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रामराज्य में सबको न्याय और समान अवसर, विजयदशमी पर PM मोदी ने बताया सुशासन का मंत्र

दिल्ली के इंद्रप्रस्थ रामलीला आयोजन में विजयदशमी मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए रामराज्य, सुशासन, गरीबों की सेवा, जनभागीदारी और विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर जोर दिया.

Written By Renu Akarniya
Published: Oct 20, 2026, 07:18 PM IST | Updated: Oct 20, 2026, 08:17 PM IST
Image Credit: रामराज्य में सबको न्याय और समान अवसर, विजयदशमी पर PM मोदी ने बताया सुशासन का मंत्र
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दिल्ली में विजयदशमी के आयोजन में हिस्सा लेने के लिए श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ पहुंचे. PM मोदी ने विजयदशमी के मौके पर लोगों को विजयदशमी बधाई दी और सभी के लिए खुशी, खुशहाली और सफलता की कामना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्योहार लोगों के इरादे को मजबूत करे और उनके जीवन में नई पॉजिटिविटी लाए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी विजयदशमी की बधाई  
PM मोदी ने कहा कि आप सभी को विजयदशमी की दिल से बधाई. खुशी और विश्वास से भरा यह जीत का त्योहार सभी के इरादे को नई ताकत दे. हर किसी की जिंदगी खुशी, खुशहाली और सफलता से भरपूर हो, यही मेरी दिल से दुआ है.

पीएम मोदी ने रामराज्य का मतलब समझाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रामराज्य अर्थात ऐसा शासन जहां किसी के प्रति भेदभाव नहीं हो. उन्होंने शासन, बराबरी और लोगों की भलाई से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ राज करना नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिंदगी को बेहतर बनाना भी होना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए, सभी को न्याय मिलना चाहिए और सभी को आगे बढ़ने के बराबर मौके मिलने चाहिए.

गोस्वामी तुलसीदास के दोहे का जिक्र किया 
गोस्वामी तुलसीदास के दोहे, 'दैहिक दैविक भौतिक तप, राम राज्य नहीं कहुहि व्यापा' का जिक्र करते हुए PM मोदी ने भगवान राम के आदर्शों को लोगों की भलाई वाले शासन के लिए प्रेरणा बताया. उन्होंने कहा कि जनता जनार्दन बनकर उनकी सेवा करना और 'नागरिक देवो भव:' की भावना से काम करना जरूरी है. गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा को प्राथमिकता देना भी इसी सोच का हिस्सा है.

मुश्किल हालात में क्के इरादे और मेहनत से हल निकालने की जरूरत
भगवान राम के जीवन से मिली सीख का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी काबिलियत और रिसोर्स पर भरोसा करना चाहिए. मुश्किल हालात में दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय पक्के इरादे और मेहनत से हल निकालने की जरूरत होती है.

राम सेतु की घटना का दिया उदाहरण
राम सेतु की घटना का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि समुद्र और लंका जैसी बड़ी मुश्किलों के बावजूद भी भगवान श्री राम का इरादा अटल रहा. उन्होंने मिलकर काम करने की ताकत और लोगों की भागीदारी से एक मुश्किल लक्ष्य हासिल किया. PM मोदी के मुताबिक, इस घटना से यह सीख मिलती है कि अपनी काबिलियत पर भरोसा, मौजूद रिसोर्स का सही इस्तेमाल और लक्ष्य के प्रति कमिटमेंट से नामुमकिन लगने वाले काम भी पूरे किए जा सकते हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश को इसी सोच के साथ आगे बढ़ना होगा. भारत का लक्ष्य एक विकसित देश बनना और आत्मनिर्भरता हासिल करना है. इन मकसदों को पाने के लिए मैनपावर का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए किया जाना चाहिए और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए लगातार कोशिशें की जानी चाहिए.

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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