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'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील इमाम', दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर विवादित नारे

यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर कई दिन से छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इसी दौरान ये पोस्टर सामने आए. प्रदर्शन अब नए विवाद में घिरता दिख रहा है. फिलहाल यह क्लियर नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किसने लगाए या दीवारों पर ये नारे किसने लिखे.

Written By Gaurav Pandey
Published: Oct 23, 2026, 04:51 PM IST | Updated: Oct 23, 2026, 05:37 PM IST
Image Credit: जामिया कैंपस की दीवारों पर विवादित नारे
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दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में चल रहा छात्रों का प्रदर्शन अब नए विवाद में घिरता दिख रहा है. यूनिवर्सिटी कैंपस की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर', 'फ्री शरजील इमाम', जैसे नारे लिखे मिले हैं. इन नारों के सामने आने के बाद कैंपस का माहौल गरम हो गया. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन नारों को किसने लिखा और पोस्टर किसने लगाए. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब छात्र कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

कई दिनों से छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे

असल में जामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने समेत कई मांगों को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ और चुनाव व्यवस्था को दोबारा शुरू किया जाए. इसी प्रदर्शन के बीच दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है. इन नारों में कश्मीर की आजादी की मांग के साथ RSS और ABVP के खिलाफ भी संदेश लिखे गए हैं. जबकि ‘फ्री शरजील इमाम’ के नारे के जरिए शरजील इमाम की रिहाई के समर्थन में संदेश दिया गया है.

मामले की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन भी हरकत में आ गया है. जानकारी के मुताबिक प्रशासन के संज्ञान में दीवारों पर लिखे गए ये नारे आए हैं. फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन्हें किसने लिखा और इसके पीछे कौन लोग हैं. प्रशासन की ओर से संकेत दिया गया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर लिखे इन नारों को पेंट करके ढकने की तैयारी भी की जा रही है.

‘तालिमी मेला 2026’ रद्द कर दिया

उधर इस विवाद के बीच जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने अपना स्थापना दिवस कार्यक्रम ‘तालिमी मेला 2026’ भी रद्द कर दिया है. यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के 106वें स्थापना दिवस के मौके पर 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होना था. विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक छात्रों के लगातार प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के कारण कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला लिया गया है. ऐसे में स्थापना दिवस के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों पर भी असर पड़ा है.

स्लोगन के चलते अब मामला और बिगड़ गया

उधर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय परिसर में पहले से ही सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर ने ईमेल के जरिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों और संबंधित विभागों को कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी दी. ईमेल में बताया गया कि 12 अक्टूबर से विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध और असंतोष देखने को मिल रहा है. प्रशासन की ओर से छात्रों के साथ बातचीत कर विवाद सुलझाने की कोशिशें भी की गईं, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र प्रस्तावित समाधान पर सहमत नहीं हुए. फिलहाल इन स्लोगन के चलते अब मामला और बिगड़ गया है.

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About the Author

Gaurav is a multimedia journalist writing across a wide range of subjects, including politics, sports, cinema, explainers, opinion and Delhi Haryana civic issues. With analysis, he regularly covers social issues and public policy through in-depth. With around nine years of experience, he has worked with India Today, Hindustan Times, and Network18, producing stories with a strong focus on facts and ground reality. He studied journalism at IIMC Delhi.
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