UPSC Success Story: मिलिए Gen Z IPS से... पहले किया पत्रकारिता का कोर्स फिर ऐसे क्रैक की यूपीएससी परीक्षा
UPSC Success Story of Gen Z IPS: आज हम आपको Gen Z आईपीएस सिमरन भारद्वाज की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी स्ट्रेटेजी से बिना कोचिंग के पहली बार में यूपीएससी परीक्षा क्रैक की है. आइए उनकी सक्सेस स्टोरी जानते हैं.
UPSC Success Story of Gen Z IPS: कहते हैं जिंदगी में कुछ हासिल करना हो तो उसके लिए आपका इरादा मजबूत होना चाहिए. किसी राह पर चलते हुए लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आप क्या रणनीतियां अपना रहे हैं, ये बहुत मायने रखता है. कुछ ऐसा ही इस Gen Z आईपीएस ने किया और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऐसी स्ट्रेटेजी अपनाई कि आसपास के लोग दंग रह गए. जिस लड़की को आस-पड़ोस वाले सिर्फ एक पत्रकारिता की छात्रा के रूप में जानते थे, वो आईपीएस अफसर बनकर परिवार का नाम रोशन करेंगी, ये किसी ने सोचा भी नहीं था.
आज हम जिस आईपीएस अफसर की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं, वो प्रेरणादायक तो है ही, साथ ही ये भी साबित करती है कि Gen Z का स्मार्ट वर्किंग आइडिया अगर सही जगह इस्तेमाल किया जाए, तो सफलता की सीढ़ी आसानी से चढ़ी जा सकती है. आइए जनरेशन जेड आईपीएस सिमरन भारद्वाज की सफलता की कहानी जानते हैं.
कौन है आईपीएस सिमरन भारद्वाज?
बिना कोचिंग क्लास के यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर आईपीएस बनने वाली जेन जी सिमरन भारद्वाज हरियाणा के रेवाड़ी जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली है, जिन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म कोर्स के दौरान यूपीएससी सीएसई परीक्षा की तैयारी भी की और उसे क्रैक कर वो गुजरात कैडर से युवा आईपीएस अफसर बन गईं.
भाई ने मजाक में बोल दिया था आईपीएस अफसर
आईपीएस सिमरन ने इंटरव्यू के दौरान जानकारी दी कि उन्हें मजाक-मजाक में एक बार भाई ने आईपीएस बोल दिया था. दरअसल, वो एक बार जब रनिंग कर रही थीं, तब उनके भाई के दोस्त ने कहा कि ये दीदी एक कमांडो जैसी दिख रही हैं और फिर उनका भाई भी मजाकिया अंदाज में बोल पड़ा कि हां वो मेरी बहन और आईपीएस अफसर है.
मां का भी सपना कि बेटी बने अफसर
इसके अलावा उन्होंने अपनी जिंदगी का एक किस्सा और ये भी बताया कि उनकी मां भी उन्हें सिविल सर्विस में देखना चाहती थीं. दरअसल, वो जब कक्षा 10वीं में थीं तब उनकी मां चाहती थीं कि उनकी बेटी सिविल सर्वेंट बने. हालांकि, उन्होंने आगे चलकर पत्रकारिता का कोर्स चुना. 12वीं के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कमला नेहरू कॉलेज से जर्नलिज्म कोर्स को करने के लिए एडमिशन लिया, लेकिन पढ़ाई के दौरान ही यूपीएससी की भी तैयारी शुरू कर दी थी.
चुपचाप शुरू की यूपीएससी की तैयारी
उन्होंने बताया कि वो जब जर्नलिज्म कोर्स की पढ़ाई कर रही थी, तभी उन्होंने सेकंड ईयर से यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी थी. इसके बारे में सिर्फ उनके माता-पिता और भाई को जानकारी थी लेकिन उसके अलावा ये बता सबको तब पता चली जब उन्होंने इस परीक्षा में सफलता हासिल कर ली.
यूपीएससी को क्रैक करने की प्लानिंग आई काम
सिमरन ने यूपीएससी की तैयारी के लिए पुराने तरीके को नहीं अपनाया बल्कि पहले 40 से 50 टॉपर्स के इंटरव्यू देखे और समझा कि वो किस तरह से परीक्षा की तैयारी करते थे. इसके लिए उन्होंने यूट्यूब पर यूपीएससी टॉपर्स की वीडियो देखी और फिर सभी के कॉमन स्ट्रैटेजी को एनालाइज करने के बाद उन्होंने अपने हिसाब से प्लानिंग की. इस तरह से फिर उन्होंने बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी से यूपीएससी की तैयारी की. नतीजा ये रहा कि उन्हें ऑल इंडिया रैंकिंग 172वीं रैंक हासिल हुई. इसके साथ ही वो गुजरात कैडर से आईपीएस अफसर के रूप में चुनी गई.
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