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'फोमो' और 'फ्लेक्स' के चक्कर में EMI पर आईफोन खरीद रहे जेन-जी, ये 'स्टेटस सिंबल' की दीवानगी है या महज छलावा?

Why Gen Z Obsessed with iPhone? 'फोमो' और 'फ्लेक्स' के चक्कर में जेन-जी धड़ाधड़ EMI पर आईफोन खरीद रहे हैं. यह'स्टेटस सिंबल' के लिए उनकी दीवानगी है या खुद को संतुष्ट करने का महज एक छलावा है?

'फोमो' और 'फ्लेक्स' के चक्कर में EMI पर आईफोन खरीद रहे जेन-जी, ये 'स्टेटस सिंबल' की दीवानगी है या महज छलावा?

Company Strategy for iPhone Sales: अगर आप भारत के किसी बड़े शहर में रहते हैं, तो पिछले चौबीस घंटों में आपने आई-फोन के साथ कुछ ऐसे शब्द जरूर सुने होंगे. जैसे कि आई-फोन में 'रिज़' है . मैंने आई-फोन खरीदकर 'स्ले' कर दिया . मैं 'मिड' नहीं लेता, सिर्फ आई- फोन इस्तेमाल करता हूं .जो शब्द हमने अभी बोले हैं, वो दरअसल जेन-ज़ी की भाषा है और आई-फोन का नया मॉडल आज जेन-ज़ी के लिए सबसे बड़ी खबर है . अब हम आपके सामने आई-फोन के नए मॉडल के लिए जेन-ज़ी के 'फेरल' यानी क्रेज का जेन-ज़ी की भाषा में ही विश्लेषण करने जा रहे हैं.

एप्पल ने भारत में लॉन्च किए 2 मॉडल

आज आई-फोन बनाने वाली कंपनी एप्पल ने, भारत में दो नए मॉडल लॉन्च किए हैं. ये हैं आई-फोन-18 प्रो और आई-फोन-18 प्रो मैक्स. आई-फोन के नए मॉडल की खबर सामने आते ही, देश के बड़े-बड़े शहरों में एप्पल स्टोर के बाहर खरीदारों की भीड़ लग गई थी. इन खरीदारों में अधिकतर जेन-ज़ी थे, जिनके लिए आई-फोन का नया मॉडल खरीदना 'क्लच' था, यानी बेहद जरूरी था. सबसे पहले इस जेन-ज़ी से ही सुन लेते हैं, आखिर आई-फोन का नया मॉडल खरीदने के लिए वो रात से ही लाइन में आकर क्यों खड़े हो गए थे.

जेन-जी में आईफोन पर दीवानगी क्यों?

आई-फोन खरीदने के पीछे जेन-ज़ी की इस दीवानगी की दो वजह हैं. पहली वजह है 'फ्लेक्स'. जेन-ज़ी की भाषा में स्टेटस सिंबल यानी समाज में अपनी प्रतिष्ठा दिखाने को 'फ्लेक्स' कहा जाता है. दूसरा बड़ा कारण है 'फोमो'. इसकी फुल फॉर्म है फियर ऑफ मिसिंग आउट, यानी अगर किसी और के पास आई-फोन है तो मेरे पास भी होना चाहिए.

यही दो बड़ी वजह है जिनके चलते जेन-जी आई-फोन की 'स्टैनिंग' यानी बड़े ब्रांड को खरीदने के लिए क्रेजी हो रहा है. जो लोग जेन-जी से नहीं है, शायद उनके अंदर सवाल उठ रहा होगा कि युवा पीढ़ी लाखों की कीमत वाले फोन को खरीदने के पीछे क्यों पड़ी है. इस 'पॉप क्विज' यानी सवाल का जवाब छिपा है आई-फोन की ब्रांडिंग में.

अपनी कीमत ऊंची रखती है कंपनी

आई-फोन बनाने वाली कंपनी इसकी कीमत हमेशा ऊंची रखती है. इससे संदेश जाता है कि ये फोन एक प्रीमियम ब्रांड है. आई-फोन के चुनिंदा मॉडल ही लॉन्च किए जाते हैं, जिसकी वजह से ग्राहक को लगता है कि वो एक लिमिटेड एडिशन यानी बेहद कम बनने वाले उत्पाद को खरीद रहा है. आई-फोन की पैकेजिंग भी एलिगेंट यानी सहज और सुंदर अंदाज में की जाती है. ये पैकिंग ग्राहक को भव्यता का अनुभव कराती है.

कई लोग ईएमआई पर खरीदते हैं फोन

क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में तकरीबन 8 से 10 प्रतिशत मोबाइल यूजर्स आई-फोन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अगर मोबाइल की बिक्री से जुड़ी कुल कीमत की बात करेंगे तो आई-फोन की हिस्सेदारी लगभग 29 प्रतिशत है. इतना ही नहीं आई-फोन इस्तेमाल करने वाले 25 प्रतिशत लोग EMI पर फोन खरीदते हैं, इसके बावजूद जेन-ज़ी में आई-फोन के लिए 'क्रैशिंग आउट' यानी दीवानगी बरकरार है. चूंकि मुद्दा जेन-ज़ी से जुड़ा था, तो उनसे संवाद के लिए हमने जेन-ज़ी के स्लैंग्स यानी भाषा का इस्तेमाल किया. थोड़ी बहुत दिक्कत जरूर हुई, लेकिन नई पीढ़ी की 'वाइब चेक' करने यानी उनकी स्थिति और संवेदना समझने के लिए ये भी ज़रूरी था .
 

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About the Author

Devinder Kumar

Devinder Kumar

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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