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Engineers' Day 2026: बांध से लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक, सर एम विश्वेश्वरैया ने भारत को क्या दिया? Engineers' Day पर जानें पूरी कहानी

Engineers' Day 2026: 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है? जानिए सर एम विश्वेश्वरैया का सिंचाई, जल प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा और देश निर्माण में योगदान.

Engineers' Day 2026: बांध से लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक, सर एम विश्वेश्वरैया ने भारत को क्या दिया? Engineers' Day पर जानें पूरी कहानी

भारत में हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है. यह दिन देश के महान इंजीनियर और राजनेता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. उनका जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के मुद्देनहल्ली में हुआ था. इंजीनियर्स डे का उद्देश्य देश के विकास में इंजीनियरों की भूमिका और उनके तकनीकी योगदान को सम्मान देना है. भारत में यह दिवस वर्ष 1968 से मनाया जा रहा है.

सर एम विश्वेश्वरैया ने अपने करियर में सिंचाई, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दिया. उस दौर में पानी का बेहतर इस्तेमाल और सिंचाई व्यवस्था कृषि के लिए बड़ी चुनौती थी. विश्वेश्वरैया ने इंजीनियरिंग के जरिए इन समस्याओं के समाधान पर काम किया. यही वजह है कि उनका नाम भारत के शुरुआती बड़े इंजीनियरिंग योगदानों से जुड़ा हुआ है.

KRS बांध से उनका नाम कैसे जुड़ा?

विश्वेश्वरैया का नाम कर्नाटक के कृष्णा राजा सागर (KRS) बांध से भी जुड़ा है. यह परियोजना सिंचाई और जल प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण रही. बांध से क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिली और कृषि गतिविधियों को भी समर्थन मिला. जल संसाधनों से जुड़ी इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान में उनका योगदान उनकी विरासत का अहम हिस्सा माना जाता है.

तकनीकी शिक्षा को लेकर उन्होंने क्या किया?

विश्वेश्वरैया का योगदान केवल इंजीनियरिंग परियोजनाओं तक सीमित नहीं था. उन्होंने भारत में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया. उन्होंने Government Engineering College की स्थापना की, जिसे बाद में उनके सम्मान में University Visvesvaraya College of Engineering (UVCE) नाम दिया गया. इस पहल के जरिए तकनीकी शिक्षा और कुशल पेशेवर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार विकसित हुआ.

उन्हें भारत रत्न कब मिला था?

देश के विकास और सार्वजनिक सेवा में योगदान के लिए विश्वेश्वरैया को कई सम्मान मिले. वर्ष 1955 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया. यह भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. इससे पहले उन्हें सार्वजनिक सेवा के लिए Knight Commander of the Order of the Indian Empire (KCIE) की उपाधि भी मिली थी.

डाक टिकट से भी कैसे किया गया सम्मान?

विश्वेश्वरैया की विरासत को याद करते हुए भारत सरकार ने भी उन्हें सम्मान दिया. वर्ष 1960 में उनकी 100वीं जयंती के अवसर पर India Post ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया. यह उनके इंजीनियरिंग और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण प्रतीक था.

आज Engineers' Day इतना जरूरी क्यों है?

इंजीनियर आज देश के लगभग हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में भूमिका निभा रहे हैं. सड़क, पुल, रेलवे, जल प्रबंधन, ऊर्जा, अंतरिक्ष, रक्षा, डिजिटल तकनीक और कई अन्य क्षेत्रों में इंजीनियरिंग समाधान विकास की आधारशिला हैं. इंजीनियरों का काम सिर्फ मशीन या इमारत बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की समस्याओं के तकनीकी समाधान तलाशना भी इसका हिस्सा है.

छात्रों के लिए इस दिन का क्या महत्व है?

छात्रों के लिए Engineers' Day केवल विश्वेश्वरैया को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि इंजीनियरिंग और तकनीक की भूमिका समझने का भी मौका है. स्कूल और कॉलेजों में इस दिन तकनीकी प्रतियोगिताएं, क्विज, सेमिनार, प्रदर्शनियां और प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. इससे विद्यार्थियों को इनोवेशन, समस्या समाधान और तकनीकी शिक्षा के महत्व को समझने का अवसर मिलता है.

विश्वेश्वरैया की विरासत आज क्यों याद की जाती है?

सर एम विश्वेश्वरैया की विरासत इंजीनियरिंग परियोजनाओं, जल प्रबंधन और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी है. Engineers' Day के जरिए हर साल उनके योगदान को याद किया जाता है और युवा पीढ़ी को इंजीनियरिंग, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है. भारत के विकास में इंजीनियरों की बदलती भूमिका के बीच विश्वेश्वरैया का काम आज भी देश की इंजीनियरिंग विरासत का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है.

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About the Author

Shivam Tiwari

Shivam Tiwari

शिवम तिवारी, जी न्यूज में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं और पत्रकारिता में करीब 2 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं. यूपी के प्रयागराज के रहने वाले शिवम ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है. खबरों की नब्ज पकड़कर उन्हें आसान और साफ भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. शिवम शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर खास फोकस रखते हैं. इनमें स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षाएं, प्रवेश परीक्षाएं, सरकारी नौकरियां, रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स, करेंट अफेयर्स और जनरल नॉलेज जैसे टॉपिक्स शामिल हैं.इसके अलावा शिवम, टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स और करियर काउंसलर्स की सलाह के आधार पर कंटेंट तैयार करते हैं. ये IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT और CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर गहराई से काम करते हैं और छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराते हैं. शिवम तिवारीर से संपर्क करने के लिए आप उन्हें shivam.tiwari@india.com पर ईमेल कर सकते हैं.
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