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दिल्ली दंगे को लेकर कड़कड़डूमा कोर्ट ने एक और फैसला सुनाया है. इस बार भी आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन पर एक फैसला चर्चा में है. उन्हें उम्रकैद की सजा तो पहले ही दी जा चुकी थी. अब दिल्ली दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में ताहिर हुसैन को सजा सुनाई गई है. उन्हें दो साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. यह मामला दयालपुर इलाके में दंगों के दौरान एक दुकान में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी से जुड़ा है.
असल में अदालत ने 10 अक्टूबर को ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने के अपराध में दोषी ठहराया था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147 के साथ धारा 109 के तहत दोषी करार दिया. अदालत ने इस मामले में उनके खिलाफ लगे अन्य आरोपों से उन्हें बरी कर दिया था. वहीं, मामले में शामिल नौ अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था. अदालत ने दोषी ठहराए जाने के बाद सजा सुनाने के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की थी.
अब अदालत ने उन्हें दो साल के कठोर कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरा मामला दयालपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है. शिकायतकर्ता इरशाद अली ने आरोप लगाया था कि 24 फरवरी 2020 को दंगाइयों ने उस दुकान का शटर तोड़ दिया था, जहां वह काम करते थे. इसके बाद दुकान में लूटपाट की गई और आग लगा दी गई.
शिकायत के मुताबिक दुकान से सामान लूटे जाने के कारण करीब 17 से 18 लाख रुपये का नुकसान हुआ था. वहीं इमारत को हुए नुकसान का आकलन लगभग 10 लाख रुपये लगाया गया था. एक अन्य शिकायतकर्ता मोहम्मद जाहिद ने आरोप लगाया था कि दंगाई ताहिर हुसैन के नाम के नारे लगा रहे थे और उनके साथ होने की बात कह रहे थे. इन्हीं घटनाओं से जुड़े मामले में अदालत ने ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया.
साल 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में भी ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा हो चुकी है. यह मामला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है. जुलाई 2026 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस मामले में ताहिर हुसैन उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. दुकान में लूटपाट और आगजनी से जुड़े मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने का फैसला इसी पृष्ठभूमि में आया है.
बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. इन दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे. हिंसा के दौरान दुकानों, मकानों और अन्य संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा था. दंगों से जुड़े अलग-अलग मामलों में अदालतों में सुनवाई के बाद फैसले सुनाए जा रहे हैं. ताहिर हुसैन को दुकान में लूटपाट और आगजनी से जुड़े मामले में दो साल की सजा सुनाया जाना भी इन्हीं मामलों में से एक है.