NCERT Class 9th New Syllabus: 9वीं की नई सोशल साइंस किताब में सेंगोल से लेकर टैक्स और बिजनेस तक... जानें क्या-क्या बदला?
NCERT New Social Science Book: एनसीईआरटी ने कक्षा 9वीं की नई सोशल साइंस किताब में बदलाव किया है जिसके तहत छात्र अब बिजनेस और टैक्स के बारे में भी पढ़ाई करेंगे. आइए इस नए सिलेबस का उद्देश्य जानते हैं.
NCERT Class 9th New Social Science Book: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की ओर से कक्षा 9वीं के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया गया है. छात्रों के लिए सामाजिक विज्ञान की नई किताब पेश की गई है, जिसका नाम 'Understanding Society: India and Beyond' है. इस नई किताब में सिर्फ किताबी जानकारी देने के बजाय समाज की व्यावहारिक समझ विकसित करने पर जोर दिया गया है. अब 9वीं के छात्र सोशल साइंस में सिर्फ पारंपरिक इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र ही नहीं पढ़ेंगे, बल्कि उन्हें इनकम टैक्स, गवर्नेंस, एंटरप्रेन्योरशिप और वित्तीय जिम्मेदारी जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े व्यावहारिक विषयों से भी परिचित कराया जाएगा.
सिर्फ किताबी जानकारी नहीं, समाज को समझने पर भी जोर
एनसीआरटी की नई सोशल साइंस की किताब का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें अपने आसपास की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को समझाना भी है. इस सब्जेक्ट में वो नए चैप्टर शामिल किए गए हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी से संबंधित हैं. इसके माध्यम से छात्रों को जानने को मिलेगा कि समाज और अर्थव्यवस्था किस तरह काम करते हैं. साथ ही, अलग-अलग संस्थाएं कैसे लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं.
बिजनेस और टैक्स की भी मिलेगी जानकारी
सोशल साइंस की इस नई किताब में छात्रों को बिजनेस और टैक्स संबंधित टॉपिक के बारे में जानकारी मिलेगी. स्टूडेंट्स नए सिलेबस से ये समझ सकेंगे कि किसी देश की अर्थव्यवस्था में कारोबार की क्या खास भूमिका होती है. इसके अलावा ये भी जान सकेंगे कि सरकार के लिए टैक्स क्यों जरूरी होता है. ऐसे टॉपिक को कक्षा 9वीं के सिलेबस में शामिल करके छात्रों को वित्तीय और आर्थिक अवधारणाओं की शुरुआती समझ विकसित करने की कोशिश की गई है.
छात्रों के लिए क्यों खास है 'Understanding Society'?
कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की नई किताब 'समाज को समझना: भारत और उससे परे' छात्रों के लिए बेहद खास है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये सामाजिक विज्ञान को सिर्फ तिथियों, घटनाओं और शुष्क तथ्यों को रटने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें सीधे वास्तविक जीवन और व्यावहारिक दुनिया से जोड़ती है. इस नई पुस्तक के जरिए छात्र समाज, शासन, अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन से जुड़े समकालीन विषयों को गहराई से समझ सकेंगे.
1. सेंगोल और भारत के राष्ट्रीय आदर्श वाक्य
इस अध्याय में चोल राजवंश से जुड़े ऐतिहासिक प्रतीक 'सेंगोल' के महत्व और मई 2023 में नए संसद भवन में इसकी स्थापना की ऐतिहासिक घटना का विस्तार से उल्लेख किया गया है. इसके अलावा इसमें संस्कृति से जुड़ी शासन व्यवस्था पर भी गौर किया गया है. इस किताब में मुंडक उपनिषद से लिए गए देश के राष्ट्रीय आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' और महाभारत से प्रेरित सुप्रीम कोर्ट के ध्येय वाक्य 'यतो धर्मस्ततो जयः' की दार्शनिक और प्रशासनिक व्याख्या की गई है.
2. भारत पर विदेशी हमलों का आर्थिक और ऐतिहासिक कारण
किताब में भारत की समृद्धि और विदेशी आक्रमणों के बीच के संबंध को स्पष्ट करते हुए लिखा गया है कि 'सातवीं सदी के बाद से, भारतीय उपमहाद्वीप ने क्षेत्रीय विस्तार और धार्मिक उद्देश्यों से किए गए लगातार हमलों का सामना किया. सदाबहार नदियों वाले उपजाऊ मैदानी इलाकों में खेती से होने वाली अतिरिक्त पैदावार ने देश की आर्थिक खुशहाली में योगदान दिया. यही आर्थिक समृद्धि विदेशी आक्रांताओं के बार-बार हमले करने का मुख्य कारण भी बनी.'
3. रानी नायकी देवी से लेकर रानी अब्बक्का तक
एनसीईआरटी के इस नए इतिहास पाठ में सिर्फ विदेशी आक्रमणकारियों के शासन का ही विवरण नहीं है, बल्कि दक्कन, मालवा, कश्मीर और राजस्थान के भारतीय शासकों द्वारा उन्हें खदेड़ने के गौरवशाली इतिहास को भी प्रमुखता दी गई है.
- रानी नायकी देवी (गुजरात): चालुक्य वंश की संरक्षिका रानी नायकी देवी ने 1178 ईस्वी में माउंट आबू (कासद्रह) के युद्ध में मोहम्मद गोरी को करारी शिकस्त देकर भागने पर मजबूर कर दिया था.
- रानी अब्बक्का चौटा (कर्नाटक): उल्लाल की निडर शासिका रानी अब्बक्का चौटा के उस अदम्य साहस का उल्लेख है, जिन्होंने शक्तिशाली पुर्तगाली नौसेना के खिलाफ कई सफल जंगें लड़ीं और यूरोपीय आक्रांताओं को बार-बार पीछे हटने पर मजबूर किया.
आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फायदेमंद
इस नए सिलेबस के माध्यम से छात्रों में शुरुआती स्तर पर ही सामाजिक और आर्थिक मुद्दों की व्यावहारिक समझ विकसित होगी. ये समझ न सिर्फ उच्च शिक्षा में, बल्कि भविष्य में यूपीएससी या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी उनकी नींव को काफी मजबूत करेगी.
नई शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप बदलाव
NCERT की नई किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप सिलेबस को अधिक समझ-आधारित और व्यावहारिक बनाने की दिशा में बदलाव का हिस्सा हैं. इसमें छात्रों में सिर्फ रटने के बजाय समझ, विश्लेषण और वास्तविक जीवन से जुड़ाव विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. एनसीआरटी की नई सोशल साइंस की किताब कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए NCERT पब्लिकेशन, आधिकारिक वेबसाइट के अलावा अमेजन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है.
ये भी पढ़ें- CBSE 3 Language Policy: कक्षा 6 के छात्रों को भी मिलेगी राहत, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश