DGP Siddhnath Gupta Education and Career: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धनाथ गुप्ता को डीजीपी और आईजीपी का पद सौंपा गया था. वहीं, उनके कार्यकाल की अवधि खत्म होने वाली थी लेकिन कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके कार्यकाल को 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है. इसके साथ ही ये उनका दूसरा सेवा विस्तार है. पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता 1992 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. आइए उनके करियर के बारे में जानने के साथ ही जानते हैं कि वो कितने पढ़े-लिखे हैं?
पश्चिम बंगाल के आईजीपी और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. यूपी के फतेहपुर के बिंदकी नगर के मोहल्ला कटरा में उनका घर है. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मोहल्ला से ही हासिल की है. दयानंद इंटर कॉलेज बिंदकी से उन्होंने कक्षा 10वीं की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद 12वीं की पढ़ाई दीनदयाल इंटर कॉलेज कानपुर से की है. उन्होंने आईपीएस से डीजीपी तक का पद हासिल किया है. परिवार की बात करें तो उनके दो बेटे हैं जिनमें से एक सार्थक गुप्ता अमेरिका में है और दूसरा शाश्वत गुप्ता यूपीएससी की तैयारी कर रहा है.

बंगाल के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आईआईटी कानपुर से बीटेक डिग्री हासिल की है. 1988 में बीटेक के बाद उन्होंने मास्टर की पढ़ाई की 1990 में उन्होंने एमटेक की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद यूपीएससी की तैयारी करने की शुरू की.
डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने पहली बार में ही यूपीएससी 1991 की परीक्षा को क्रैक कर लिया था. इसके बाद उनका चयन आईआरएस के लिए हुआ लेकिन उन्होंने फिर से यूपीएससी का एग्जाम दिया. इसमें अच्छे रैंक के साथ सफलता हासिल करने के बाद उन्हें आईपीएस का पद हासिल हुआ और बंगाल कैडर मिला.
बंगाल कैडर में सेवा की शुरुआत करने के बाद सिद्धनाथ गुप्त ने कई महत्वपूर्ण जिलों और खुफिया विभागों (CID & IB) की जिम्मेदारी संभाली. राज्य में उनकी गिनती एक बहुत ही सख्त, निष्पक्ष और तेज-तर्रार आईपीएस ऑफिसर के रूप में होती है. चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत 16 मार्च 2026 को सिद्धनाथ गुप्त को पश्चिम बंगाल पुलिस का महानिदेशक (DGP) बनाया गया था. अब केंद्र सरकार द्वारा 6 महीने का सेवा विस्तार मिलने के बाद वो अप्रैल 2027 तक इस पद पर अपनी सेवाएं देंगे.