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JNU में एक प्रोफेसर को ऐसी कौन सी उपाधि दी गई? विरोध शुरू, राष्ट्रपति को लेटर!

JNU में एक प्रोफेसर को दी गई प्रोफेसर एमेरिटस की उपाधि को लेकर विवाद शुरू हो गया है. शिक्षक संगठन ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है. मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र भी भेजा गया है.

JNU में एक प्रोफेसर को ऐसी कौन सी उपाधि दी गई? विरोध शुरू, राष्ट्रपति को लेटर!
Image Credit: JNU Facebook

Delhi News: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सेवानिवृत्त प्रोफेसर पीआर कुमारस्वामी को विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित 'प्रोफेसर एमेरिटस' (Professor Emeritus) का दर्जा दिए जाने पर भारी विवाद शुरू हो गया है. जेएनयू शिक्षक संघ  (JNUTA) ने  प्रोफेसर पीआर कुमारस्वामी को उपाधि देने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की आलोचना की.  

JNU के प्रोफेसर को एक उपाधि देने पर विवाद और राष्ट्रपति को पत्र क्यों?

JNUTA ने लगाया नियमों की अनदेखी का आरोप
जेएनयू शिक्षक संघ (JNUTA) ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर यह मानद उपाधि दी है. संघ का कहना है कि यह निर्णय 30 सितंबर 2026 को एक आपातकालीन कार्यकारी परिषद (EC) की बैठक में बिना पूर्व एजेंडा या आवश्यक दस्तावेज सर्कुलेट किए 'अन्य मदों' के तहत चुपके से पारित कर दिया गया.

शिक्षक पर लंबित भ्रष्टाचार व अनियमितता के आरोप
शिक्षक संघ के अनुसार, प्रोफेसर कुमारस्वामी के खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और कार्यकारी परिषद में पहले से ही गंभीर शिकायतें व आरोप लंबित हैं. जबकि 'प्रोफेसर एमेरिटस' का सम्मान केवल बेदाग और असाधारण शैक्षणिक योगदान देने वाले गिने-चुने लोगों को ही दिया जाता है.

राष्ट्रपति से नियुक्ति को तुरंत रद्द करने की मांग 
इस पक्षपात और कार्यकारी शक्तियों के दुरुपयोग का विरोध करते हुए शिक्षक संघ ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (जो विश्वविद्यालय की विजिटर भी हैं) को पत्र लिखा. जिसमें यह अपील की गई कि इस नियुक्ति को तुरंत रद्द करने और आरोपों की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच करें.

क्या होता है प्रोफेसर एमेरिटस?
प्रोफेसर एमेरिटस एक सम्मानजनक उपाधि है, जो किसी खास प्रोफेसर को तब दी जाती है, जब वे एक्टिव सर्विस से रिटायर होते हैं.

इस उपाधि का क्या मतलब है?
- यह एक लंबे और सफल करियर के लिए सम्मान दिखाता है. यह हर स्कूल में अपने आप नहीं दिया जाता, बल्कि अच्छे काम से कमाया जाता है.
- इस उपाधि वाले रिटायर्ड प्रोफेसर को पूरी क्लास लेने, पेपर ग्रेड करने या रोजमर्रा के प्रशासनिक काम करने की जरूरत नहीं होती. 
- वे अपने स्कूल से जुड़े रहते हैं. वे रिटायर होने के बाद भी रिसर्च कर सकते हैं, किताबें लिख सकते हैं या छात्रों को गाइड करने में मदद कर सकते हैं. 

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About the Author

Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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