App

खुद कर्ज में डूबे PAK को 'कटोरा गैंग' की कमान सौंपना कितना सही? 31 देशों ने कहीं अपने पैरों पर कुल्हाड़ी तो नहीं मार ली

आर्थिक रूप से कंगाल हो चुके पाकिस्तान के सिर पर शर्मिंदगी का एक और दाग लगा है. उसे उधार मांगने वाले देशों का मुखिया चुना गया है. इस शर्मिंदगी पर भी पाकिस्तान खुशी के मारे झूम रहे हैं.

खुद कर्ज में डूबे PAK को 'कटोरा गैंग' की कमान सौंपना कितना सही? 31 देशों ने कहीं अपने पैरों पर कुल्हाड़ी तो नहीं मार ली

कंगाल पाकिस्तान के हिस्से में वैसे तो उपलब्धि के नाम पर कुछ नहीं है. लेकिन उसने अब एक अचीवमेंट अपनी झोली में डाल ली है. उपलब्धि ये है कि उसे कर्जदार देशों का कप्तान बनाया गया है. पाकिस्तान ऐसे देशों के समूह का सरदार बना है, जो कर्ज लेने में सबसे ऊपर हैं. इस समूह को आप BEGGERS NATO यानी कटोरा वाले देशों का NATO भी कह सकते हैं और पाकिस्तान BEGGERS NATO का पहला अध्यक्ष बना है.

थाईलैंड में हुई Borrowers’ Platform की बैठक

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 12 अक्टूबर 2026 को Borrowers’ Platform यानी उधार लेने वाले देशों के एक समूह की पहली बैठक हुई. यह बैठक IMF और विश्व बैंक की सालाना बैठकों के दौरान आयोजित की गई. इस बैठक में इस प्लेटफॉर्म के अध्यक्ष की वोटिंग हुई और पाकिस्तान को इसकी अध्यक्षता सौंपी गई है. पाकिस्तान को किस बिनाह पर निर्विरोध कर्जदारों का सरदार बनाया गया है. इसके बारे में आपको आगे विस्तार से बताएंगे. लेकिन उससे पहले आपको जानना चाहिए कि ये Borrowers’ Platform क्या है और इसे क्यों बनाया गया है.

दुनिया में कर्ज़ देने वालों के बीच सहयोग के कई संस्थागत मंच पहले से मौजूद हैं. लेकिन कर्ज़ लेने वाले देशों के पास ऐसा स्थायी, सदस्य देशों के नेतृत्व वाला साझा मंच नहीं था, जहां वे अपनी समस्याओं, अनुभवों और तकनीकी जरूरतों पर एक साथ काम कर सकें. इन कर्जदार देशों के सामने समस्या सिर्फ कर्ज़ लेने की नहीं है. समस्या यह भी है कि कर्ज़ की लागत कितनी है, ब्याज कितना देना पड़ रहा है, पुराना कर्ज़ कैसे चुकाना है और कर्ज़ चुकाने के बाद विकास के लिए पैसा कितना बचता है. इसीलिए Borrowers’ Platform की पहल को आगे बढ़ाया गया. इसे संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बनाया गया है.

BEGGERS NATO में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

BEGGERS NATO के सदस्य देश कौन कौन हैं आपको ये भी जानना चाहिए. इस प्लेटफार्म में मिस्र, पाकिस्तान, कोलंबिया, मालदीव, नेपाल, लेबनान, जॉर्डन, भूटान और आर्मेनिया समेत कुल 31 देश हैं. इस मंच का उद्देश्य देशों को यह सीखने में मदद करना है कि कर्ज़ की स्थिरता का आकलन कैसे किया जाए, वित्तीय जोखिमों का प्रबंधन कैसे हो, घरेलू पूंजी बाजारों को कैसे विकसित किया जाए और पारदर्शिता कैसे बढ़ाई जाए.

लेकिन इस काउंसिल ने पाकिस्तान के हाथ में अध्यक्षता में देकर एक बहुत बड़ी गलती कर दी है. ये गलती कितनी बड़ी है और 31 देशों का भविष्य क्यों खतरे में पड़ गया है उसे समझने के लिए आपको पाकिस्तान की कर्ज कथा जाननी चाहिए.

पाकिस्तान पर कुल कितना कर्ज है?

असल में पाकिस्तान के ऊपर इस समय 8,67,20,00,00,000 रुपये का कर्ज है या यूं कहें कि 3,12,00,00,00,000 डॉलर का कर्ज है. पाकिस्तान के ऊपर कितना कर्ज है उसे अगर नंबरों में लिख दिया जाए तो गिनने में वक्त लगेगा.

अब हम आपको आसाना भाषा में समझा देते हैं. पाकिस्तान के ऊपर कुल कर्ज 8 लाख 67 हज़ार 200 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का कर्ज है. इस हिसाब से हर पाकिस्तानी नागरिक चाहे वो नवजात बच्चा हो या बुजुर्ग. हर किसी पर साढ़े तीन लाख पाकिस्तानी रुपये का कर्ज है.

पाकिस्तान हर हफ्ते लेता है कोई नया कर्ज

अब किसी के ऊपर इतना कर्ज हो तो वो क्या करेगा. धीरे धीरे कर्ज उतारेगा. लेकिन पाकिस्तान इससे बिल्कुल विपरीत करता है. पाकिस्तान अपनी आजादी से लेकर अब तक IMF से 25 बार कर्ज ले चुका है. पाकिस्तान एक की किश्त चुकाने के लिए दूसरा कर्ज लेता है और दूसरा लोन चुकाने के लिए तीसरा कर्ज लेता है. पाकिस्तान IMF से हर 1000 दिन पर एक नया कर्ज लेता है. इसके अलावा वो सऊदी अरब और चीन से भी हर 3 से 4 हफ्ते में कोई न कोई कर्ज लेता रहता है.

पाकिस्तान कितना कर्ज लेता है उसे ऐसे समझा जा सकता है कि वो हर दिन 17 अरब रुपये, हर घंटे करीब 70 करोड़ और हर मिनट करीब करीब 1 करोड़ रुपये का नया कर्ज जोड़ता जा रहा है. पाकिस्तान की स्थिति ये है कि अगर वो जनता से 100 रुपये का टैक्स वसूलता है तो इसमें से 70 रुपये किस्त चुकाने में चले जाते हैं.

शर्मिंदा होने के बजाय खुश हो रहे पाकिस्तान के लोग

एक देश जिसके हर नागरिक के ऊपर साढ़े तीन लाख का कर्ज हो. जो हर दिन 17 अरब रुपये का नया कर्ज लेता हो.  एक कर्ज की किस्त चुकाने के लिए नया लोन लेता हो. वो भला किसी को कैसे ये सिखाएगा कि कर्ज को मैनेज कैसे किया जाए.

वैसे BEGGERS NATO का अध्यक्ष बनने पर पाकिस्तान में बधाइयों का दौर भी चल रहा है. पाकिस्तान की अवाम अपने हुक्मरानों को कैसे बधाइयां दे रही है. ये जिन्नालैंड के मानसिक दिवालियेपन को उजागर करता है कि वे अपने मुल्क को कंगालों का सरदार बनते देखने पर भी शर्मिंदा होने के बजाय खुश हैं. 
 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Devinder Kumar

Devinder Kumar

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
Read More