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Delhi News: दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा और आवास समेत कई मांगों को लेकर डूसू उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन ने मोर्चा खोल दिया है. सत्य निकेतन हादसे के पीड़ित छात्र परिवारों को न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर दीपांशु नंगे पैर सत्याग्रह पर बैठे हैं. उनका कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
उत्तरी दिल्ली स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय में डूसू के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन छात्रों की मांगों को लेकर नंगे पैर सत्याग्रह कर रहे हैं. दीपांशु विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्रों की सुरक्षा, आवास और सत्य निकेतन हादसे के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठा रहे हैं.
दीपांशु शौकीन की प्रमुख मांगों में सत्य निकेतन में हुई दुर्घटना के पीड़ित छात्रों के परिवारों को उचित न्याय और मुआवजा देने के साथ-साथ विश्वविद्यालय और उससे जुड़े परिसरों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना शामिल है. उनका कहना है कि अलग-अलग राज्यों से दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए पर्याप्त आवास की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए.
डूसू उपाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल सुविधाओं के विस्तार और पीजी आवासों के लिए किराया नियंत्रण की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी है. इसके अलावा पीजी और विश्वविद्यालय परिसरों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने और सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करने की मांग की जा रही है. दीपांशु का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उनका आरोप है कि छात्रों के लिए सुरक्षित आवास और बेहतर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसी मांग को लेकर वह नंगे पैर सत्याग्रह कर रहे हैं.
दीपांशु शौकीन ने साफ किया है कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और सत्य निकेतन हादसे के प्रभावित परिवारों को न्याय एवं उचित आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा. अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है.
(दिल्ली से नसीम अहमद की रिपोर्ट)