क्या है कनाडाई डॉक्यूमेंट्री 'Mayday'? जानिए विमान हादसों की इनसाइड स्टोरी दिखाने वाले शो के बारे में
फ्लाईदुबई की एक उड़ान में अचानक ऐसी स्थिति बनी, जब एक यात्री के लिए टीवी शो में देखी जानकारी काम आई. बता दें कि विमानन हादसों पर आधारित इस कनाडाई शो से मिली समझ के जरिए यात्री ने सही समय पर कदम उठाया, इसके चलते ही 174 लोगों की जान बची.
हवाई हादसों पर बनी कनाडाई डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'मेडे' (Mayday) 174 यात्रियों और क्रू सदस्यों को ले जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में हवा में हुई इमरजेंसी के दौरान असल जिंदगी में मददगार साबित हुई. दरअसल, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही विमान को हाइजैक करने की कोशिशों के बीच खूंखार कहानी सामने आई. कॉकपिट के भीतर एक पायलट ने अपने साथी पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर ताबड़तोड़ वार किया जिससे वो खून से लथपथ हो गए थे. भारतीय मूल के इस कप्तान ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार वार के बीच कॉकपिट खोलकर यात्रियों को स्थिति से रूबरू कराया, जिसके बाद कुछ और लोगों ने साहस दिखाया और विमान को सऊदी के तबूक एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया.
लेकिन आपको जानकार बहुत हैरानी होगी कि फ्लायदुबई की उड़ान में ये ऐसी स्थिति बनी, जिससे यात्री को एक कनाडाई डॉक्यूमेंट्री 'मेडे' की याद आ गई. इसके बाद ही यात्री ने सही समय पर कदम उठाया और 174 लोगों की जान बचाने में मदद की. जिस टीवी शो की हम बात कर रहे है, उसका नाम है 'मेडे'. बता दें कि यह एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज है, जिसमें दुनियाभर के विमान हादसों के पीछे छिपे राज को दिखाया जाता है. साथ ही इसमें विमान हादसों और उनके पीछे की वजहों को भी डिटेल में दिखाया जाता है.
फ्लाईदुबई पैसेंजर ने 'Mayday' से सीखा था ये तरीका
बुधवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उन डरावने पलों के बारे में बताते हुए यानीव ने कहा कि हमलावर को विमान के कंट्रोल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते देख वह कॉकपिट में दाखिल हुए. उन्होंने उस व्यक्ति को दूर खींचा और साथ के इजराइली यात्रियों से उसे काबू करने में मदद करने को कहा. लेकिन जब यानीव को एहसास हुआ कि विमान अचानक तेजी से एक तरफ झुक रहा है, तो वह तुरंत वापस कॉकपिट में गए और कंट्रोल को संभाला. उन्होंने कहा, 'मैं वापस अंदर गया, कंट्रोल पकड़े और उन्हें खींचने लगा.' जब उनसे पूछा गया कि उन्हें कैसे पता चला कि क्या करना है, तो यानिव का जवाब बहुत ही आसान था. 'मैं 'मेडे' (Mayday) देखता हूं.'
बता दें कि टोरंटो की सिनेफ्लिक्स प्रोडक्शंस द्वारा बनाई गई और नेशनल ज्योग्राफिक पर इंटरनेशनल लेवल पर प्रसारित होने वाली इन्वेस्टिगेटिव सीरीज 'मेडे' ऐतिहासिक विमान हादसों की तह तक जाने के लिए आधिकारिक फ्लाइट डेटा रिकॉर्डिंग, चश्मदीदों के बयानों और CGI रीकंस्ट्रक्शन का इस्तेमाल करती है.
क्या है कनाडाई डॉक्यूमेंट्री 'Mayday'?
टेलीविजन पर दो दशकों से ज्यादा समय से चल रही 'मेडे' ने अपनी तकनीकी सटीकता के लिए पहचान बनाई है. इसने हाल के विमानन इतिहास के सबसे उल्लेखनीय मिड-एयर इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक रियल-टाइम विज़ुअल गाइड के तौर पर भी काम किया है. एक इन्वेस्टिगेटिव एविएशन सीरीज के तौर पर शुरू हुई 'मेडे' ने 3 सितंबर, 2003 को टेलीविजन पर अपनी शुरुआत की थी. यह शो कमर्शियल एयरलाइन दुर्घटनाओं, बाल-बाल बचे हादसों और हवा में विमान हाईजैक की घटनाओं का गहराई से और फॉरेंसिक विश्लेषण पेश करता है.
हर एपिसोड में क्रैश इन्वेस्टिगेटर, एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट और चश्मदीद उन घटनाओं की कड़ी को फिर से जोड़ते हैं जिनकी वजह से संकट पैदा हुआ था. इसमें कॉकपिट कम्युनिकेशन, फ्लाइट डेक इंस्ट्रूमेंट्स और मैकेनिकल इमरजेंसी प्रोटोकॉल पर खास तौर पर ध्यान दिया जाता है.
हादसे में डॉक्यूमेंट्री ने कैसे किया प्रेरित
30 सितंबर, 2026 को फ्लाईदुबई की इमरजेंसी के दौरान कैप्टन मच्छर के अंदर से दरवाजे का बोल्ट खोलने में सफल होने के बाद यात्री यानीव हयून कॉकपिट में दाखिल हुए. विमान के तेजी से नीचे गिरने के दौरान हयून ने मुख्य फ्लाइट कंट्रोल खासकर कंट्रोल कॉलम या योक को पहचान लिया. क्योंकि उन्होंने 'मेडे' (Mayday) पर फ्लाइट के एपिसोड को विस्तार से रीकंस्ट्रक्शन कई सालों तक देखा था. शो में दिखाए गए बुनियादी तरीकों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने विमान को तेजी से नीचे गिरने (स्टीप डाइव) से बचाने और उसे सीधा करने के लिए योक को पीछे खींचा. साथ ही इमरजेंसी प्रोसेस शुरू होने तक विमान के अगले हिस्से (नोज) को ऊपर बनाए रखा.
हालांकि, टीवी शो ने यात्री को स्थिति की जानकारी दी, लेकिन फ्लाइट को बचाने का मुख्य श्रेय कैप्टन स्मित मच्छर की पेशेवर बहादुरी को जाता है. लगभग 10,000 घंटे की उड़ान का अनुभव रखने वाले कैप्टन मच्छर चाकू लिए हुए को-पायलट को काबू में करने के दौरान बुरी तरह घायल हो गए थे. जख्मी होने के बाद भी मच्छर ने कॉकपिट के मजबूत दरवाजे को खोलने तक विमान पर अपना कंट्रोल बनाए रखा, जिससे क्रू मेंबर और यात्री बीच-बचाव कर सके और एक भयानक दुर्घटना को रोक सके.
'मेडे' के प्रोडक्शन और दुनिया भर में अलग-अलग नाम
बता दें कि 'मेडे' (Mayday) के प्रोडक्शन और दुनिया भर में इसके अलग-अलग नामों की बात करें तो कनाडा में इसे ओरिजिनल नाम 'मेडे' से बनाया गया था. लेकिन अलग-अलग देशों में इसे अलग-अलग नामों से दिखाया जाता है. यूके, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में इसे नेशनल ज्योग्राफिक पर 'एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन' (Air Crash Investigation) के नाम से दिखाया जाता है. इसमें ब्रिटिश एक्टर जोनाथन एरिस इसकी कमेंट्री करते हैं.
अमेरिका में यह सीरीज 'एयर डिजास्टर्स' (Air Disasters) या 'एयर इमरजेंसी' (Air Emergency) नाम से दिखाई जाती है. 24 से ज़्यादा सीजन में इस प्रोग्राम ने असल जिंदगी की सैकड़ों घटनाओं को दिखाया है और यह इन्वेस्टिगेटिव टेलीविजन का एक अहम हिस्सा बन गया है. भारत में 'एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन' जियोस्ट्रा पर स्ट्रीमिंग के लिए मौजूद है.