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Delhi News: दिल्ली के लाजपत नगर पुलिस ने युवराज सिंह मनचंदा हत्याकांड का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है. वहीं गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अन्या वत्स और संयम सचदेवा के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनो ने युवराज की हत्या करने और शव को गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके के नाले में फेंकने की बात मान ली है. साथ ही कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.
6 सितंबर को आखिरी बार देखा गया था युवराज
पुलिस के अनुसार, युवराज सिंह, जो की 31 साल के थे और सरिता विहार के रहने वाले थे. 6 सितंबर को वो अपनी बहन के साथ सेंट्रल मार्केट खरीदारी करने गए थे. इसके बाद दोनों गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे. वहीं जब शाम के 4 बजे तो युवराज ने अपनी बहन से कहा कि उन्हें गुरुग्राम में एक मीटिंग के लिए जाना है और वह रात करीब 10 बजे तक वापस लौट आएंगे.
इसके बाद युवराज देर रात तक घर नहीं आए. परिवार वालों ने उन्हें फोन किया तो उनका मोबाइल बंद बता रहा था. काफी तलाश करने के बाद भी जब युवराज का पता नहीं चला, तो उनकी बहन ने 11 सितंबर की शाम करीब 4:15 बजे लाजपत नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
किसे हुई थी आखिरी बातचीत
पुलिस ने जांच में युवराज के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और दूसरे तकनीकी रिकॉर्ड निकले. इसमें सामने आया कि युवराज ने आखिरी बार अपनी पहली कलीग अन्या वत्स से बातचीत की थी. परिवार को भी युवराज ने बताया कि वो अन्या से मिलने गुरुग्राम जा रहे हैं. इसके बाद युवराज और अन्या दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CCTV खंगाली और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की. इसके अलावा पुराने ऑफिस से जुड़े लोगों से भी जानकारी ली गई.
कहां से दोनों को किया गिरफ्तार?
वहीं जांच के दौरान अन्या वत्स पुलिस के शक के घेरे में आ गई. पुलिस ने उस पर निगरानी शुरू की. इसी दौरान जांच टीम को पता चला कि अन्या एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रही है. इस नंबर की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की गई तो पता चला की वो उत्तराखंड में मौजूद है. इसके बाद लाजपत नगर पुलिस की एक टीम उत्तराखंड पहुंची और अन्या वत्स के साथ उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार कर लिया.
कहां मिला था शव
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि युवराज की हत्या करने के बाद उसका शव गुरुग्राम में अपने घर के पास एक नाले में फेंक दिया था. पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर को गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना इलाके में एक नाले से अज्ञात शव बरामद हुआ था. शव की फोटो लेने के बाद पुलिस ने उसे युवराज के परिवार को दिखाया. परिवार ने शव की पहचान युवराज सिंह मनचंदा के रूप में की.