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Delhi News: दिल्ली के लाल किले के पास कार ब्लास्ट की जांच में NIA की चार्जशीट से कई अगम दावे किए. जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी A-1, A-4 और A-6 कई बार रेड फोर्ट और उसके आसपास के इलाकों में पहुंचे थे. चार्जशीट में कहा गया है कि इनका मकसद सिर्फ वहां घूमना नहीं था, बल्कि IED तैयार करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना भी था.
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वे पहले भी अलग-अलग तारीखों पर रेड फोर्ट इलाके में मौजूद रहे थे. दस्तावेज में इनकी लोकेशन का ब्यौरा भी दिया गया है.
NIA के अनुसार, A-1 और A-4 की एक खास आदत सामने आई. जब भी A-6 उनके साथ होता था और A-6 के मोबाइल फोन का इस्तेमाल सर्चिंग या ब्राउजिंग के लिए किया जाता था, तब A-1 और A-4 अपने मोबाइल फोन बंद कर देते थे. जांच एजेंसी ने इस व्यवहार को भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया है.
कई तारीखों पर रेड फोर्ट इलाके में मौजूदगी
चार्जशीट में A-1, A-4 और A-6 की रेड फोर्ट इलाके में मौजूदगी से जुड़ी तारीखें दर्ज की गई हैं. इनमें 20 दिसंबर 2023, 23 दिसंबर 2023, 26 मई 2024, 8 जून 2024, 14 जून 2024, 27 जून 2024, 11 जुलाई 2024, 17 जुलाई 2024, 9 अगस्त 2024, 4 दिसंबर 2024, 1 जनवरी 2025 और 10 मई 2025 शामिल हैं.
NIA का दावा है कि इन गतिविधियों से आरोपियों की आपसी आवाजाही और उनके बीच समन्वय की तस्वीर सामने आती है.
रेड फोर्ट को बताया गया 'भारतीय राज्य' का प्रतीक
चार्जशीट में जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपी रेड फोर्ट को भारतीय राज्य के प्रतीक के तौर पर देखते थे. एजेंसी के मुताबिक, A-1 के अल फलाह यूनिवर्सिटी स्थित परिसर से बरामद हाथ से लिखे नोट्स में कथित तौर पर AGuH के सदस्यों के लोकतंत्र के खिलाफ होने और भारत में शरिया कानून लागू करने की इच्छा का जिक्र मिला.
NIA का आरोप है कि इसी सोच के तहत रेड फोर्ट के पास धमाका करना केवल एक आतंकी वारदात नहीं, बल्कि राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. एजेंसी के मुताबिक, इसी वजह से आरोपी पहले भी रेड फोर्ट से सटे इलाकों में कई बार पहुंचे थे.
गिरफ्तारियों के बाद तेज हुई साजिश की जांच
चार्जशीट में कहा गया है कि कथित साजिश के ऑपरेशनल हिस्से को अंजाम देने की तैयारी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और तेज हो गई. NIA के मुताबिक, A-4, A-6 और A-7 की गिरफ्तारी, उनके खिलाफ दर्ज केस और बाद में AGuH सदस्यों के ठिकानों से विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद साजिश की गतिविधियां तेज हुईं.
एजेंसी के अनुसार, 10 नवंबर 2025 को A-1 ने उन खुफिया और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों से बचते हुए, जो उसकी तलाश में थीं, कथित तौर पर रेड फोर्ट के पास धमाका करने के लिए ऊपर बताए गए स्थान को चुना.
यानी NIA की चार्जशीट के मुताबिक, रेड फोर्ट इलाके में आरोपियों की बार-बार मौजूदगी, इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद, मोबाइल फोन बंद करने जैसी गतिविधियां और बाद में कथित विस्फोट की तैयारी इन सभी को एक ही बड़ी साजिश की कड़ियों के तौर पर देखा जा रहा है.