UPSC Success Story of Shreya Shree: एक उम्र में जब हम ये सोचते हैं कि क्या करें, करियर को लेकर चिंता सताती है और नौकरी या खुद के काम को लेकर भी एक अलग ही चिंता सताती है. आज के समय में युवाओं के बीच बेहतर करियर बनाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. लगातार की गई कोशिश के बाद अगर सफलता मिल जाए तो समझो की सारी मेहनत का नतीजा तुरंत मिल गया है.
एक ऐसा ही उदाहरण श्रेया श्री की कामयाबी से मिला, जिन्होंने महज 21 साल की उम्र में वो कर दिखाया जो शायद किसी ने सोचा न था. बिना किसी कोचिंग क्लास के उन्होंने सफलता के पायदान पर अपना कदम रखा.
मध्य प्रदेश के अनूपपुर की रहने वाली श्रेया श्री ने यूपीएससी सीएसई परीक्षा में पहली बार में सफलता हासिल की है. उनके पिता एयरफोर्स ऑफिसर के पद पर लगभग 20 साल तक काम कर चुके हैं और उसके बाद बैंक में क्लर्क की नौकरी की है. शुरू से ही उनके पिता ने उन्हें अनुशासन और मेहनत करना सिखाया जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी देखने को मिला.
बात करें श्रेया श्री की पढ़ाई-लिखाई की तो उन्होंने मध्य प्रदेश के सिंगरौली स्थित एक सरकारी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत से आईआईटी का सफर तय किया. ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर में एडमिशन लिया. यहां से उन्होंने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की. इसके बाद यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला किया.
देश के प्रतिष्ठित टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट आईआईटी कानपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद, श्रेया ने अपना पूरा ध्यान यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पर केंद्रित कर दिया. बिना किसी कोचिंग क्लास के सहारा लिए, उन्होंने पूरी तरह से सेल्फ स्टडी पर भरोसा जताया. उनकी इसी लगन और कड़ी मेहनत का नतीजा रहा कि साल 2021 में, महज 21 साल की उम्र में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 71वीं रैंक हासिल की. इस शानदार कामयाबी के साथ ही उनका आईएएस बनने का सपना भी पूरा हो गया.
उनकी सफलता की कहानी उस समय चर्चाओं में आई थी जब सरकार की ओर से 23 आएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था. बिहार में उनका भी ट्रांसफर किया गया. उस दौरान उन्हें खगड़िया जिला परिषद का उप विकास आयुक्त नियुक्त किया गया था. डीडीसी से पहले वो सामान्य प्रशासन विभाग में काम कर रही थी.
वर्तमान में श्रेया श्री खगड़िया जिला परिषद के उप विकास आयुक्त (DDC) के तौर पर काम कर रही है. उनकी शादी 2021 बैच के 80वीं रैंक हासिल करने वाले IFS अधिकारी निखिल महाजन से हुई है. उन्होंने अपनी सफलता से कई यूपीएससी एस्पिरेंट के लिए मिसाल कायम की है कि अपने आप पर विश्वास रखकर और सेल्फ स्टडी से भी कामयाबी हासिल की जा सकती है.