)
दीवाली आते ही मुंबई में पिछले 24 घंटे के अंदर एक बड़ा सियासी और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया. दरअसल, पॉल्यूशन कम करने के मकसद से मुंबई नगर निगम ने एक नया जागरूकता अभियान चलाया था, जिसके तहत फिल्म एक्ट्रेस दीया मिर्जा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लोगों से ‘पटाखों से दूरी’ बनाने और हवा साफ रखने की अपील की थी, लेकिन एनवायरनमेंट बचाने की ये बात बहुत जल्द विवाद की वजह बन गई. नेताओं से लेकर आम जनता के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और विवाद इतना बढ़ गया कि राजनीतिक दबाव के बीच नगर निगम को आखिरकार वो वीडियो हटाना पड़ा.
द इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, दीया मिर्जा फिल्मों के साथ-साथ अक्सर एनवायरनमेंट से जुड़े मामलों पर भी खुलकर अपनी बात रखती आई हैं. BMC ने दिवाली के मौके पर हवा को साफ रखने और शोर-शराबे से लोगों को बचाने के लिए एक खास मुहिम शुरू की थी. इस मुहिम में दीया के अलावा माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी शामिल हुए थे. इन सभी सितारों ने मुंबई के लोगों से पॉल्यूशन-फ्री सिक्योर दिवाली मनाने की अपील की थी, मगर हैरानी की बात ये है कि महज 24 घंटे के अंदर लोगों का सारा गुस्सा अकेले दीया मिर्जा के वीडियो पर फूटा, जबकि बाकी हस्तियों के मैसेज सोशल मीडिया पर वैसे ही बने रहे.
🚨Dia Mirza's Statement About Firecrackers On Diwali BMC takes down actor Dia Mirza’s Diwali awareness video following objections from BJP Mumbai president Ameet Satam. #DiaMirza https://t.co/o7oE1ORO8s
— Socialist Indian (@yourshreya007) November 2, 2026
इस विवाद की शुरुआत रविवार सुबह 8 बजे के आस-पास हुई, जब BMC ने दीया मिर्जा का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयप किया. वीडियो के साथ कैप्शन में बाम्बे हाईकोर्ट के उन स्ट्रिक्ट इंस्ट्रक्शन्स का हवाला दिया गया था, जिनके तहत पब्लिक रोड्स, स्ट्रीट्स और फुटपाथों पर दीवाली के पटाखे चलाने पर पाबंदी की बात कही गई थी. वीडियो में दीया मिर्जा ने मुंबई के लोगों से ये अपील की थी कि वे दीवाली के त्योहार की खुशी रोशनी और गुडविल के साथ मनाएं, न कि हवा को पटाखों से दूषित करके. BMC के मुताबिक, दीया मिर्जा ने इस मैसेज को लोगों तक पहुंचाने के लिए कोई पैसा नहीं लिया था और फ्री में ये वीडियो रिकार्ड कर भेजा था.
BMC ने जैसे ही अपने ऑफिशियल अकाउंट से ये वीडियो शेयर किया, वैसे ही मुंबई BJP अध्यक्ष और विधायक अमित सातम का पारा चढ़ गया. उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया एक्स पर BMC को टैग करते हुए साफ शब्दों में कहा, ‘हमें दीया मिर्जा से ये सीखने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनानी चाहिए’. सातम ने आगे लिखा, ‘हमारे रीति-रिवाज और परंपराएं हमारे कल्चर का अटूट हिस्सा हैं’. उन्होंने ये तीखा सवाल भी दागा कि आखिर कुछ जाने-माने चेहरों को सिर्फ हिंदू त्योहारों के समय ही एनवायरनमें का ज्ञान क्यों याद आता है? सातम ने इसे हमारे सनातन धर्म पर बेवजह की नसीहत बताया, जिसके बाद से पूरे सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छिड़ चुकी है.
The Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) has removed a video featuring actor Dia Mirza from its pollution-free Diwali campaign after Mumbai BJP chief Ameet Satam objected to her inclusion, sparking a political controversy over the civic body's awareness drive. #DiaMirza #DiwaliVideo #BJP #BMC #AmeetSatam #DNA
— DNA (@dna) November 2, 2026
अमित सातम के कड़े विरोध के बाद रविवार रात BMC में अच्छी-खासी हलचल मच गई. खबर के मुताबिक, विरोध शुरू होते ही कुछ ही घंटों के अंदर नगर निगम ने दीया मिर्जा का वीडियो चुपचाप अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया, जबकि माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे के वीडियो वैसे के वैसे ही सोशल मीडिया हैंड पर डले रहे. हैरानी की बात ये रही कि BMC ने इस कदम पर अपनी तरफ से कोई भी सफाई या बयान जारी नहीं किया. ऐसे में अधिकारियों की इस चुप्पी ने मामले को और ज्यादा भड़का दिया. अब लोग खुलकर सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं या फिर ये BMC की कमजोरी है?
इस पूरे मामले पर शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने पीटीआई से बात करते हुए अपनी बात काफी बेबाकी से रखी. उन्होंने कहा, ‘दीवाली तो सीधे तौर पर रोशनी और खुशियों का त्योहार है. दीया मिर्जा, जिनके अपने नाम में ही दीया जुड़ा हुआ है, उन्हें ये बात समझनी चाहिए कि इस पर्व से हमारी पहचान और संस्कृति गहराई से जुड़ी है. हम में से कोई भी प्रदूषण फैलाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन मुंबई के लोगों को किसी और से ये सीखने की कतई जरूरत नहीं है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं’. शाइना एनसी के इस दो टूक बयान से साफ झलकता है कि मुंबई में त्योहारों के तौर-तरीकों को लेकर लोगों की भावनाएं कितनी ज्यादा जुड़ी हुई हैं.
#WATCH | Maharashtra: On the controversy over Actress Dia Mirza's pollution-free Diwali campaign, Mumbai Mayor Ritu Tawde says, "If we look at Dia Mirza’s entire profile, we see that she has opposed the Narmada project and the Uniform Civil Code (UCC). She has also spoken against efforts to address the environmental crisis—an area in which we ourselves have been working. She has even opposed statements made by Prime Minister Narendra Modi. Consistently, her opposition appears to be directed against Hindutva. Regarding how Hindus should celebrate Diwali—we certainly do not need Dia Mirza to teach us. We know how to celebrate our own Diwali. You should focus on your selective agenda. The full picture is clear: you are against Hindutva. That is why we have strongly opposed her video; we do not need her to instruct us, as Hindus, on how to celebrate Diwali..."
— ANI (@ANI) November 2, 2026
दीया मिर्जा की पॉल्यूशन-फ्री दिवाली वाली अपील को मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी कड़ा ऐतराज जताते हुए साफ कहा कि दीया मिर्जा का रिकॉर्ड हमेशा से एकतरफा रहा है. उन्होंने पहले भी नर्मदा प्रोजेक्ट और समान नागरिक संहिता का विरोध किया था. मेयर ने आरोप लगाया कि दीया मिर्जा सिर्फ हिंदू त्योहारों के समय ही ज्ञान देने आ जाती हैं, जबकि हिंदुओं को ये सिखाने की कतई जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनाई जाए. उन्होंने कहा कि दीया का ये रवैया सीधे-सीधे हिंदुत्व के विरोध से जुड़ा लगता है और उन्हें अपना ये चुनिंदा एजेंडा बंद करना चाहिए. मुंबई की मेयर रितु तावड़े का ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर हो रहा है, जिस पर काफी रिएक्शन भी आ रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री और आरपीआई नेता रामदास आठवले ने इस मामले पर अपनी बात रखते हुए कहा, ‘दीया मिर्जा एक जानी-मानी एक्ट्रेस हैं और मुस्लिम परिवार से आती हैं, लेकिन ये बात किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है’. उनका कहना था कि हमारा संविधान हर इंसान को अपने रीति-रिवाज खुशी से निभाने का पूरा अधिकार देता है, जिस तरह सब मिलकर ईद का सम्मान करते हैं, ठीक उसी तरह हिंदू समाज भी दीवाली मनाता है. अगर दीवाली पर पटाखे और आतिशबाजी ही नहीं होगी, तो त्योहार की असली रौनक और उमंग फीकी पड़ जाएगी. हां, इसके साथ ही हमें बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी सचेत रहने की जरूरत है, लेकिन उसके और भी तरीके हो सकते हैं.
On the controversy over her pollution-free Diwali campaign, Actress Dia Mirza to ANI says, "...Why should anyone be critical of a video that the Honourable Bombay High Court and BMC have made me record in public interest? Air Pollution is an area of concern and all efforts to reduce pollution should be welcomed because its a matter of public health..." (file pic)
— ANI (@ANI) November 2, 2026
BMC की तरफ से वीडियो हटाए जाने और लगातार हो रही ट्रोलिंग के बाद दीया मिर्जा ने भी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपनी बात रखी. सोशल मीडिया पर अपना दर्द बांटते हुए उन्होंने साफ कहा, ‘इसके लिए मैंने कोई पैसे नहीं लिए थे, सच में अब भलाई का जमाना ही नहीं रहा’. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दो-टूक सवाल उठाया कि भला कोई उस वीडियो का विरोध क्यों करेगा, जिसे बॉम्बे हाई कोर्ट के कहने पर और BMC की खास अपील पर लोगों की भलाई के लिए बनाया गया था. दीया ने कहा कि हवा में फैला प्रदूषण पॉल्यूशन बहुत बड़ी परेशानी बन चुका है और इससे निपटने की हर कोशिश का दिल से वेलकम होना चाहिए, क्योंकि ये बात सीधे हम सबकी हेल्थ से जुड़ी है.
दीया मिर्जा के जवाब के बाद मुंबई की मेयर रितु तावडे ने मीडिया से बात करते हुए दीया पर कई तीखे आरोप लगाए और उन्हें हिंदुत्व विरोधी बताया. उन्होंने कहा, ‘दीया हमेशा देश को बांटने वाली ताकतों के साथ खड़ी दिखती हैं. नीट परीक्षा से लेकर कई मुद्दों पर वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर चुकी हैं. हम हिंदुओं को उनसे दिवाली मनाने का तरीका सीखने की कोई जरूरत नहीं है, वो बस अपना एक तरफा एजेंडा चला रही हैं’. इसके साथ ही मेयर ने ये भी साफ कर दिया कि BMC के किसी भी इवेंट या पोर्टल पर अब दीया को शामिल नहीं किया जाएगा. हालांकि, डिप्टी मेयर संजय घाडी इस फैसले के खिलाफ नजर आए और बोले कि दीया की बात में कुछ भी गलत या आपत्तिजनक नहीं था.
#WATCH | Maharashtra: On the controversy over Actress Dia Mirza's pollution-free Diwali campaign, Mumbai Mayor Ritu Tawde says, "We will not include her in any program—certainly not on the official BMC portal. She cannot join in any other event organised by us, given that she trolls our PM Narendra Modi... As the Mayor—and representing the Bharatiya Janata Party—our position is clear: we will not allow anyone who opposes Hindutva to appear on the official BMC portal..." She adds, "Mumbai is a city that embraces all castes, religions, and sects, and I work for everyone. Our agenda is rooted in Hindutva. If anyone speaks against Hindutva—regardless of their caste, religion, or sect—they will be met with a firm response."
— ANI (@ANI) November 2, 2026
देखते ही देखते 24 घंटे के अंदर इस पूरे मामले ने तगड़ा सियासी रंग ले लिया. मुंबई कांग्रेस की चीफ वर्षा गायकवाड ने BMC पर सीधा आरोप लगाया कि वो BJP के दबाव में काम कर रही है. उन्होंने मांग रखी कि म्युनिसिपल कमिश्नर को फौरन कुर्सी से हटाया जाए और BMC सबके सामने दीया मिर्जा से माफी मांगकर उनका वीडियो फिर से पोस्ट करे. दूसरी तरफ शिवसेना यूबीटी की नेता किशोरी पेडनेकर और एनसीपी प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या BMC अब BJP दफ्तर से चलने लगी है. वहीं, AIMIM के वारिस पठान ने भी सवाल उठाया कि जब माधुरी दीक्षित और बाकी सितारों के वीडियो से कोई ऐतराज नहीं था, तो क्या दीया को सिर्फ उनके ‘मिर्जा’ सरनेम की वजह से निशाना बनाया गया.
पिछले 24 घंटे में जो कुछ हुआ, वो इस तरह था कि रविवार सुबह BMC ने दीया मिर्जा का वीडियो जारी कर पटाखों से दूर रहने की अपील की, लेकिन दोपहर होते ही BJP नेता ने इसे परंपरा पर ज्ञान बताकर तीखा विरोध जताया. शाम ढलते ही नगर निगम ने बिना कोई वजह बताए वीडियो हटा दिया, जिससे सियासी पारा गरमा गया. अगले ही दिन एक्ट्रेस ने दो-टूक जवाब देते हुए इसे पब्लिक हेल्थ का विषय बताया और कहा कि भलाई का जमाना नहीं रहा. मामला यहीं नहीं थमा, मुंबई मेयर ने उन्हें सीधे तौर पर ब्लैकलिस्ट करने का एलान कर दिया, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने कमिश्नर को हटाने की मांग तेज कर दी. महज 24 घंटों में जागरूकता की ये सीधी पहल सत्ता, अस्मिता और सियासत के घमासान में बदल गई.