बैंक, ATM, ज्वैलरी शॉप से स्कूल-कॉलेज तक CCTV जरूरी, 30 दिन का रखना होगा बैकअप
Jaipur Police Tightens CCTV Rules: जयपुर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस आयुक्तालय ने CCTV व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. बैंक, ATM, ज्वैलरी शॉप, पेट्रोल पंप, मॉल, होटल, सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट, बार-पब, क्लब, स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों समेत कई प्रमुख स्थानों पर हाई क्वालिटी और नाइट विजन CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है.
Jaipur Police: जयपुर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस आयुक्तालय ने CCTV कैमरों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. नए आदेश के तहत शहर के वित्तीय, वाणिज्यिक और व्यावसायिक संस्थानों में हाई क्वालिटी CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है. साथ ही इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखना जरूरी होगा. पुलिस का उद्देश्य प्रमुख स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाना और अपराध होने की स्थिति में घटनाओं की जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध कराना है.
आदेश के दायरे में बैंक, ATM, प्राइवेट लॉकर, ज्वैलरी शॉप, पेट्रोल पंप, मॉल, होटल, सिनेमा हॉल, शराब और बीयर की दुकानें, रेस्टोरेंट, बार, पब और क्लब शामिल हैं. इसके अलावा मल्टीस्टोरी सोसायटी, स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में भी CCTV व्यवस्था अनिवार्य की गई है. इन संस्थानों के अंदर और बाहर महत्वपूर्ण गैर-निजी हिस्सों में कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था करनी होगी.
पुलिस के निर्देश के मुताबिक CCTV कैमरे हाई क्वालिटी के साथ नाइट विजन सुविधा वाले होने चाहिए. प्रवेश और निकास द्वार समेत ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों को कैमरों की निगरानी में रखना होगा, जहां लोगों की लगातार आवाजाही होती है. CCTV सिस्टम को लगातार चालू रखने के लिए पावर बैकअप की व्यवस्था भी करनी होगी. साथ ही कैमरों और रिकॉर्डिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच और मेंटेनेंस कराना भी संस्थान की जिम्मेदारी होगी.
पुलिस के अनुसार इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है और यहां महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है. ऐसे स्थानों के आसपास लूट, डकैती, स्नैचिंग और अन्य अपराधों की स्थिति में CCTV फुटेज जांच में मददगार हो सकती है. कोर्ट में भी CCTV रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर उपयोगी हो सकती है.
आदेश में यह भी कहा गया है कि पुलिस अधिकारी द्वारा रिकॉर्डिंग मांगे जाने पर संबंधित संस्थान को इसे तत्काल पेन ड्राइव, CD या अधिकृत ई-मेल के जरिए उपलब्ध कराना होगा. जरूरत पड़ने पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराना होगा. CCTV कैमरे लगाने के एक महीने के भीतर उनकी पूरी जानकारी संबंधित स्थानीय थाने को देना अनिवार्य होगा.
नए नियमों का पालन नहीं करने पर संस्थान के संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. यह CCTV संबंधी आदेश 30 सितंबर से 28 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा. यदि इसे इससे पहले निरस्त किया जाता है तो निरस्तीकरण की तारीख तक आदेश लागू रहेगा.