उम्र बढ़ी, दौर बदले, ऑडियंस बदली... लेकिन नहीं बदला अमिताभ बच्चन का जलवा! 6 दशक से कायम है 'बादशाहत'
Amitabh Bachchan Birthday Special: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन करीब 6 दशकों से हिंदी सिनेमा में काम कर रहे हैं. उन्होंने अपने किरदार और स्टारडम को आज तक हर किसी के दिल में बनाए रखा है. ऐसे में उनके 'एंग्री यंग मैन' से लेकर 'केबीसी' तक के सफर की कहानी पर एक बार नजर डालते हैं.
Amitabh Bachchan Birthday Special: 'हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है.' ये डायलॉग पढ़ने के बाद आप समझ ही गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन आज 11 अक्टूबर को 84 साल के हो गए हैं. आज एक्टर अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. साल 1981 में आई फिल्म 'कालिया' का यह डायलॉग उनके स्टारडम की कहानी को बयां करने के लिए एकदम सटीक है. जैसा कि आप जानते ही हैं कि हिंदी सिनेमा में हीरो की उम्र बढ़ने के साथ ही उसकी स्क्रीन इमेज बदलने लगती है. कभी पर्दे पर रोमांटिक हीरो से लेकर विलेन बनने तक हर किसी के दिलों पर राज करने वाला सितारा धीरे-धीरे पिता, मेंटर या फिर सपोर्टिंग किरदार बनने लगता है.
इतना ही नहीं, कई बार पर्दे पर उसे अपनी उम्र से मेल खाते किरदारों का इंतजार करना पड़ता है. लेकिन 'अमिताभ बच्चन' की कहानी इस लिहाज से काफी अलग है. बिग बी ने न केवल अपनी उम्र के साथ किरदार बदले, बल्कि हर दौर में दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाए रखी. आज बिग बी अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. चलिए, ऐसे में जानते हैं कि कैसे उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई और लंबे समय तक अपना स्टारडम कायम रखा?
अमिताभ बच्चन ने राजनीति में भी आजमाया हाथ
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1972 को इलाहाबाद में हुआ था. वे हिंदी साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन के बेटे हैं. बिग बी एक्टिंग से लेकर राजनीति तक में अपना हाथ आजमा चुके हैं. हालांकि, राजनीति में उन्हें उतनी सफलता नहीं मिली, जितनी पर्दे पर मिली. पहले फिल्मी सफर पर नजर डालें तो उन्होंने साल 1969 में आई फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से अपने करियर की शुरुआत की थी और साल 1973 में आई फिल्म 'जंजीर' ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी और इसके बाद उन्होंने एक से एक हिट फिल्मों में काम किया और पर्दे पर धमाल मचा दिया.
आम जनता की बने थे आवाज
उस दौर में अमिताभ बच्चन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाले आम आदमी की आवाज भी बन गए थे. उन्होंने 'एंग्री यंग मैन' के तौर पर राजनीति का भी रुख किया था. साल 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अपने बचपन के दोस्त राजीव गांधी को समर्थन देने के लिए कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे. 1984 में अपने जिगरी दोस्त राजीव गांधी के कहने पर ही उन्होंने इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था.
हासिल की थी ऐतिहासिक जीत
दरअसल, उन्होंने 8वें लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद (जो अब प्रयागराज है) सीट से चुनाव लड़ा था. उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज राजनेता हेमवती नंदन बहुगुणा को एकतरफा मुकाबले में भारी मतों से हराया था और यह एक ऐतिहासिक जीत थी. इतना ही नहीं, यह जीत चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक थी.
वहीं, जब अमिताभ बच्चन का राजनीतिक करियर चरम पर था, तो 1987 में देश के चर्चित बोफोर्स घोटाले में उनका और उनके भई अजिताभ बच्चन का नाम आ गया था. हालांकि, उस पर लगे सभी आरोप झूठे सबित हुए थे, लेकिन मीडिया ट्रायल और विपक्षी दलों के विरोध से परेशान हो गए थे. जिसकी वजह से उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल किए बना जुलाई 1987में लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. वहीं इस चर्चित घोटाले में उन्हें पूरी तरह से 2012 में क्लीन चिट मिल गई थी. इसके बाद बिग बी ने राजनीति से तौबा कर ली और दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला किया.
आज भी 24 घंटे करते हैं काम
अमिताभ बच्चन के फिल्मी सफर की बात करें तो वो इंडस्ट्री में करीब 60 सालों से एक्टिव हैं. इतने लंबे सफर में उन्होंने कई हिट, ब्लॉकबस्टर और फ्लॉप फिल्मों का दौर देखा है. बड़े से छोटे पर्दे तक का सफर भी उन्होंने तय किया है. भला ही उन्होंने खूब दौलत कमाई है, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उन्होंने कर्जे में रहकर चुपचाप जिंदगी बिताई थी. हालांकि एक चीज है जो कभी नहीं रुकी, वो है उनका काम को लेकर जुनून और शक्ति. आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन उन्होंने जिंदगी के हर मोड़ पर काम किया है और आज भी वह 24 घंटे काम करते हैं.