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South Korea Civil Service Interview: सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में बड़ा बदलाव! अब Suit-Tie नहीं Jeans-Sneakers पहनकर पहुंच सकेंगे अभ्यर्थी

साउथ कोरिया सिविल सर्विस इंटरव्यू ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव हुआ है. अक्टूबर 2026 से सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में उम्मीदवारों को सूट और टाई की जगह जींस, स्नीकर्स और कैजुअल कपड़े पहनने की अनुमति होगी. टाई और फॉर्मल ड्रेस शूज पर रोक लगाई गई है.

South Korea Civil Service Interview: सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में बड़ा बदलाव! अब Suit-Tie नहीं Jeans-Sneakers पहनकर पहुंच सकेंगे अभ्यर्थी

दक्षिण कोरिया में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए ड्रेस कोड को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है. दक्षिण कोरिया के Ministry of Personnel Management ने राष्ट्रीय सिविल सर्विस भर्ती के इंटरव्यू के लिए नए कपड़ों से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन नियमों के तहत उम्मीदवारों को इंटरव्यू में पारंपरिक फॉर्मल सूट पहनने की जरूरत नहीं होगी. इसके बजाय वे जींस, कॉटन पैंट, स्लैक्स, शर्ट, निटवेयर, जैकेट और स्नीकर्स जैसे अपेक्षाकृत कैजुअल कपड़े पहन सकेंगे.

ये नए नियम अक्टूबर 2026 में होने वाले सरकारी नौकरी के इंटरव्यू से लागू होंगे. मंत्रालय का कहना है कि इसका मकसद इंटरव्यू के माहौल को कम कठोर बनाना और नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है.

उम्मीदवारों को कौन से कपड़े पहनने की सलाह है?

मंत्रालय की ओर से जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों में पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवारों को पारंपरिक फॉर्मल सूट से बचने के लिए कहा गया है. उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार जींस, कॉटन पैंट, स्लैक्स, निटवेयर, जैकेट और शर्ट पहन सकते हैं. फुटवियर में स्नीकर्स को भी स्वीकार्य विकल्प के तौर पर शामिल किया गया है.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरव्यू के लिए किसी भी तरह के कपड़े पहने जा सकते हैं. खेलों के कपड़े, हाइकिंग आउटफिट, शॉर्ट्स, बिना आस्तीन वाले टॉप, हाई हील्स और चप्पल जैसे कपड़ों को हतोत्साहित किया गया है. यानी मंत्रालय का जोर कैजुअल लेकिन साफ-सुथरे और इंटरव्यू के अनुरूप पहनावे पर है.

टाई और फॉर्मल जूतों पर रोक क्यों लगी?

नए नियमों में सबसे खास बात टाई और फॉर्मल ड्रेस शूज को लेकर है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को टाई पहनकर इंटरव्यू स्थल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. अगर कोई उम्मीदवार टाई पहनकर पहुंचता है तो उसे मूल्यांकन कक्ष में जाने से पहले टाई उतारने के लिए कहा जाएगा.

इसी तरह फॉर्मल ड्रेस शूज पहनकर आने वाले उम्मीदवारों को अपने जूतों के ऊपर स्लिप-ऑन शू कवर पहनना होगा. मंत्रालय के मुताबिक, इसके पीछे सिर्फ ड्रेस कोड बदलने का कारण नहीं है. हार्ड-सोल वाले फॉर्मल जूतों की आवाज भी इसका एक कारण है.

फॉर्मल जूतों की आवाज से क्या परेशानी होती है?

मंत्रालय ने बताया कि परीक्षा और इंटरव्यू केंद्रों की गलियारों में हार्ड-सोल वाले फॉर्मल जूतों की आवाज कई बार संचालन में परेशानी और उम्मीदवारों का ध्यान भटकाने का कारण बनती है. चलते समय जूतों की आवाज मूल्यांकन सत्र के दौरान अनावश्यक शोर पैदा कर सकती है.

इसी वजह से फॉर्मल ड्रेस शूज को पूरी तरह स्वीकार करने के बजाय उम्मीदवारों को कैजुअल और कम शोर वाले फुटवियर की ओर प्रोत्साहित किया गया है. स्नीकर्स इसी नीति के तहत सुझाए गए विकल्पों में शामिल हैं.

2016 से बदलाव की कोशिश क्यों चल रही थी?

दक्षिण कोरिया में उम्मीदवारों को साधारण और कम औपचारिक कपड़े पहनने की सलाह पहले भी दी जाती रही है. मंत्रालय ने वर्ष 2016 से अनौपचारिक रूप से उम्मीदवारों को टाई छोड़ने और सरल कपड़े पहनने की सलाह दी थी. इसके बावजूद ज्यादातर उम्मीदवार डार्क कलर के फॉर्मल सूट और ड्रेस शूज पहनकर ही इंटरव्यू देने पहुंचते रहे.

इसके पीछे उम्मीदवारों की एक बड़ी चिंता यह थी कि अगर वे पारंपरिक फॉर्मल ड्रेस में नहीं आए तो इंटरव्यू लेने वाले उनके बारे में नकारात्मक राय बना सकते हैं. यानी नियम में छूट होने के बावजूद सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दबाव के कारण उम्मीदवार पुराने ड्रेस कोड का पालन करते रहे.

AI की मदद से उम्मीदवारों को क्या दिखाया गया?

इस पुराने ट्रेंड को बदलने के लिए मंत्रालय ने दिशा-निर्देशों के साथ Artificial Intelligence यानी AI से तैयार उदाहरण तस्वीरें भी जारी की हैं. इन तस्वीरों के जरिए उम्मीदवारों को यह समझाने की कोशिश की गई है कि इंटरव्यू में किस तरह का कैजुअल पहनावा स्वीकार्य माना जाएगा.

इस पहल का उद्देश्य केवल नियम बताना नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की उस चिंता को कम करना भी है कि फॉर्मल सूट के बिना इंटरव्यू में आखिर क्या पहनना सही रहेगा. खास बात यह है कि नया ड्रेस कोड केवल उम्मीदवारों तक सीमित नहीं रहेगा. इंटरव्यू लेने वाले अधिकारियों पर भी अपेक्षाकृत कैजुअल ड्रेस कोड लागू होगा, ताकि बातचीत का माहौल अधिक सहज बनाया जा सके.

नए नियम पर उम्मीदवारों की क्या राय है?

दक्षिण कोरिया में इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया और नौकरी से जुड़े ऑनलाइन फोरम पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. नीति के समर्थकों का कहना है कि सरकारी नौकरी के इंटरव्यू के लिए महंगा फॉर्मल सूट खरीदना कई उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त खर्च होता है. खासकर ऐसे कपड़े जिन्हें उम्मीदवार केवल इंटरव्यू जैसे सीमित मौकों पर पहनते हैं, उन पर होने वाला खर्च कम किया जा सकता है.

दूसरी ओर, कुछ उम्मीदवारों को लगता है कि फॉर्मल सूट का एक समान मानक हटने से एक नई चिंता पैदा हो सकती है. पहले उम्मीदवारों को पता होता था कि इंटरव्यू के लिए सूट पहनना सुरक्षित विकल्प है. अब उन्हें यह तय करना होगा कि कैजुअल कपड़ों में कौन सा पहनावा पर्याप्त रूप से पेशेवर और इंटरव्यू के अनुरूप माना जाएगा.

क्या इससे सरकारी नौकरी का इंटरव्यू आसान होगा?

ड्रेस कोड में बदलाव का उद्देश्य चयन प्रक्रिया के मानकों को बदलना नहीं, बल्कि इंटरव्यू के माहौल को अधिक सहज बनाना है. उम्मीदवारों के लिए इसका सीधा फायदा यह है कि उन्हें केवल इंटरव्यू के लिए महंगा फॉर्मल सूट, टाई और ड्रेस शूज खरीदने की जरूरत कम हो सकती है.

हालांकि, इंटरव्यू में चयन अभी भी उम्मीदवार की योग्यता, जवाब देने की क्षमता और अन्य मूल्यांकन मानकों पर निर्भर करेगा. नए नियम मुख्य रूप से उम्मीदवारों के पहनावे से जुड़े अनावश्यक दबाव और खर्च को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम हैं. अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला यह बदलाव दक्षिण कोरिया की सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारंपरिक फॉर्मल ड्रेस से अधिक सहज और व्यावहारिक इंटरव्यू माहौल की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है.

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About the Author

Shivam Tiwari

Shivam Tiwari

शिवम तिवारी, जी न्यूज में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं और पत्रकारिता में करीब 2 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं. यूपी के प्रयागराज के रहने वाले शिवम ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है. खबरों की नब्ज पकड़कर उन्हें आसान और साफ भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. शिवम शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर खास फोकस रखते हैं. इनमें स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षाएं, प्रवेश परीक्षाएं, सरकारी नौकरियां, रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स, करेंट अफेयर्स और जनरल नॉलेज जैसे टॉपिक्स शामिल हैं.इसके अलावा शिवम, टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स और करियर काउंसलर्स की सलाह के आधार पर कंटेंट तैयार करते हैं. ये IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT और CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर गहराई से काम करते हैं और छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराते हैं. शिवम तिवारीर से संपर्क करने के लिए आप उन्हें shivam.tiwari@india.com पर ईमेल कर सकते हैं.
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