Bigg Boss 20 Review: 'ये कौन हैं?' पूछ रहे दर्शक, क्या कमजोर कास्टिंग ने बिगाड़ दिया सलमान खान के शो का खेल?
Bigg Boss 20 Review: बिग बॉस सीजन 20 के ग्रैंड प्रीमियर के बाद सोशल मीडिया पर फूटा दर्शकों का गुस्सा. क्या फीकी कास्टिंग के कारण शो का रोमांच खत्म हो जाएगा? जानिए क्यों फैंस स्काउट और काजी तौकीर को एमसी स्टैन और आसिम रियाज की 'सस्ती कॉपी' बता रहे हैं.
Bigg Boss 20 Review: सलमान खान के फेमस रियलिटी शो 'बिग बॉस' का नाम सुनते ही दर्शकों के जेहन में बड़े सितारे, चर्चित चेहरे और घर के अंदर होने वाले जबरदस्त ड्रामे की तस्वीर बन जाती है, लेकिन 'बिग बॉस 20' की शुरुआत के साथ ही शो की कास्टिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं. 6 सितंबर की रात को सलमान खान की धमाकेदार वापसी के साथ ही बिग बॉस के 20वें सीजन का बिगुल बज चुका है. हालांकि, शो का नया घर बेहद चमचमाता हुआ तो नजर आ रहा है, स्टेज भी काफी भव्य था और कई नए ट्विस्ट का भी ऐलान किया गया, लेकिन जैसे-जैसे कंटेस्टेंट्स की घर में एंट्री हुई, तो एक बात शीशे की तरह साफ हो गई.
मेकर्स ने शो के सेट को सजाने-संवारने में जितनी कड़ी मेहनत की थी, वैसी रचनात्मकता और गहराई कंटेस्टेंट्स की कास्टिंग में बिल्कुल नजर नहीं आई. जिस शो में कंटेस्टेंट्स की पहली झलक देखकर ही दर्शक अगले तीन महीनों के ड्रामे और एंटरटेनमेंट की प्लानिंग करने लगते थे, इस बार वही दर्शक नए चेहरों को पहचानने की कशमकश में ही उलझे हुए हैं. ऐसा महसूस हो रहा है कि मानों बिग बॉस में एंट्री कोई योग्यता आधारित कास्टिंग नहीं, बल्कि सीधे सीट बुकिंग का मामला हो.
क्या केवल चंद चेहरों के दम पर बची है शो की लाज?
यह सच है कि बिग बॉस के घर का हर सदस्य कोई बड़ा सुपरस्टार नहीं हो सकता और न ही शो को हमेशा सिर्फ बेहद बड़े नामों की ही जरूरत होती है. लेकिन एक सबसे जरूरी बात यह है कि हर चेहरे के साथ एक दिलचस्प कहानी घर के भीतर आनी चाहिए. इस बार लीजेंडरी बॉक्सर मैरी कॉम की एंट्री अपने आप में एक अनोखा और बड़ा एक्सपेरिमेंट है. भोजपुरी स्टार आम्रपाली दुबे की भी अपनी एक बहुत मजबूत और वफादार फैन फॉलोइंग है. एक्टर आसिफ खान को दर्शक उनकी बेहतरीन एक्टिंग और काम के लिए जानते हैं, जबकि माही विज भी टेलीविजन जगत का एक बड़ा और जाना-पहचाना नाम हैं. इन चुनिंदा चेहरों को देखकर दर्शकों के मन में कम से कम यह सवाल तो नहीं उठता कि इन्हें क्यों बुलाया गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उनके अलावा बाकी बचे चेहरों का क्या?
क्या सच में पैसे देकर कंटेस्टेंट्स ने अपनी सीटें बुक की हैं?
शो के कई नए चेहरों की स्थिति यह है कि दर्शकों को पहले गूगल और सोशल मीडिया पर उनका परिचय और बैकग्राउंड खोजना पड़ रहा है. लोग यह समझने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इन सदस्यों में ऐसा क्या खास या अनोखा है कि इन्हें बिग बॉस के घर की चाबी मिल गई. दर्शकों की इसी घबराहट और उलझन से सोशल मीडिया पर यह तीखा तंज वायरल हो रहा है कि 'क्या पैसे देकर इन कंटेस्टेंट्स ने अपनी सीट बुक कर ली है?' यहां यह साफ करना जरूरी है कि यह केवल दर्शकों की निराशा से उपजा एक तंज और सवाल है, क्योंकि जब फैंस को किसी कंटेस्टेंट में कोई दमदार व्यक्तित्व या विवाद नहीं दिखता, तो ऐसे सवाल उठना लाजमी हो जाता है.
क्या सलमान खान भी मंच पर खुद को असहज महसूस कर रहे थे?
दरअसल, बात केवल नए कंटेस्टेंट्स की गुमनामी तक ही सीमित नहीं है. सलमान खान की बेमिसाल मौजूदगी अपने दम पर ही बिग बॉस के ग्रैंड प्रीमियर को एक विशाल इवेंट बना देती है. लेकिन इस बार शो के दौरान कई मौकों पर खुद सलमान भी कुछ इस तरह ढीले अंदाज में नजर आए, मानो उनके सामने खड़े नए कंटेस्टेंट्स को लेकर उनके पास भी बात करने या मजाक करने के लिए कोई खास कंटेंट या मुद्दे नहीं बचे थे.
स्काउट-काजी पुराने खिलाड़ियों की 'सस्ती कॉपी'!
प्रीमियर खत्म होते ही सोशल मीडिया पर एक और बड़ी बहस छिड़ गई है. कुछ नए कंटेस्टेंट्स को देखकर दर्शक उनकी तुलना पुराने आइकॉनिक खिलाड़ियों से करने लगे हैं. फैंस स्काउट और काजी तौकीर को क्रमशः एमसी स्टैन और आसिम रियाज की 'सस्ती कॉपी' तक कह रहे हैं. जब एमसी स्टैन सीजन 16 में आए थे, तो उनके पास अपना एक अनूठा अंदाज, अपनी नई भाषा और असली स्वैग था. वहीं शहनाज गिल जैसी कंटेस्टेंट भी बिल्कुल नया चेहरा होने के बावजूद अपनी मौलिकता के दम पर ब्रांड बन गईं. लेकिन इस बार स्काउट में जबरदस्ती एमसी स्टैन की वाइब और काजी में आसिम रियाज के तेवरों की नकल तलाशी जा रही है. किसी पुराने हिट कंटेस्टेंट के रवैये, गुस्से या स्टाइल की फोटो कॉपी करना आसान हो सकता है, लेकिन दर्शकों के दिलों पर राज करने के लिए ओरिजिनल पर्सनैलिटी का होना बेहद जरूरी है.
पुराने सीजन के धुरंधरों को वापस बुलाना एक बेहतर विकल्प होता?
प्रीमियर की धीमी रफ्तार को देखते हुए कई बार दर्शकों के मन में यह विचार आया कि यदि मेकर्स को इतने नए और फीके चेहरे ही लाने थे, तो इससे कहीं बेहतर होता कि वे पिछले सीजन्स के दो-चार धमाकेदार खिलाड़ियों को ही वापस बुला लेते. कम से कम दर्शकों को यह तो अच्छे से पता होता कि घर में असली मनोरंजन का तड़का और आग कौन लगाएगा, कौन किससे भिड़ेगा, कौन दोस्ती निभाएगा और कौन नॉमिनेशन के वक्त पूरा खेल पलटकर रख देगा.
बिग बॉस को बड़े सेलिब्रिटीज से ज्यादा दमदार किरदारों की तलाश है?
मेकर्स को जल्द से जल्द यह बुनियादी बात समझनी होगी कि बिग बॉस के घर को चलाने के लिए बड़े स्टार्स की नहीं, बल्कि दमदार किरदारों की जरूरत होती है. शो का इतिहास गवाह है कि कई बार बिल्कुल अनजान चेहरे भी शो के सबसे बड़े खिलाड़ी बनकर उभरे हैं. लेकिन शर्त सिर्फ इतनी है कि उस अनजान चेहरे में अपना खुद का एटीट्यूड, ड्रामा और एक मजबूत व्यक्तित्व होना चाहिए. कोई ऐसा होना चाहिए, जिसे गुस्सा करना आता हो, कोई जो रणनीति बनाने में माहिर हो, कोई जो दर्शकों को हंसा सके और कोई ऐसा भी हो, जिसे देखकर दर्शकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाए.
क्या यह नया बैच आने वाले हफ्तों में अपनी पहचान बना पाएगा?
बिग बॉस का इतिहास हमेशा यह दिखाता आया है कि जो कंटेस्टेंट पहले दिन बेहद शांत या बोरिंग लगते हैं, वे ही बाद में आगे चलकर पूरे सीजन की लाइमलाइट लूट लेते हैं. मुमकिन है कि आज जिन चेहरों को देखकर दर्शक ‘ये कौन हैं?’ पूछ रहे हैं, वही आने वाले दो हफ्तों में शो के सबसे बड़े स्टार बन जाएं. अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि क्या इन कम चर्चित चेहरों के बीच से कोई नया शहंशाह निकल पाएगा? क्या स्काउट, काजी और बाकी सदस्य अपनी खुद की नई पहचान बनाएंगे या फिर केवल पुराने दिग्गजों की धुंधली परछाई बनकर शो से विदा हो जाएंगे?