App

हिमांशु भाऊ गैंग की कुंडली... विदेश में बैठा सरगना, गुर्गे देश में कैसे मचा रहे उत्पात?

हिमांशु भाऊ की मौजूदा लोकेशन को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आती रही हैं. कुछ रिपोर्टें उसे अमेरिका में बताती हैं जबकि कुछ के मुताबिक वह पहले पुर्तगाल और फिर स्पेन गया. उसका जुड़ाव लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ विरोधी बंबिहा गैंग गुट से है और वह लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर दुश्मन माना जाता है.

हिमांशु भाऊ गैंग की कुंडली... विदेश में बैठा सरगना, गुर्गे देश में कैसे मचा रहे उत्पात?

हिमांशु भाऊ गैंग का नाम पिछले कुछ सालों में दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के अपराध जगत में चर्चा में है. पुलिसिया महकमे से लेकर क्रिमिनल गलियारों में हिमांशु भाऊ गैंग के गुर्गे चर्चा में बने हुए हैं. फायरिंग, हत्या, रंगदारी और गैंगवार जैसी वारदातों में इस गैंग का नाम जुड़ता रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि गैंग का सरगना हिमांशु भाऊ भारत से बाहर है. फिर भी उसके नाम पर देश में लगातार वारदातों का सिलसिला चलता रहा है. पुलिस के मुताबिक उसका नेटवर्क सिर्फ दिल्ली और हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों से लेकर विदेश तक फैला हुआ है.

असल में हिमांशु उर्फ भाऊ की स्टोरी हरियाणा के एक छोटे से गांव से शुरू होती है. रोहतक जिले के रतौली गांव का वो रहने वाला है. मगर अपराध में कदम रखते ही वो खुद को दिल्ली का 'छोटा डॉन' कहलाना पसंद करता आया है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखा. उसकी उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट में अंतर रहा है मगर दो तीन साल की ही अंतर रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसका पहला मामला 2020 का है. उसने अपने रितोली गांव में ही एक मामूली झगड़े के दौरान एक युवक पर फायरिंग कर दी थी. उस वक्त वह नाबालिग था, इसलिए हत्या के प्रयास के इस केस में पकड़े जाने पर उसे जेल की जगह हिसार के बाल सुधार गृह भेजा गया. वहीं से वह फरार हो गया और फिर उसकी क्राइम की दुनिया शुरू हो गई.

साल 2022 - एक के बाद एक, तीन घटनाएं

साल 2022 हिमांशु भाऊ के लिए वह मोड़ साबित हुआ जब उसने कुछ ही समय के अंदर लगातार तीन हत्याओं को अंजाम देकर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में दहशत फैला दी. इन हत्याओं के बाद पुलिस ने उसके ठिकानों और करीबी सहयोगियों पर ताबड़तोड़ छापे मारे लेकिन हिमांशु का कोई सुराग हाथ नहीं लगा. खुद पर शिकंजा कसता देख उसने फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश छोड़ने की योजना बनाई और भारत से फरार हो गया, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने उसकी आखिरी लोकेशन पुर्तगाल में ट्रेस की. विदेश भागने के बावजूद उसने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में अपना नेटवर्क बनाए रखा और वहीं से गैंग को निर्देश देना जारी रखा. साल 2023 में हरियाणा पुलिस उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने में सफल रही, जिसके बाद वह आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांटेड अपराधी बन गया.

35 राउंड और फिर बड़ी चर्चा

मार्च 2024 में उसके गैंग के नाम की चर्चा फिर हुई. मार्च 2024 में हरियाणा के मुरथल स्थित गुलशन ढाबे के पास शराब कारोबारी सुंदर मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात में करीब 35 राउंड गोलियां चलाई गई थीं. इस हत्या की जिम्मेदारी भाऊ गैंग ने ली. इसी घटना के बाद हिमांशु भाऊ गैंग पहली बार बड़े स्तर पर चर्चा में आया और इसके नेटवर्क को लेकर पुलिस की निगाहें तेज हुईं.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिमांशु भाऊ हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान समेत कई राज्यों में गैंग को ऑपरेट करता है. नेटवर्क में हिसार का काला खर्मपुर, फरीदपुर का नीरज और गुरुग्राम का सौरभ गिडोली जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गैंग से जोड़ा जाता है और उन्हें अपराध की दुनिया में उतारा जाता है. एक पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर गन कल्चर को बढ़ावा देकर युवाओं की भर्ती की जाती है और उन्हें पुरानी रंजिश निपटाने या विदेश भेजने का झांसा देकर अपराध कराया जाता है. ये गैंग भी वही करता है.

खुद विदेश में छिपा है सरगना

हिमांशु भाऊ फिलहाल भारत में नहीं है. उसकी मौजूदा लोकेशन को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आती रही हैं. कुछ उसे अमेरिका में बताती हैं, तो कुछ के मुताबिक वह पहले पुर्तगाल और फिर स्पेन गया. वह विदेश में ही छिपकर अपना नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है. पुलिस के मुताबिक उसका जुड़ाव लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ विरोधी बंबिहा गैंग गुट से है और उसे पंजाब के दविंदर बंबीहा गैंग का समर्थन भी हासिल बताया जाता है. वह लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर दुश्मन माना जाता है. जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना और नवीन बाली से भी उसके गठजोड़ की बात सामने आ चुकी है.

मामलों का लंबा रिकॉर्ड

हिमांशु भाऊ के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में 18 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज बताए गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा और दिल्ली में हत्या, रंगदारी, हमले और आर्म्स एक्ट के तहत 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. ये दोनों आंकड़े अलग-अलग रिपोर्ट्स पर हैं. अक्टूबर 2025 में दिल्ली पुलिस ने हिमांशु भाऊ गैंग के 10 सदस्यों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका लगाया था. संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध सुरेंद्र कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की थी.

पुलिस के मुताबिक गैंग पर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में लगातार हत्या, रंगदारी, हथियारों से हमले और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने के आरोप थे. इनमें शूटर, मददगार और साजिशकर्ता तक शामिल बताए गए. आरोपियों से रंगदारी की रकम और अवैध हथियार भी बरामद हुए, और मकोका के तहत गैंग की आपराधिक कमाई यानी proceeds of crime की पहचान कर उसे जब्त करने की जांच भी शुरू की गई.

इनाम और रेड कॉर्नर नोटिस

इसी कार्रवाई के दौरान हिमांशु भाऊ और उसके करीबी सहयोगी साहिल को भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया. पुलिस ने दोनों के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने का अनुरोध भी किया. हिमांशु भाऊ पर हरियाणा पुलिस ने 2.5 लाख रुपए और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम रखा है. इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है और उसे NIA का वांटेड अपराधी भी है.

अगस्त 2025 में ये गैंग फिर सुर्खियों में आया जब फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर पर फायरिंग हुई. इस वारदात की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ गैंग ने ली थी. गुरुग्राम पुलिस ने मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाले. इससे पहले पश्चिमी दिल्ली के एक कार शोरूम के अंदर-बाहर फायरिंग की गई थी. जिसमें छह लोग घायल हुए थे. जांच में यह हमला भी हिमांशु भाऊ के इशारे पर होने की बात सामने आई.

गुर्गों ने नाम लेकर खूब मचाया है उत्पात

18 जून 2024 की शाम पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट पर भी फायरिंग हुई थी. इसका संबंध हिमांशु भाऊ गैंग से जोड़ा गया. गैंग पर रंगदारी और प्रॉपर्टी हड़पने की कोशिश के आरोप भी सामने आए. फरवरी 2026 में दिल्ली पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया था. इसने खुद को हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर एक कारोबारी से करीब 10 करोड़ रुपए की संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर करवाने की कोशिश की थी.

जुलाई 2026 में दिल्ली के एक कारोबारी को गैंग की ओर से रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी मिली. जिसके बाद उसे पुलिस सुरक्षा दी गई. मामले में दो शूटर गिरफ्तार किए गए. इसमें एक नाबालिग भी शामिल था.

गैंग की आपसी रंजिश भी कई हत्याओं की वजह बनी. जुलाई 2025 में दिल्ली के नरेला में मुठभेड़ के बाद हिमांशु भाऊ और गोगी गैंग से जुड़े तीन गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए. जांच में पता चला कि यह हत्या 2022 में हिमांशु भाऊ के चचेरे भाई रोहित और मामा की हत्या का बदला लेने के लिए हुई थी. शायद उसी के निर्देश पर सुनियोजित तरीके से की गई थी. दिसंबर 2025 में रोहतक के रितोली गांव में हिमांशु के प्रतिद्वंद्वी सनी रितोली पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए.

एनकाउंटर पर एनकाउंटर

2026 में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई भी लगातार तेज रही. मार्च 2026 में स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र से गैंग के दो इनामी शूटर लक्ष्य और नीरज को गिरफ्तार किया, जिन पर एक-एक लाख रुपए का इनाम था. 31 मई 2026 को दिल्ली में मुठभेड़ के बाद गैंग के बदमाश आशीष को पकड़ा गया. इसके बाद 30 जुलाई 2026 को रोहिणी क्राइम ब्रांच ने दो और शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया और 21 अगस्त 2026 को बक्करवाला इलाके में आरके पुरम क्राइम ब्रांच टीम ने गैंग के दो शूटरों को एक हत्या की साजिश नाकाम करते हुए मुठभेड़ में पकड़ा. मतलब साफ है कि विदेश में बैठे सरगना के शूटर दिल्ली में लगातार सक्रिय

कोटा से चार गुर्गे गिरफ्तार

अगस्त 2026 में दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के कोटा से गैंग के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया, जिनमें शूटर रमन उर्फ फौजी और करण भी शामिल थे. दोनों पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या और फायरिंग के कई मामले दर्ज बताए गए. जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी रतन की हत्या में दोनों की भूमिका थी. इसमें 70 से ज्यादा राउंड गोलियां चली थीं.

कुल मिलकर हिमांशु भाऊ गैंग का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा से आगे राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला दिखता है. सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा रहा है कि सरगना पुर्तगाल या अमेरिका में है. गैंग के शूटर भी एक राज्य में वारदात करने के बाद दूसरे राज्य में ठिकाना बदल लेते हैं. शायद इसीलिए पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल होता है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विदेश में बैठे गैंगस्टरों का सोशल मीडिया के जरिए नए शूटर भर्ती करना और वहीं से टारगेट देना भारतीय एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है. मगर एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं. गुर्गों को पकड़ रही हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और NIA इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Gaurav Pandey

Gaurav Pandey

Gaurav is a multimedia journalist writing across a wide range of subjects, including politics, sports, cinema, explainers, opinion and Delhi Haryana civic issues. With analysis, he regularly covers social issues and public policy through in-depth. With around nine years of experience, he has worked with India Today, Hindustan Times, and Network18, producing stories with a strong focus on facts and ground reality. He studied journalism at IIMC Delhi.
Read More