडी के तौर पर याद रखी जाएगी. विजय सालगांवकर की इस आखिरी बाजी ने साबित कर दिया कि दिमाग की ताकत हमेशा दिखावे पर भारी पड़ती है.