Awarapan 2 OTT Release: इमरान हाश्मी की फिल्म 'आवारापन-2' अगस्त में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इस फिल्म के साथ इमरान हाशमी की गैंगस्टर 'शिवम पंडित' के तौर पर वापसी ने कई लोगों की पुरानी यादें ताजा कर दीं. अब ये फिल्म सिनेमाघरों में धमाल मचाने के बाद ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए तैयार है. दरअसल, प्राइम वीडियो ने हाल ही में ऐलान किया है कि 'आवारापन 2' अब ऑनलाइन स्ट्रीम करने के लिए मौजूद है. साथ ही उन्होंने इमरान वाला एक प्रोमोशनल वीडियो भी शेयर किया. प्राइम वीडियो ने लिखा, 'तो फिर आओ, एक बार फिर शिवम पंडित से मिलने.'
यह वीडियो एक मशहूर मीम पर आधारित है, जिसमें एक्टर हेडफोन पर 'तेरा मेरा रिश्ता' गाना सुनते हुए और गंभीर चेहरे के साथ अपने दिन के काम करते हुए दिखाई देते हैं.
बता दें कि आर्यन खान की नेटफ्लिक्स सीरीज 'द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड' के मशहूर डायलॉग का जिक्र करते हुए एक फैन ने कमेंट किया, 'पूरा बॉलीवुड एक तरफ और इमरान हाशमी एक तरफ.' वहीं, एक और फैन ने लिखा, 'यह गाना मुझे शांत कर देता है... इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं कहां हूं...' एक फैन ने तो यह भी लिखा, 'उन्हें बात करने की भी जरूरत नहीं है. बस चलें और देखें.'
बता दें कि इस फिल्म में एक्टर इमरान हाशमी ने शिवम के किरदार से वापसी की है. फिल्म में शबाना आजमी, दिशा पाटनी, पुराण गब्बी, अनिरुद्ध रावल, सुरेंद्र विक्की, विजयंत कोहली और अतुल कुमार भी अहम रोल में हैं.
एक्ट्रेस दिशा पाटनी जारा के किरदार में फिल्म में नजर आई हैं, जो कहानी में एक नई कड़ी या इमोशनल डायमेंशन लेकर आती हैं. शबाना आजमी नफीसा के रोल में हैं. दमदार एक्शन से भरपूर फिल्म में म्यूजिक भी कमाल का है, जिसने 'आवारापन 2' की कहानी को गहराई से छुआ है.
इस फिल्म का म्यूजिक मिथुन, जीत गांगुली, अमाल मलिक, अंकित सचदेव और वासिफ अहमद ने दिया है. गाने सईद कादरी, रश्मि विराग, अखिल सचदेवा और सचिन सिंह चंदेल ने लिखे हैं. नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित इस फिल्म में इमरान हाशमी (शिवम मलिक के रूप में) और दिशा पाटनी भी मुख्य भूमिकाओं में हैं. मुकेश भट्ट और विशेष फिल्म्स 'आवारापन 2' को प्रस्तुत कर रहे हैं. नितिन कक्कड़ ने डायरेक्ट किया है और बिलाल सिद्दीकी ने लिखा है.
क्या है फिल्म की कहानी?
नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित यह मूवी ओरिजिनल फिल्म को बस दोहराने के बजाय उसकी इमोशनल कहानी को आगे बढ़ाती है. शिवम अभी भी आलिया की यादों में खोया हुआ है, तभी उसे उसकी कब्र पर एक लावारिस बच्ची मिलती है. वह उसे अनाथालय ले जाता है, चुपचाप उसकी देखभाल का खर्च उठाता है और उसका नाम आलिया रखता है. जब बाद में एक कपल उस बच्ची को गोद ले लेता है, तो शिवम खुद को समझाता है कि उसे एक परिवार देना ही सही काम है.
जल्द ही उसे पता चलता है कि वे लोग बच्चों की तस्करी करने वाले एक इंटरनेशनल सिंडिकेट से जुड़े हैं और जब इंटरपोल उसे बताता है कि आलिया का अपहरण कर लिया गया है, तो अपराध की दुनिया से दूर हो चुके उस आदमी के पास वापस लौटने के अलावा कोई चारा नहीं बचता.
(आईएएनएस इनपुट)