भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /एजुकेशन
  • /पैकेज नहीं, पैशन चुना: जब IIT-JEE टॉपर ने छोड़ा अमेरिका और पकड़ ली मच्छरों की नब्ज!

पैकेज नहीं, पैशन चुना: जब IIT-JEE टॉपर ने छोड़ा अमेरिका और पकड़ ली मच्छरों की नब्ज!

IIT-JEE में AIR 1 हासिल करने वाले नितिन गुप्ता ने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की और आगे की रिसर्च के लिए अमेरिका चले गए, लेकिन फिर कुछ साल के बाद उन्होंने विदेश छोड़ अपने देश लौटने का फैसला किया और IIT में प्रोफेसर बन गए.

Written BySimran Singh
Published: Sep 28, 2026, 09:30 AM IST|Updated: Sep 28, 2026, 10:48 AM IST
joinshare
पैकेज नहीं, पैशन चुना: जब IIT-JEE टॉपर ने छोड़ा अमेरिका और पकड़ ली मच्छरों की नब्ज!

About the Author

Simran Singh

Simran Singh

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

2

अतीक अहमद के अवैध साम्राज्य पर फिर चला पुलिस का डंडा; मदनलाल के नाम दर्ज 30 करोड़ की 14 बेनामी संपत्तियां कुर्क

3

जान से खिलवाड़? घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली 108 एंबुलेंस, मालवाहक में ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर मरीज पहुंचे अस्पताल

4

'गुस्सा और बेबसी महसूस हुई', शिल्पा राव का शो बीच में रोके जाने पर भड़के पति; बोले-हम नहीं भूलेंगे

5

'मौत को छूकर टक से वापस आ गया': UK में तूफान बोएलो का खौफनाक मंजर; प्लेन की ऐसी लैंडिंग देख कांप उठी रूह

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

भारत में IITian का टैग सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि करियर की कई संभावनाओं का रास्ता माना जाता है. कोई IIT से निकलकर बड़ी टेक कंपनी में पहुंचता है, कोई स्टार्टअप शुरू करता है तो कोई ISRO, NASA या दुनिया की बड़ी रिसर्च लैब्स में काम करता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो तय रास्ते से हटकर बिल्कुल अलग दिशा चुनते हैं. उन्हीं में से एक नितिन गुप्ता हैं जिनके सफर की कहानी थोड़ी हटके है. उन्होंने IIT-JEE में AIR 1 हासिल करने के बाद अमेरिका से वापस IIT कानपुर लौटकर आ गए. विदेश से देश आने का सफर यूं ही तय नहीं किया बल्कि एक अनोखी रिसर्च को अपने जीवन में शामिल करने का फैसला लिया. 

आज नितिन गुप्ता का शोध कंप्यूटर से कहीं आगे पहुंच चुका है. वो मच्छरों के दिमाग में मौजूद न्यूरल सर्किट का अध्ययन कर रहे हैं और ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि गंध मिलने के बाद दिमाग किस तरह तय करता है कि किसी चीज की ओर जाना है या उससे बचना है.

कौन हैं नितिन गुप्ता?

साल 2000 में IIT-JEE में ऑल इंडिया रैंकिंग 1 रैंक हासिल करने वाले नितिन ने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की. इसके बाद वो अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने आगे की पढ़ाई और रिसर्च की. हालांकि, कुछ साल के बाद उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जो उनके करियर की दिशा पूरी तरह बदलने वाला था. नितिन अमेरिका छोड़कर साल 2014 में भारत लौट आए और उसी IIT कानपुर में प्रोफेसर बन गए, जहां से उन्होंने अपनी पढ़ाई शुरू की थी. खास बात ये है कि कंप्यूटर साइंस के छात्र रहे नितिन आज मच्छरों के दिमाग और उनके न्यूरल सर्किट पर रिसर्च कर रहे हैं.

कंप्यूटर से बायोलॉजी और न्यूरोसाइंस की ओर कदम 

IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में B.Tech पूरा करने के बाद उनके सामने बड़ी टेक कंपनियों और अमेरिका में मोटी सैलरी वाली नौकरी का चिर-परिचित रास्ता था, लेकिन टेक्नोलॉजी के बजाय बायोलॉजी और न्यूरोसाइंस में बढ़ती रुचि के चलते उन्होंने एक अलग राह चुनी. वो कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो चले गए और वहां से बायोइंफॉर्मेटिक्स एंड सिस्टम्स बायोलॉजी में PhD हासिल की. 

2009 में डॉक्टरेट पूरी करने के बाद उन्होंने 2010 से 2014 के बीच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) में बतौर पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता काम किया. यहां उन्होंने इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, यानी न्यूरॉन्स में होने वाली इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी पर रिसर्च किया.

अमेरिका का करियर छोड़ 'स्वदेस' वापसी 

साल 2014 में उन्होंने अमेरिका का जमा-जमाया करियर छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया. वो IIT कानपुर वापस तो लौटे, लेकिन इस बार एक छात्र के रूप में नहीं, बल्कि 'जैविक विज्ञान एवं जैव इंजीनियरिंग' विभाग में फैकल्टी सदस्य के तौर पर. यहां आकर उन्होंने दिमाग और न्यूरॉन्स का अध्ययन करने का फैसला लिया. उनका ये फैसला केवल वतन वापसी नहीं था, बल्कि तयशुदा रास्ते से अलग एक नई दिशा चुनने का साहस भी था. अमेरिका से लौटने के बाद उनके सामने कॉरपोरेट इंडस्ट्री और रिसर्च, दोनों रास्ते खुले थे, लेकिन उन्होंने बाजार के बजाय शोध की आजादी को चुना.

मच्छर ही नहीं, अन्य कीड़ों के दिमाग को समझने की कोशिश 

नितिन गुप्ता की रिसर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 'कीट तंत्रिका-विज्ञान' और 'घ्राण प्रणाली' से जुड़ा है. उनकी लैब मच्छर, मक्खी और टिड्डे जैसे कीड़ों के नर्वस सिस्टम का अध्ययन करती है. इस स्टडी में ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किसी कीड़े का दिमाग किसी गंध को पहचानने के बाद ये कैसे तय करता है कि उसे उस तरफ जाना है या उससे दूर भागना है? मादा मच्छर इंसान के शरीर से निकलने वाले अलग-अलग रासायनिक संकेतों को महसूस करती है, जिनमें से कुछ संकेत उसे अपने शिकार तक पहुंचने में मदद करते हैं, जबकि कुछ संकेत उसके व्यवहार को दूसरी दिशा में मोड़ सकते हैं.

मच्छर के दिमाग में कहां होती है ये प्रक्रिया? 

उनकी रिसर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मच्छर के दिमाग के 'एंटेनल लोब' से जुड़ा है. ये दिमाग का वो हिस्सा है जहां गंध से जुड़ी जानकारियों को प्रोसेस किया जाता है. साल 2023 में प्रसिद्ध जर्नल नेचर कम्युनिकेशन्स में प्रकाशित एक रिसर्च में नितिन गुप्ता और उनके सहयोगियों ने डेंगू फैलाने वाले मच्छर के एंटेनल लोब में अलग-अलग गंधों के प्रति न्यूरॉन्स की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया था.

एक रैंडमाइज्ड ट्रायल में भारत के 598 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था. अध्ययन में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों ने प्रोग्राम का कम से कम आधा हिस्सा पूरा किया, उनमें अवसाद और चिंता के लक्षण में कमी देखी गई, जबकि वेटलिस्ट ग्रुप में ऐसी तुलना की गई. एक तरफ मच्छर के दिमाग में गंध और व्यवहार के बीच संबंध समझने की कोशिश हो रही है, तो दूसरी तरफ इंसानी दिमाग में जानकारी, भावनाओं और व्यवहार के संबंध को समझने के लिए काम किया जा रहा है.

नितिन गुप्ता को मिल चुके हैं कई प्रतिष्ठित सम्मान

नितिन गुप्ता के बेहतरीन शोध कार्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है. उनके नाम दर्ज प्रमुख सम्मानों में शामिल हैं.

  • 2015: इनोवेटिव यंग बायोटेक्नोलॉजिस्ट अवॉर्ड
  • 2016: वेलकम ट्रस्ट/DBT इंडिया एलायंस फेलोशिप 
  • 2021: लाइफ साइंसेज में स्वर्णजयंती फेलोशिप 
  • 2022: सीएनआर राव फैकल्टी अवॉर्ड 
  • 2023: एस रामचंद्रन नेशनल बायोसाइंस अवॉर्ड 

इन सबके अलावा उन्हें साल 2025 में IIT कानपुर की प्रतिष्ठित 'जॉय गिल चेयर' के लिए नामित किया गया और अध्यापन में उनके बेहतरीन योगदान के लिए 'एक्सीलेंस-इन-टीचिंग अवॉर्ड' से भी सम्मानित किया गया था.

ये भी पढ़ें- UPSC Success Story: 10वीं-12वीं में हुए फेल, पिता ने कहा था 'IIT भूल जाओ...' BTech और नौकरी के बाद ऐसे IPS बने मोहिबुल्लाह अंसारी

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Success Story