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Delhi News: दिल्ली में गणेश महोत्सव के समापन और अनंत चतुर्दशी के मौके पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. युमना नदी में किसी भी तरह का प्रदूषण न हो इसके लिए इस बार नदी के प्राकृतिक किनारों और मुख्य घाटों पर प्रतिमा विसर्जन की परमिशन नहीं है. लोगों को प्रशासन की तरफ से बनाए गए कृत्रिम तालाबों में ही गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करना होगा.
कितने तालब बनाए गए?
राजधानी के सारे 13 जिलों में लगभग 83 कृत्रिम विसर्जन तालाब बनाकर तैयार किए गए हैं. प्रशासन का अनुमान है कि आज इन तालाबों में 50 हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इन अस्थायी तालाबों में पिछले 4 दिनों से पानी भरने का काम किया जा रहा है. दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से 200 से ज्यादा पानी टैंकर लगाए गए हैं, जिससे सारे विसर्जन वाले जगहों पर पर्याप्त पानी उपलब्ध रहे.
गणेशोत्सव का आयोजन
इस साल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 1000 से ज्यादा पब्लिक गणेश पूजा समितियों और पंडालों ने गणेशोत्सव का आयोजन किया है. इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों में भी गणपति की स्थापना की है. इन जगहों पर भीड़ होने की संभावना है. ऐसा इसलिए क्योंकि आज अनंत चतुर्दशी भी है.
हाई-मास्ट लाइट और फ्लडलाइट लगाई गई
भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए राजस्व विभाग के साथ दिल्ली पुलिस और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी विशेष इंतजाम किए हैं. विसर्जन वाली जगहों पर सिविल डिफेंस के वालंटियर्स और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है. शाम और रात के समय पर्याप्त रोशनी के लिए हाई-मास्ट लाइट और फ्लडलाइट लगाई गई हैं. कुछ संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी भी की जाएगी.
आपात से निपटने के लिए की गई व्यवस्था
वहीं किसी भी आपात से निपटने के लिए विसर्जन वाली जगहों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है. पैरामेडिकल स्टाफ को भी अलर्ट पर रखा गया है. प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों को विसर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और पूरी प्रोसेस सुरक्षित तरीके से पूरी हो.
रूट डायवर्जन और पार्किंग की विशेष व्यवस्था
विसर्जन जुलूसों के दौरान सड़कों पर जाम न लगे इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई इलाकों में रूट डायवर्जन और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की है. वहीं, विसर्जन के बाद प्रतिमाओं से निकलने वाले अवशेष और दूसरे कचरे के निपटारे के लिए MCD की विशेष सफाई टीमें तैनात रहेंगी. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों में ही करें. इससे धार्मिक परंपरा का पालन करने के साथ यमुना नदी और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में भी मदद मिलेगी.