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दिल्ली पुलिस की IFSO टीम ने पितामपुरा में चल रहे एक अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी अमेरिका में रहने वाले लोगों को टेक सपोर्ट के नाम पर ठगते थे और गिरोह ने अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की है. पुलिस ने दो महिलाओं समेत 11 आरोपियों को पकड़ा है और मौके से 41 लाख रुपये कैश, 29 लैपटॉप और 25 मोबाइल समेत कई सामान बरामद किए हैं.
असल में IFSO टीम को पितामपुरा इलाके में अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस टीम ने पितामपुरा गांव की शिवाजी मार्केट स्थित एक मकान की तीसरी और चौथी मंजिल पर छापेमारी की. पुलिस के मुताबिक, दोनों मंजिलों पर किराए के परिसर में हाईटेक तरीके से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था. यहां से आरोपी अमेरिका में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर टेक सपोर्ट के नाम पर साइबर ठगी करते थे.
मालवेयर से शुरू होता था खेल
पुलिस के मुताबिक गिरोह पहले पीड़ित के कंप्यूटर में मालवेयर पहुंचाता था. इसके बाद कंप्यूटर की स्क्रीन पर एक पॉप अप दिखाई देता था. इसमें तकनीकी मदद के लिए एक टोल फ्री नंबर दिया जाता था. पीड़ित जैसे ही इस नंबर पर कॉल करता था, उसकी कॉल सीधे पितामपुरा में चल रहे कॉल सेंटर में पहुंच जाती थी. वहां मौजूद आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट कर्मचारी बताते थे.
इसके बाद आरोपी पीड़ित को डराते थे कि उसके कंप्यूटर में वायरस आ गया है और उसका बैंक अकाउंट भी खतरे में है. इसी बहाने आरोपी पीड़ित के कंप्यूटर में Ultra Viewer नाम का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करवाते थे. इसके जरिए उन्हें कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस मिल जाता था. इसके बाद आरोपी पीड़ित के कंप्यूटर पर अपनी गतिविधियां करने में सक्षम हो जाते थे.
बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी
रिमोट एक्सेस हासिल करने के बाद पीड़ित की कॉल गिरोह के दूसरे सदस्य को ट्रांसफर कर दी जाती थी. यह आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताता था. गिरोह Google Voice के जरिए अमेरिकी नंबरों से पीड़ितों से बात करता था. इसके बाद उन्हें iTunes, Sephora, Target और Google Pay के गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था. कुछ मामलों में पीड़ितों से Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी भी ट्रांसफर करवाई गई.
फर्जी दस्तावेजों से डराते थे
आरोपी गिफ्ट कार्ड के कोड WhatsApp ग्रुप के जरिए गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचाते थे. पीड़ितों पर दबाव बनाने के लिए FBI और दूसरी अमेरिकी एजेंसियों के नाम से फर्जी दस्तावेज और मैसेज भी भेजे जाते थे. कॉल के दौरान आरोपी अपनी असली पहचान छिपाने के लिए Williams, Rayan, Sofi, Genny और Alex जैसे फर्जी नामों का इस्तेमाल करते थे.
41 लाख कैश और 29 लैपटॉप बरामद
IFSO टीम ने छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये कैश, 29 लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 8 राउटर और एक किआ कार बरामद की है. पुलिस ने दो महिलाओं समेत 11 आरोपियों को पकड़ा है. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह अमेरिका में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर लंबे समय से इस तरीके से ठगी कर रहा था. मामले में आगे की जांच जारी है. (रिपोर्ट चरणसिंह सहरावत)