पराली जलाने के मामले घटे, फिर दिल्ली की हवा जहरीली क्यों... खराब AQI के लिए कौन जिम्मेदार?
दिल्ली के प्रदूषण को लेकर AAP ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने के मामले 90-95% तक घटे हैं, जबकि यूपी और मध्य प्रदेश में घटनाएं बढ़ रही हैं. पार्टी ने AQI मॉनिटरिंग और क्लाउड सीडिंग पर भी सवाल उठाए.
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा. दिल्ली में जहरीली होती हवा के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराने वाले मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के बयान पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी सरकार की नाकामी छिपाने के लिए पंजाब के किसानों को बदनाम कर रही है. पार्टी ने सवाल उठाया कि जब पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी आई है तो फिर दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रित करने में भाजपा सरकार क्यों नाकाम साबित हो रही है?
पराली जलाने की घटनाओं में लगभग 90-95% तक की कमी
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने किसानों के साथ मिलकर पराली जलाने की घटनाओं में लगभग 90 से 95 प्रतिशत तक की कमी की है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले पराली जलाने के करीब 71 से 80 हजार मामले सामने आते थे, जबकि पिछले साल इनकी संख्या घटकर लगभग पांच हजार रह गई थी. इस साल अब तक केवल एक हजार मामले सामने आए हैं. ऐसे में भाजपा को पंजाब के किसानों पर आरोप लगाने के बजाय दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए किए गए अपने कामों का हिसाब देना चाहिए.
AAP ने लगाया AQI के आंकड़ों को कम दिखाने का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार प्रदूषण कम करने के बजाय AQI के आंकड़ों को कम दिखाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने पिछले साल सात और इस साल 13 नए प्रदूषण निगरानी स्टेशन लगाए हैं, जबकि पहले से दिल्ली में 39 स्टेशन थे. इसके अलावा 20 नए मॉनिटरिंग स्टेशन हरे-भरे इलाकों में लगाए जा रहे हैं. उनके मुताबिक इन स्थानों पर अपेक्षाकृत कम प्रदूषण दर्ज होने से दिल्ली के औसत एक्यूआई को कम दिखाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान प्रदूषण कम करने के बजाय आंकड़ों को बेहतर दिखाने पर है.
प्रदूषण निगरानी केंद्रों के आसपास पानी के टैंकरों से करवाया था छिड़काव
उन्होंने पिछले साल आनंद विहार और द्वारका के प्रदूषण निगरानी केंद्रों के आसपास पानी के टैंकरों से छिड़काव किए जाने का भी आरोप लगाया. भारद्वाज ने कहा कि प्रदूषण की समस्या का वास्तविक समाधान निकालने के बजाय आंकड़ों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कृत्रिम बारिश (आर्टिफिशियल रेन) कराने की भाजपा सरकार की घोषणा पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि केंद्र सरकार के संबंधित विभाग ने दिल्ली में उस मौसम के दौरान कृत्रिम बारिश की संभावना नहीं होने की जानकारी दी थी, इसके बावजूद इस योजना पर पैसा खर्च किया गया. उन्होंने पूछा कि इस खर्च की जवाबदेही कौन लेगा? <
दिल्ली के प्रदूषण के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदारी लेने से बच रही
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली के प्रदूषण के लिए भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए लगातार पंजाब का नाम ले रही है. उन्होंने मनजिंदर सिंह सिरसा पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति उस बच्चे जैसी है, जिसने पूरे साल पढ़ाई नहीं की और परीक्षा में असफल होने पर पड़ोसी बेंच पर बैठे बच्चे को जिम्मेदार ठहरा रहा है.
UP और MP में पराली जलाने की घटनाओं पर सरकार क्यों है चुप?
अनुराग ढांडा ने कहा कि वर्ष 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के समय पराली जलाने की घटनाएं काफी अधिक थीं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों के साथ संवाद और सहयोग के जरिए इन घटनाओं को कम करने के लिए काम किया. उनके अनुसार, पिछले साल पंजाब में पराली जलाने के मामले पांच हजार से भी कम रह गए थे और इस साल इनकी संख्या लगभग एक हजार तक पहुंच गई है. उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं पर वह चुप क्यों रहती है?
UP में हर साल पराली जलाने के मामलों में 25-30% तक हो रही वृद्धि- AAP
अनुराग ढांडा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में हर साल पराली जलाने की घटनाओं में 25 से 30% तक की वृद्धि हो रही है. मेरठ, अलीगढ़, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त सहायता और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं करा रही है.
हर साल MP में हर साल पराली के मामलों में लगभग 150% तक हो रही बढ़ोतरी
अनुराग ढांडा ने मध्य प्रदेश का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है. उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में हर साल पराली जलाने के मामलों में लगभग 150 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो रही है. उनके मुताबिक, पिछले साल देशभर में पराली जलाने की कुल घटनाओं में से 52 प्रतिशत घटनाएं अकेले मध्य प्रदेश में दर्ज की गई थीं, जहां लंबे समय से भाजपा की सरकार है. उन्होंने सवाल किया कि भाजपा मध्य प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किए गए प्रयासों का ब्यौरा क्यों नहीं देती? अगर पंजाब के किसानों को दिल्ली के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बढ़ती घटनाओं पर भी भाजपा को जवाब देना चाहिए.
दिल्ली में हर साल बढ़ता है प्रदूषण, मगर नियंत्रण के लिए कोई ठोस तैयारी नहीं- AAP
अनुराग ढांडा ने कहा कि दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढ़ता है. यह कोई नई समस्या नहीं है और सरकार को पहले से ही इसकी जानकारी रहती है. इसके बावजूद प्रदूषण नियंत्रण के लिए समय रहते ठोस तैयारियां नहीं की गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले साल क्लाउड सीडिंग के जरिए बारिश कराने और प्रदूषण कम करने का दावा किया था, लेकिन यह योजना भी सफल नहीं हुई. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि दिल्ली की हवा साफ करने के लिए उसने अब तक कौन से ठोस कदम उठाए हैं. केवल पंजाब के किसानों को दोषी ठहराने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी. इसके लिए प्रदूषण के सभी स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी.
'आप' नेताओं ने अंत में कहा कि पंजाब का एक्यूआई और दिल्ली का एक्यूआई देखकर ही दोनों राज्यों की मौजूदा स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. पार्टी ने भाजपा से मांग की कि वह किसानों को बदनाम करने की राजनीति छोड़कर दिल्ली के प्रदूषण पर जवाबदेही तय करे. सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से सवाल किया कि आखिर दिल्ली की जहरीली हवा के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा और राजधानी को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए सरकार की ठोस कार्ययोजना क्या है?
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(Input: आईएएनएस)