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Ganesh Visarjan 2026: यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक, दिल्ली में 78 आर्टिफिशियल तालाब तैयार

दिल्ली में गणेश विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है. यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए इस बार सीधे नदी में गणेश या अन्य मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगाते हुए 78 आर्टिफिशियल तालाब और विसर्जन टैंक तैयार किए हैं.

Ganesh Visarjan 2026: यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक, दिल्ली में 78 आर्टिफिशियल तालाब तैयार
Image Credit: Ganesh Visarjan 2026

Ganesh Visarjan 2026: दिल्ली में गणेश विसर्जन का कार्यक्रम शुरू हो गया है. गणेश चतुर्थी के बाद कई भक्त अपने घरों में स्थापित गणेश मूर्तियों को कुछ दिनों बाद रीति-रिवाजों के साथ विसर्जित करते हैं. राजधानी में गणेश विसर्जन के लिए प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस बार यमुना नदी में सीधे मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी गई है.

भक्तों की सुविधा और यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 78 आर्टिफिशियल तालाब और विसर्जन टैंक बनाए हैं. सरकार के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग जिलों में कुल 78 आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं. इन इलाकों में नई दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली, सेंट्रल नॉर्थ, पुरानी दिल्ली, वेस्ट, सेंट्रल, साउथ, साउथ वेस्ट, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट, ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट और आउटर नॉर्थ शामिल हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे गणेश और दूसरी मूर्तियों को इन्हीं तय जगहों पर विसर्जित करें.

यमुना में सीधे मूर्तियों के विसर्जन पर रोक
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के नियमों के अनुसार, गणेश या दूसरी धार्मिक मूर्तियों को सीधे यमुना नदी या किसी प्राकृतिक पानी की जगह में विसर्जित नहीं किया जा सकता है. इसके लिए प्रशासन द्वारा बनाए गए आर्टिफिशियल तालाबों का इस्तेमाल करना होगा.

विसर्जन की सुविधा के लिए अलग-अलग जिलों में एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन कैंपस, कॉलोनियों और बड़े मैदानों में आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं. सरकार का मकसद मूर्ति विसर्जन को यमुना से दूर रखकर नदी के प्रदूषण को कंट्रोल करना है.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे गणपति की मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए सिर्फ तय आर्टिफिशियल तालाबों का ही इस्तेमाल करें. इससे भक्तों को विसर्जन में आसानी होगी और यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने में भी मदद मिलेगी.

मुख्य गणपति विसर्जन 25 सितंबर को होना है, जबकि भक्त पारंपरिक रूप से घर पर रखी मूर्तियों को पहले ही विसर्जित कर रहे हैं.

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About the Author

Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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