बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम एक बार फिर बेंगलुरु में अपनी आवाज का जादू बिखेरने के लिए तैयार हैं. हालांकि, शो से ठीक पहले एक पुराना विवाद फिर उनके सामने आकर खड़ा हो गया. पिछले साल मई 2025 में जब वे बेंगलुरु में लाइव शो कर रहे थे, तब मंच पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था. उस दौरान ऑडियंस की ओर से लगातार कन्नड़ में गाना गाने की डिमांड की जा रही थी. बार-बार हो रही इस जिद से सिंगर थोड़े अनकंफर्टेबल हो गए और उन्होंने पहलगाम हमले को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जो लोगों को बिल्कुल रास नहीं आया, जिसके बाद उनके खिलाफ काफी विरोध हुआ था.
उस पुराने बयान का असर ये हुआ कि कई जगहों पर सोनू निगम पर बैन लगाने की मांग उठने लगी थी और पुलिस में शिकायत तक दर्ज कराई गई थी. अब करीब डेढ़ साल के लंबे समय बाद जब सोनू निगम 24 अक्टूबर को उसी शहर में दोबारा परफॉर्म करने जा रहे हैं, तो कर्नाटक रक्षणा वेदिके नाम के संगठन ने विरोध जताते हुए शो की परमिशन को रद्द करने की मांग की. उनका कहना था कि सिंगर ने यहां के लोकल लोगों का अनादर किया है. इसी बीच माहौल को फिर से बिगड़ता देख सिंगर ने कोई बहाना बनाने के बजाय सीधे दिल से बात करना सही समझा और सामने आकर लोगों से माफी मांगने का फैसला किया.
ಗಾಯಕ ಸೋನು ನಿಗಮ್ ಇಂದು ನನ್ನೊಂದಿಗೆ ಮಾತಾಡಿದರು. ತಾವು ಹಿಂದೆ ಮಾಡಿದ ಒಂದು ಮಾತು ಕನ್ನಡಿಗರನ್ನು ಹೇಗೆ ನೋಯಿಸಿದೆ ಎಂಬುದು ಅವರಿಗೆ ಅರ್ಥವಾಗಿದೆ. ಬೇಷರತ್ತಾಗಿ ಕ್ಷಮೆ ಯಾಚಿಸುವುದಾಗಿ ಅವರು ಹೇಳಿದರು. ನಾನು ಹಿಂದೆಯೂ ಹೇಳಿದ್ದೇನೆ. ನಾವೆಲ್ಲರೂ ಸೋನು ನಿಗಮ್ ಅವರ ಹಾಡುಗಳನ್ನು ಇಷ್ಟಪಟ್ಟವರು. ಅವರ ಕುರಿತು ವೈಯಕ್ತಿಕವಾಗಿ ಯಾವ ದ್ವೇಷ, ಮುನಿಸು ನಮಗೆ ಇರಲಿಲ್ಲ. ಆ ಒಂದು ಮಾತನ್ನು ಅರಗಿಸಿಕೊಳ್ಳಲು ನಮ್ಮಿಂದ ಆಗಿರಲಿಲ್ಲ. ಅದಕ್ಕಾಗಿ ನಮ್ಮ ಪ್ರತಿಭಟನೆ, ಆಕ್ರೋಶ ಸಹಜವಾಗೆ ಇತ್ತು. ಇದೀಗ ಅವರು ಕ್ಷಮೆ ಯಾಚಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಇಲ್ಲಿಗೆ ಇದನ್ನು ಮುಗಿಸುವುದು ಒಳ್ಳೆಯದು. ಕ್ಷಮೆ ಕೇಳಿದವರನ್ನು ಕ್ಷಮಿಸುವುದು ಕನ್ನಡಿಗರ ಔದಾರ್ಯ, ಸಂಸ್ಕಾರ. ಘಂಟಸಾಲ, ಪಿ ಬಿ. ಶ್ರೀನಿವಾಸ್, ಯೇಸುದಾಸ್, ಎಸ್. ಜಾನಕಿ, ವಾಣಿ ಜಯರಾಮ್, ಚಿತ್ರಾ ಹೀಗೆ ಅದ್ಭುತ ಗಾಯಕರು ಕನ್ನಡಿಗರಲ್ಲದೆ ಇದ್ದರೂ ನಾವು ಅವರನ್ನು ಅಪಾರವಾಗಿ ಪ್ರೀತಿಸಿದ್ದೇವೆ. ಅವರು ನಮ್ಮ ಕನ್ನಡ ಚಿತ್ರಸಂಗೀತವನ್ನು ಶ್ರೀಮಂತಗೊಳಿಸಿದ ಮಹಾನುಭಾವರು. ಆ ಕೃತಜ್ಞತೆ ಸದಾ ಇರುತ್ತದೆ. ಸೋನು ನಿಗಮ್ ಕೂಡ ಇದೇ ಸಾಲಿನಲ್ಲಿ ಬರುವ ಮಹಾ ಗಾಯಕರಲ್ಲಿ ಒಬ್ಬರು. ಈ ಕಹಿಘಟನೆಯನ್ನು ಮರೆತುಬಿಡೋಣ. ಕರ್ನಾಟಕ ರಕ್ಷಣಾ ವೇದಿಕೆ ಈ ಹೋರಾಟವನ್ನು ಇಲ್ಲಿಗೆ ನಿಲ್ಲಿಸುತ್ತದೆ. ಇದು ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಒಂದು ಪಾಠ. ನಾನು ವೈಯಕ್ತಿಕವಾಗಿ ಸಂಗೀತ ಪ್ರೇಮಿ. ಸಂಗೀತ ಮನುಷ್ಯನ ಎಲ್ಲಾ ಸಂಕಟಗಳನ್ನು ಮರೆಸುವ ಸಂಜೀವಿನಿ. ಸೋನು ಅವರು ಇನ್ನಷ್ಟು ಕನ್ನಡ ಗೀತೆಗಳನ್ನು ಹಾಡಲಿ, ಕರ್ನಾಟಕದ ನೆಲದಲ್ಲಿ ಅವರ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಗಳು ನಡೆಯಲಿ. ಸಂಗೀತ ನಮ್ಮ ಬದುಕನ್ನು ಇನ್ನಷ್ಟು ಸಹನೀಯ ಗೊಳಿಸಲಿ, ಪ್ರೀತಿ ಗೆಲ್ಲಲಿ.
— ನಾರಾಯಣಗೌಡ್ರು.ಟಿ.ಎ | Narayanagowdru T.A. (@narayanagowdru) October 19, 2026
सोनू निगम ने कर्नाटक रक्षणा वेदिके के अध्यक्ष नारायण गौड़ा से सीधे संपर्क किया और एक इमोशनल वीडियो जारी कर सभी गिले-शिकवे दूर किए. उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते को बनाए रखने के लिए मन में घमंड नहीं बल्कि समझदारी का होना बहुत जरूरी है. अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते हैं और चाहते हैं कि वो रिश्ता जिंदगी भर चले, तो उसके लिए 1000 बार भी सॉरी बोलने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए. सोनू ने खुलकर कहा कि वे कर्नाटक की जनता से बहुत गहरा लगाव रखते हैं और अगर उनके किसी शब्द से किसी भी कन्नड़ भाई-बहन को दुख हुआ है, तो वह पूरे दिल से माफी मांगते हैं.
सिंग ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि कर्नाटक की धरती और वहां के श्रोताओं ने उन्हें करियर के शुरुआती दिनों से ही बेइंतहा प्यार और सम्मान दिया है. वे इस खास रिश्ते को अपनी जिंदगी में बहुत ऊंचा मुकाम देते हैं. उन्होंने ये भी माना कि कलाकार का काम लोगों को जोड़ना और खुशी देना होता है, किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं. जब इंसान अपने किए पर विचार करता है तो उसे अपनी भूल का अहसास हो ही जाता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि बेंगलुरु के लोग उनके इस कदम को समझेंगे और पुरानी कड़वाहट भुलाकर 24 अक्टूबर को होने वाले कॉन्सर्ट को काफी एंजॉय करेंगे.
सोनू निगम के इस सीधे और विनम्र रवैये के बाद कर्नाटक रक्षणा वेदिके के फाउंडर नारायण गौड़ा ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर बयान जारी कर मामले को शांत कर दिया. उन्होंने सिंगर की माफी एक्सेप्ट करते हुए लिखा, ‘हमारी सोनू निगम या उनके गानों से कोई दुश्मनी नहीं है. हम सब उनकी सिंगिंग को पसंद करते हैं, बस हमें उनके उस पुराने बयान से गहरी आपत्ति थी, जिससे कन्नड़ लोगों के सेल्फ-रिस्पेक्ट को चोट पहुंची थी. अब जब उन्होंने खुद सामने से पूरी विनम्रता से अपनी गलती मान ली है और माफी मांग ली है, तो इस पूरे मामले को अब यहीं पर हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए’.
नारायण गौड़ा ने अपनी पोस्ट में कन्नड़ संस्कृति की मिसाल देते हुए कहा कि जो इंसान सच्चे मन से अपनी भूल स्वीकार कर ले, उसे माफ कर देना ही हमारी परंपरा और उदारता है. इसलिए अब सोनू निगम के 24 अक्टूबर को होने वाले म्यूजिक कॉन्सर्ट का किसी भी तरह से विरोध नहीं किया जाएगा. संगठन के इस रुख के बाद अब बेंगलुरु में होने वाले कॉन्सर्ट का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. संगीत प्रेमियों को उम्मीद है कि ये शाम पूरी तरह से सुरों और भाईचारे के नाम रहेगी, जहां बिना किसी विवाद के लोग केवल संगीत का आनंद उठा सकेंगे.