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DNA: कला पर पहरा या सियासी लॉन्चिंग? प्रियंका के बेटे रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से क्यों हटाई गईं 70 तस्वीरें?

आज गांधी-नेहरू परिवार की नेक्स्ट जेनरेशन ट्रेंड कर रही है. आज राहुल गांधी के भांजे और प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा पहली बार राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं. इसका कारण..रेहान वाड्रा की ऑफिशियल पॉलिटिकल लॉन्चिंग नहीं, बल्कि उनकी वो फोटो प्रदर्शनी है, जिस पर कैंची चलाई गई. आइए जानते हैं पूरा मामला...

Written By Bhoopendra Rai
Published: Oct 22, 2026, 11:57 PM IST | Updated: Oct 22, 2026, 11:59 PM IST
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गांधी-नेहरू परिवार की नई पीढ़ी के एक कदम ने देश के सियासी गलियारों में अचानक हलचल तेज कर दी है. प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में लगी फोटो प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' अचानक कला के दायरे से निकलकर राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई है. उद्घाटन से ठीक पहले दिल्ली के विरोध-प्रदर्शनों और तिरंगे से जुड़ी 70 से ज्यादा तस्वीरों को गैलरी से हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है. आइए समझते हैं कि आखिर इन तस्वीरों पर कैंची क्यों चली और कैसे एक कला प्रदर्शनी सियासत के केंद्र में आ गई...

रेहान वाड्रा का आरोप है, फोटो प्रदर्शनी से उनकी 70 से ज्यादा तस्वीरें हटा दी गईं. 26 साल के रेहान ने पहली बार देश और मीडिया के सामने आकर इस मामले में सार्वजनिक तौर पर विरोध दर्ज किया है. आप इसे, प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे का पहला 'प्रोटेस्ट' भी कह सकते हैं.

ओशो का मानना था कि, "कला परमात्मा की अभिव्यक्ति है. इसे किसी राजनीति, एजेंडा या विवाद के दायरे में नहीं बांधा जा सकता." लेकिन दुर्भाग्य ये है कि देश में तस्वीरों पर सियासत आज से 50 साल पहले भी होती थी और आज भी हो रही है. तब इंदिरा गांधी की सरकार में तस्वीरों को नष्ट करने के आरोप लगे थे, आज इंदिरा गांधी के बाद की उनकी तीसरी पीढ़ी मौजूदा सरकार पर ये आरोप लगा रही है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा ने बीकानेर हाउस की सेंटर फॉर कंटेंपरेरी आर्ट गैलरी में अपनी तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई है. ये प्रदर्शनी 25 अक्टूबर तक चलेगी. इस सोलो एग्जिबिशन में उन्होंने 105 तस्वीरें लगाई थीं, लेकिन शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही 70 से ज्यादा तस्वीरों को एग्जिबिशन हॉल से हटा दिया गया. हटाई गई कुछ तस्वीरों को बाहर लगाया गया लेकिन वहां से भी हटा दिया गया. इसके बावजूद 'नो आइडिया इज फाइनल' नाम की उनकी एग्जिबिशन चल रही है. आज कांग्रेस के कई बड़े नेता..रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी देखने के लिए पहुंचे. लेकिन हॉल में दीवारें खाली हैं. एग्जिबिशन में गिनती की कुछ ही तस्वीरें हैं. ज्यादातर तस्वीरें हटा दी गई हैं. जो तस्वीरें हटाई गई हैं, वो दिल्ली के जंतर-मंतर और दूसरे इलाकों में हुए प्रदर्शन, रैलियों और मार्च की तस्वीरें थीं. विशेषकर पिछले दिनों जो जेन-जी सड़क पर उतरा था, उसकी तस्वीरें थीं.

बीकानेर हाउस की गाइडलाइंस का हवाला

बीकानेर हाउस की सेंटर फॉर कंटेंपरेरी आर्ट गैलरी की आधिकारिक बुकिंग गाइडलाइंस के मुताबिक, प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों में राजनीति से प्रेरित संदेश, सांप्रदायिक थीम या न्यूडिटी नहीं होनी चाहिए. इसी आधार पर उन तस्वीरों को हटाया गया है. जिसपर रेहान वाड्रा ने आपत्ति जताई. रेहान का तर्क है कि उन्होंने एग्जिबिशन की डिटेल, लेआउट और तस्वीरों की एक पीडीएफ फाइल..एक हफ्ते पहले ही बीकानेर हाउस के अधिकारियों को सौंप दी थी, लेकिन उस पर कोई जवाब नहीं आया. इसलिए उन्होंने प्रदर्शनी स्थल पर तस्वीरें लगा दीं.

उद्घाटन से दो घंटे पहले अल्टीमेटम और कार्रवाई

21 अक्टूबर को उद्घाटन होना था. उससे एक दिन पहले, यानी 20 अक्टूबर की शाम को, विरोध-प्रदर्शन वाली तस्वीरों पर आपत्ति जताई गई. 21 अक्टूबर को दोपहर में तस्वीरें हटाने का अल्टीमेटम दिया गया और फिर उद्घाटन से दो घंटे पहले तस्वीरें हटा दी गईं. रेहान का दावा है कि तिरंगे वाली तस्वीरें भी हटा दी गई हैं. इस विषय पर रेहान वाड्रा ने जी न्यूज से बातचीत में अपना पक्ष रखा. रेहान वाड्रा जोर देकर कह रहे हैं कि तिरंगे वाली तस्वीरें भी हटा दी गई हैं. इसी बात पर सबसे ज्यादा सियासत हो रही है.

हॉल के बाहर लगाई तस्वीरें भी हटाई गईं

एग्जिबिशन हॉल के अंदर से जो तस्वीरें हटाई गई थीं, उन्हें कुछ लोगों ने बाहर लगा दिया था. बाद में बीकानेर हाउस के सुरक्षा अधिकारियों ने उन तस्वीरों को हटा दिया. एक तस्वीर में बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी दिख रहे हैं और दूसरी तस्वीर में तिरंगा थामे प्रदर्शनकारी दिख रहे हैं. एक तीसरी तस्वीर भी है, जिसमें भीड़ दिख रही है.

हॉल में अब भी मौजूद है तिरंगे वाली तस्वीर

तिरंगे वाली एक तस्वीर जो अब भी एग्जिबिशन हॉल में लगी हुई है. उस तस्वीर में एक शख्स हाथ में तिरंगा लिए दिख रहा है. सामने एक बिल्डिंग दिख रही है, जिस पर न्यू दिल्ली हाउस लिखा हुआ है. यहीं पर एक और तस्वीर थी, जो अब नहीं है. इस जगह से जी न्यूज के कैमरे ने जो देखा, वो अब हम आपको दिखाना चाहते हैं.

लुटियंस जोन का बीकानेर हाउस और इसका प्रबंधन

जिस बीकानेर हाउस में ये प्रदर्शनी लगी हुई है, वो दिल्ली के लुटियंस जोन में है. ये पहले ऐतिहासिक रूप से बीकानेर के महाराजा का निवास था, लेकिन वर्तमान में यह राजस्थान सरकार के अधीन है. नई दिल्ली में राजस्थान सरकार का रेजिडेंट कमिश्नर ऑफिस इसका मैनेजमेंट देखता है. कला प्रदर्शनियों के लिए स्लॉट बुक करने की अनुमति बीकानेर हाउस मैनेजमेंट कमिटी और राजस्थान सरकार के संबंधित विभाग देते हैं. इसलिए वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाते ही इस पर सियासत तेज हो गई है.

कौन हैं रेहान वाड्रा?

सियासत कैसे हो रही है, ये भी हम आपको दिखाएंगे लेकिन उससे पहले हम आपको रेहान वाड्रा के बारे में कुछ और जानकारी देना चाहेंगे. प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान ने लंदन की प्रतिष्ठित एसओएएस यूनिवर्सिटी से राजनीतिक विज्ञान की पढ़ाई की है. और वो शौकिया फोटोग्राफर हैं. फोटोग्राफी उनकी हॉबी है.

प्रियंका गांधी का संदेश: 'अभिव्यक्ति से डरने लगी है सत्ता'

तब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और इस समय बीजेपी की सरकार है. इसलिए कांग्रेस आरोप लगा रही है कि रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी पर जानबूझकर कैंची चलाई गई है. सबसे पहले प्रियंका गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए बेटे के नाम संदेश लिखा कि 'जब सत्ताधारी व्यक्ति दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे पता नहीं चलता, लेकिन वह उस सत्ता को खो चुका होता है, जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है. तुम सत्य के लिए खड़े रहो और हर खूबसूरत चीज तुम्हारे पास आ जाएगी. मुझे तुम पर गर्व है, हमेशा रहेगा.' इसके बाद कांग्रेस के तमाम नेताओं ने कहना शुरू कर दिया कि सरकार अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर रही है.

पहली बार स्ट्रीट और प्रोटेस्ट फोटोग्राफी मुख्यधारा में

बीकानेर हाउस के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि 70 से ज्यादा तस्वीरों को प्रदर्शनी से हटाया गया है. लेकिन ये भी सच है कि पहली बार किसी कलाकार ने दिल्ली के आंदोलनों और जेन-जी के विरोध-प्रदर्शनों की स्ट्रीट फोटोग्राफी को इस तरह मुख्यधारा में प्रदर्शित करने का प्रयास किया.
बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने कहा है कि जो तस्वीरें पॉलिसी के हिसाब से नहीं थीं, उन्हें हटाया गया है. बीकानेर हाउस एक सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है, जो कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है. इसलिए उसकी पॉलिसी का पालन करना आवश्यक है.

बीजेपी का पलटवार: कला के बहाने सियासी लॉन्चिंग

एग्जिबिशन लगाने वाले भले ही सीधे सियासत से न जुड़े हों, लेकिन उनका परिवार विपक्षी राजनीति के केंद्र में है. रेहान वाड्रा कांग्रेस के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य हैं और उनकी प्रदर्शनी में सरकार के विरोध का सीधा संदेश जा रहा है. इसीलिए भारतीय जनता पार्टी के नेता कह रहे हैं कि जहां पॉलिटिकली मोटिवेटेड फोटो एग्जिबिशन पर बैन है, वहां रेहान वाड्रा से इस तरह प्रदर्शनी लगवाना उन्हें राजनीति में लॉन्च करने की तैयारी है. हम आपको सुनाते हैं कि बीजेपी किस तरह रेहान वाड्रा को लेकर कांग्रेस को जवाब दे रही है.

तस्वीरों के बदले तस्वीरें: वार-पलटवार का दौर

राजनीति में हर प्रहार का उत्तर उसी अंदाज में देना, विरोधी के हौसले को तोड़ने का सबसे अचूक तरीका होता है. यही बीजेपी भी कर रही है. एक तरफ रेहान वाड्रा की सियासी लॉन्चिंग को लेकर तंज कस रही है, तो दूसरी तरफ ये भी आरोप लगा रही है कि रेहान के मामा राहुल गांधी..हमेशा देशविरोधी लोगों से मिलते हैं. बीजेपी के प्रवक्ता आज मीडिया के सामने कुछ तस्वीरें लेकर आए थे. उन्हें दिखाते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में अराजकता और अशांति फैलाने के लिए विदेशी ताकतों और एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं. वहीं गृहमंत्री अमित शाह एक कार्यक्रम में थे, तो उन्होंने भी राहुल गांधी के विदेशी दौरों को लेकर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ नकारात्मक राजनीति कर रही है.

देश में जारी 'फोटो पॉलिटिक्स' के बीच नई पीढ़ी की एंट्री

बीजेपी के प्रवक्ता ने सबूत दिखाकर जो दावा किया है, वो 'फोटो पॉलिटिक्स' का हिस्सा है. आजकल देश में फोटो पॉलिटिक्स चल रही है. कल कांग्रेस के नेताओं ने हरदीप पुरी की एक तस्वीर के जरिए सवाल उठाए थे. राहुल गांधी ने भी सरकार पर हमला किया था और आज जवाब में बीजेपी के नेता राहुल गांधी की तस्वीर लेकर आ गए. इस सबके बीच राहुल गांधी के भांजे की तस्वीर को जिस तरह एग्जिबिशन से बाहर कर दिया गया, उसके बाद गांधी-नेहरू परिवार की नेक्स्ट जेनरेशन अचानक चर्चा में आ गई.

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About the Author

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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