)
महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी अहम खबर सामने आई है. नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर इस समय बड़ी हलचल मची है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने लगी है. एनसीपी की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है. इस बीच पार्टी की कोर कमेटी की एक अहम बैठक भी हुई. यह बैठक ऐसे समय पर हुई है, जब सोमवार (02 नवंबर) को एनसीपी के कुछ नेताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी.
दरअसल, नई दिल्ली में एनसीपी नेताओं की गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा हो गई. इसी के बाद माना जाने लगा कि सुनेत्रा पवार की पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. इसी को देखते हुए मंगलवार (03 नवंबर) की शाम को एनसीपी चीफ और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने सभी विधायकों की बैठक बुलाई है.
मंगलवार सुबह एनसीपी कोर कमिटी की एक अहम बैठक हुई, जिसमें कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्थ पवार के काम करने के तरीके पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई. सूत्रों की मानें, तो एनसीपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि पार्टी में मनमानी चल रही है और कई दिग्गजों की अनदेखी की जा रही है.
बताया जा रहा है कि इस नाराजगी की वजह हाल में ही पार्टी की ओर से लिए गए कुछ फैसले हैं. बताया जाता है कि कोर कमेटी के सदस्यों की सलाह लिए बिना ही पार्टी के कई अहम पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई. इसमें एक फैसला जीशान सिद्दीकी से जुड़ा हुआ भी है, जिन्हें पार्टी के मुंबई इकाई का अध्यक्ष बना दिया गया. इसके साथ ही उमेश पाटिल को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया.
सूत्रों के अनुसार, इस पार्टी कोर कमिटी की बैठक में एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने एक सवाल किया और पूछा कि मुंबई के राजनीतिक परिदृश्य में 36 विधायक आते हैं. ऐसे में इतने बड़े शहर में क्या केवल जीशान सिद्दीकी को अध्यक्ष बनाना सही है. सूत्रों ने दावा किया कि इस दौरान पार्टी के कुछ नेताओं ने पार्थ पवार से कहा कि पार्टी ऐसे नहीं चलती है. पार्टी में सभी सदस्यों को साथ लेकर चलना होता है.
बैठक में तय किया गया कि आने वाले समय में कोई भी बड़ा फैसला अकेले नहीं लिया जाएगा. सभी फैसले अनुभवी नेताओं की सलाह और चर्चा के बाद ही लिए जाएंगे. सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी फैसला मनमानी से नहीं होगा. उचित तालमेल बिठाकर ही आगे के फैसले लिए जाएंगे.
गौरतलब है कि पार्टी की कोर कमिटी की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई हालिया मुलाकात पर चर्चा की गई. नेताओं ने इस दौरान बताया कि शाह के सामने उनकी क्या मांगें थीं. इसमें सबसे बड़ी मां वित्त विभाग की थी. गृह मंत्री शाह से मिलने वाले नेताओं ने कहा उन्हें जल्द से जल्द वित्त विभाग मिलना चाहिए. इसके अलावा नेताओं ने स्पष्ट किया कि NCP के दोनों गुटों के बीच कोई विलय या एकीकरण नहीं होना चाहिए.
माना जा रहा है कि एनसीपी में उठ रहे विवादों को सुलझाने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं. आज शाम सभी विधायकों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई है. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से नेताओं और विधायकों के बीच बातचीत का सिलसिला समाप्त हो गया था. सुनेत्रा पवार की ओर से बुलाई गई इस बैठक का उद्देश्य इसी बातचीत की फिर से शुरुआत करना है. माना जा रहा है कि पार्टी में शुरू हो रहे आंतरिक कलह को शुरू में ही ठीक करने की कोशिश में पार्टी लग गई है, जिससे भविष्य में परेशानी न हो. (रिपोर्ट- सीमा आदे)