पति की अर्थी को दिया कंधा: नाना पाटेकर के निधन से टूटी पत्नी नीलकांती, सिर्फ 3 शब्दों में बयां किया दर्द; 35 साल से रह रहे थे अलग
Nana Patekar Wife Neelkanti Patekar: नाना पाटेकर के अचानक निधन से पूरा देश स्तब्ध है. अंतिम विदाई के समय खामोश रहीं पत्नी नीलकांती पाटेकर ने अब सोशल मीडिया पर पहली बार अपना दर्द साझा किया है. सिर्फ तीन शब्दों के इस बेहद इमोशनल मैसेज और दोनों के 46 साल पुराने अनूठे रिश्ते ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं.
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. 75 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. उन्होंने गोवा स्थित अपने घर पर आखिरी सांस ली, जिस वक्त ये दुखद घटना घटी, उनकी पत्नी नीलकांती और बेटा मल्हार पुणे में मौजूद थे. खबर मिलते ही दोनों तुरंत गोवा पहुंचे और नाना के पार्थिव शरीर को लेकर पुणे आए. गुरुवार की देर रात डोणजे स्थित उनके फार्महाउस ‘नाना की वाड़ी’ में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. नाना के जाने से कला जगत और उनके चाहने वालों में गहरा शोक फैल गया है.
पति नाना को अंतिम विदाई देते वक्त नीलकांती पाटेकर ने खुद उनकी अर्थी को कंधा दिया था. इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को नम आंखों से एकटक निहारते हुए उनका वीडियो सामने आया, जिसने हर किसी का कलेजा चीर दिया. उस मुश्किल घड़ी में नीलकांती पूरी तरह शांत थीं और मीडिया से सिर्फ बेटे मल्हार ने बात की थी. अब नाना के जाने के बाद नीलकांती ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर बहुत छोटा लेकिन बेहद इमोशनल मैसेज लिखकर अपने इमोशन शेयर किए. उनका ये दर्दभरा मैसेज इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.
तीन शब्दों में छलका गहरा दर्द
नीलकांती पाटेकर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर महज तीन शब्दों की एक पोस्ट साझा की है. उन्होंने लिखा, ‘एक ही शब्द निःशब्द’. इस बेहद छोटे से मैसेज ने उनके अंदर मचे तूफान और खालीपन को बयां कर दिया है. जैसे ही ये पोस्ट सामने आई, लोगों ने उस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी. सोशल मीडिया यूजर्स और नाना के फैंस लगातार कमेंट करके नीलकांती को सांत्वना दे रहे हैं और इस मुश्किल वक्त में हिम्मत बनाए रखने की दुआ कर रहे हैं. बिना कुछ लंबा चौड़ा कहे, सिर्फ तीन शब्दों में उन्होंने जीवनसाथी के खोने का पूरा दर्द बयां कर दिया.
750 रुपये में हुई थी दोनों की शादी
नाना पाटेकर और नीलकांती की लव स्टोरी भी बेहद सिंपल है. दोनों ने साल 1978 में लव मैरिज की थी. उस दौर में नीलकांती एक बैंक में नौकरी करती थीं और उन्हें नाटकों में काम करने का बहुत शौक था. इसी थिएटर के मंच पर दोनों की पहली मुलाकात हुई थी. धीरे-धीरे ये दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने शादी करने का फैसला किया. बताया जाता है कि उनकी शादी बेहद सिंपल तरीके से महज 750 रुपये के खर्च में हुए थे. उस समय नाना संघर्ष कर रहे थे और नीलकांती ने उनका पूरा साथ दिया. शादी के बाद उन्होंने वो मुकाम हासिल किया, जिसका सपना देखा था.
नाना हमेशा मानते रहे पत्नी का एहसान
शादी के बाद नाना पाटेकर को फिल्मों और अभिनय में अपनी पहचान बनाने के लिए पत्नी का बहुत बड़ा संबल मिला. खुद नाना पाटेकर ने कई इंटरव्यू में ये बात खुले दिल से स्वीकार की थी कि आज वे जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें उनकी पत्नी नीलकांती का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने हमेशा माना कि संघर्ष के दिनों में नीलकांती ने घर की जिम्मेदारी संभाली, जिसकी बदौलत वे बिना किसी चिंता के अपने अभिनय पर ध्यान दे सके. नाना हमेशा अपनी पत्नी के इस त्याग और सहयोग के लिए बेहद आदर और कृतज्ञता का भाव रखते थ और उनकी बातें किया करते थे.
35 साल की दूरी पर कभी नहीं टूटा रिश्ता
हालांकि, शादी के कुछ सालों बाद दोनों के बीच विचारों और स्वभाव को लेकर कुछ मतभेद जरूर सामने आए. इन फासलों की वजह से वे करीब 35 साल तक एक दूसरे से अलग रहे, लेकिन उन्होंने कभी कानूनी रूप से तलाक नहीं लिया. नाना पाटेकर ने खुद माना था कि कुछ बातों को लेकर साथ रहना मुश्किल हो गया था, फिर भी दोनों के दिल में एक दूसरे के लिए हमेशा गहरा सम्मान बना रहा. बाद के दिनों में वे फिर करीब आ गए. इस रिश्ते की डोर इतनी मजबूत थी कि अंतिम सफर तक नीलकांती ने नाना का साथ निभाया. उनको खोने का गम उनकी आंखों में साफ झलका.