AI Replaces Intellectual Jobs: 'अब सिर्फ दिमाग होना भी काफी नहीं...' AI पर Zoho CEO का बड़ा बयान, दी सैलरी हाइक रोकने की वजह!
AI Replaces Intellectual Jobs: जोहो के संस्थापक और सीईओ श्रीधर वेम्बू ने एआई को लेकर चेतावनी दी है. इसे लेकर जारी किया गया उनका बयान उस समय आया है जब उन्होंने अपने कर्मचारियों को वार्षिक सैलरी हाइक नहीं दी है.
AI Replaces Intellectual Jobs: डिजिटल युग में जहां एक तरफ लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ी हैं, कई कामकाज आसान हुए हैं. वहीं, दूसरी ओर कुछ सेक्टर पर खतरों की घंटी भी मंडराई है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती रफ्तार ने सिर्फ टेक इंडस्ट्री में ही नहीं जॉब मार्केट में भी एक नई बहस छेड़ दी है. जोहो के संस्थापक और सीईओ श्रीधर वेम्बू द्वारा AI के खतरे को लेकर एक बड़ा बयान दिया गया है. उनके इस बयान ने साफ किया है कि कई सेक्टर में लोगों के लिए एआई खतरा बन रहा है. अब तक कुछ क्षेत्रों के लिए इसे एक बड़ी समस्या के तौर पर देखा जा रहा था.
अब AI को सिर्फ साधारण नौकरियों के लिए ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कोडिंग जैसे उच्च बौद्धिक कामों को भी तेजी से प्रभावित करने के लिए इशारा दिया जा रहा है. इस साल जोहो कंपनी ने अपने कर्मचारियों के एनुअल अप्रेजल और सैलरी हाइक को रोका है जिसके बाद, वेम्बू का ये बयान आईटी इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है.
AI की वजह से 4 गुना बढ़े सर्वर के दाम
जोहो के सीईओ श्रीधर वेम्बू ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है कि 'सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का बिजनेस आउटलुक काफी अनिश्चित बना हुआ है. AI ने हमारे खर्चों को बहुत बढ़ा दिया है, जिसके मुख्य दो कारण हैं, जिनमें पहला, डेटा सेंटरों के लिए जरूरी सर्वरों की कीमतों में 4 गुना की भारी बढ़ोतरी हुई है और दूसरा कारण ये है कि AI के इस्तेमाल में तेजी से उछाल आया है, जिससे परिचालन लागत काफी बढ़ गई है और हम इसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके अलावा वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक माहौल भी एक बड़ा कारण है. इन्हीं वजहों से हमने अपने मार्केटिंग बजट में कटौती की है.'
सैलरी हाइक न देने पर क्या बोले जोहो के सीईओ?
जोहो के सीईओ ने पोस्ट में आगे कहा कि 'हमने अपने कर्मचारियों को भी स्पष्ट बता दिया है कि इस साल हम उन्हें हमेशा की तरह सैलरी बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं. इस स्थिति को न टाल पाने के लिए मैंने अपने कर्मचारियों से माफी भी मांगी है. हम बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी से बचने के लिए पूरी जी-तोड़ कोशिश करेंगे, लेकिन कुल मिलाकर सॉफ्टवेयर सेक्टर में नौकरियों का भविष्य फिलहाल काफी धुंधला और चिंताजनक नजर आ रहा है.'
उन्होंने आगे कहा कि 'पिछले 18 महीनों से हमारे कर्मचारियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. हमारे अधिकांश कर्मचारी इस कठिन परिस्थिति को समझ रहे हैं और मैं इसके लिए उनका दिल से आभारी हूं. हम इस समय खुद को नए सिरे से गढ़ने और बदलने के दौर से गुजर रहे हैं. अगले 3 से 5 साल ये तय करेंगे कि हमारा ये बदलाव कितना सफल रहा. कृपया हमारे लिए प्रार्थना करें.'
अगर AI सारा काम कर लेगा, तो इंसान क्या करेंगे?
गांव में रहने के अपने अनुभव को साझा करते हुए जोहो के सीईओ श्रीधर वेम्बू ने कहा कि वो इस से बिल्कुल भी परेशान नहीं है कि बौद्धिक काम छीनने के बाद इंसान क्या करेंगे. उनके मुताबिक इंसानी जीवन में करने के लिए अनगिनत सार्थक काम हैं और उन्होंने उन कामों को चार कैटेगरी में बांटा है जो प्रकृति, पालन-पोषण, संस्कृति और अध्यात्म या शास्त्र हैं. उनके अनुसार किसी काम का मूल्य सिर्फ इस बात से तय नहीं होना चाहिए कि उसमें कितनी बौद्धिक ताकत लगी है. आने वाले समय में संस्कृति, देखभाल और पर्यावरण से जुड़े काम भी लोगों को समृद्ध जीवन दे सकते हैं.
आपको जानकारी के लिए बता दें कि जोहो के सीईओ ने ये चेतावनी सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के लिए ऐसे मुश्किल समय में जाहिर कि है जब उन्होंने बढ़ते खर्चों और अनिश्चित कारोबारी माहौल की वजह से अपने कर्मचारियों को एनुअल अप्रेजल और सैलरी हाइक नहीं दी है. उनका कहना है कि वो कंपनी में बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
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