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Delhi News: दिल्ली के बुराड़ी इलाके के लोगों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, सड़कों और ड्रेनेज की व्यवस्था को बनाने के लिए PWD जल्द ही बड़े लेवल पर काम करने वाला है. इस प्रोजेक्ट में लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. ऐसा करने का मेन उद्देश्य बुराड़ी की सड़कों की हालत सुधारना, इलाके की कनेक्टिविटी पहले से सही करना और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की परेशानी को कम करना है.
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुराड़ी रोड और नालियों का जाकर निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विभाग के बड़े अधिकारियों के साथ प्रस्तावित विकास योजना की समीक्षा भी की. इसके बाद अधिकारियों को सड़क और ड्रेनेज से जुड़े काम को तय समय में पूरा करने की बात कही.
सड़क का होगा विकास
इस योजना में बुराड़ी रोड का 7.1 किलोमीटर लंबे हिस्से को शामिल किया गया है. ये सड़क आउटर रिंग रोड से शुरू होकर बाबा कॉलोनी, नत्थूपुरा होते हुए हिरनकी तक जाती है. विभाग सड़क को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग हिस्सों में विकसित करेगा. आउटर रिंग रोड से बाबा कॉलोनी और नत्थूपुरा से हिरनकी तक के हिस्से को बिटुमिनस सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा. इन दोनों हिस्सों की कुल लंबाई करीब 3.2 किलोमीटर के आसाप होगी.
वहीं, दूसरी तरफ बाबा कॉलोनी से नत्थूपुरा तक करीब 3.9 किलोमीटर लंबी सड़क को आरसीसी रोड में बदल दिया जाएगा. इस काम पर करीब 39 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. सड़क के साथ पूरे 7.1 किलोमीटर हिस्से में डिवाइडर और हरित पट्टी भी विकसित की जाएगी. इससे सड़क की सुविधा के साथ इलाके का स्वरूप भी बेहतर होगा.
ड्रेनेज नेटवर्क बनेगा
इतना ही नहीं सड़क बानाने के साथ-साथ पानी कहां से निकलेगा इस व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा. PWD करीब 9.3 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करेगा. इस पर लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. प्रस्तावित ड्रेनेज नेटवर्क के तहत अमृत विहार और बंगाली कॉलोनी के बीच सड़क के दोनों ओर नई नालियां बनाई जाएंगी. इसके अलावा स्वरूप नगर मोड़ से बुराड़ी की ओर जाने वाले हिस्से में भी मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा.
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार का इस का उद्देश्य सड़क के अलग-अलग हिस्सों की मरम्मत करना नहीं है, बल्कि पूरे बुराड़ी कॉरिडोर को एक साथ बेहतर बनाने की योजना है, जिससे लोगों को आने-जाने में आसानी हो. साथ ही बारिश के समय जलभराव की समस्या से भी लोगों को राहत मिल सके.