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Delhi News: दिल्ली पुलिस के बेड़े में शामिल होगा एक ऐसा रोबोट जो न केवल बम को डिटेक्ट करेगा बल्कि डिफ्यूज करने में अहम भूमिका निभाएगा. दिल्ली पुलिस मुख्यालय में ऐसे ही रोबोट का प्रेजेंटेशन दिया गया. दरअसल, जब भी भीड़-भाड़ वाले बाजार या फिर मंदिर से बम थ्रेट की कॉल आती है, तो कॉल की सूचना मिलने के बाद पुलिस उस संदिग्ध जगह पहुंचती है. इसके बाद बम को डिटेक्ट किया जाता है और डिफ्यूज किया जाता है.
कैसे करेगा रोबोट काम?
वहीं मानव रहित रोबोट के आने से किसी भी पुलिसकर्मी या फिर बम निरोधक दस्ते को बम के पास जाने की जरूरत नहीं होगी. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मानव रहित रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा. ये रोबोट करीब 1 किलोमीटर की डिस्टेंस से ही संदिग्ध वस्तु की जांच करने में सक्षम होगा. रोबोट पहले ये पता लगाएगा कि संदिग्ध वस्तु में किसी तरह का विस्फोटक मौजूद है या नहीं. जांच के दौरान विस्फोटक पाए जाने पर जवानों को मौके पर भेजने के बजाय रोबोट की मदद से उसे सुरक्षित तरीके से निर्धारित बम डिफ्यूजिंग बास्केट तक पहुंचाया जा सकेगा.
क्या है इस रोबोट की खासियत?
रिमोट से चलने वाला ये रोबोट 8 से 50 किलो तक का वजन उठा सकता है. साथ ही किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक की सूचना मिलने पर इसे मौके पर भेजा जा सकता है. रोबोट खतरनाक वस्तु के पास पहुंचकर उसे उठाकर सुरक्षित जगह तक ले जाने में मदद करेगा. इससे पुलिस वालों और बम निरोधक दस्ते के जवानों को खतरे वाली जगह पर सीधे जाने की जरूरत कम होगी.
प्रदर्शन में आयरलैंड का भी रोबोट शामिल
रास्ते खराब हो या सीढ़ियों पर चढ़ना हो सभी जगह ये रोबट आसानी से पहुंच सकता है. साथ ही वहां से बम को डिफ्यूज भी कर सकता है. इस रोबोट के साथ-साथ दिल्ली पुलिस ने आयरलैंड से बनी बम डिडक्शन और बम डिफ्यूज रोबोट को भी प्रदर्शन में रखा था. ये मेड इन आयरलैंड है. आयरलैंड के इस रोबोट में न केवल बम डिटेक्ट और डिफ्यूज करने की क्षमता है, बल्कि इसे AK-47 जैसे हथियार से भी लैस किया जा सकता है. ये रोबोट करीब एक से दो किलोमीटर की दूरी तक फायरिंग भी कर सकता है.
रोबोट बचा सकता है पुलिस वालों की जान
भीड़भाड़ वाले बाजार हों या दिल्ली जैसे बड़े महानगर, यहां से अक्सर बम ब्लास्ट बम की कॉल संदिग्ध वस्तुएं की कॉल मिलती रहती है. इस तरह के कॉल आना पुलिस और एजेंसी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. ऐसे में इस तरह के रोबोट का पुलिस के बेड़े में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे पुलिस वालों की जान भी बचाई जा सकती है.
(दिल्ली से राजू राज की रिपोर्ट)