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GRAP-2 के बीच दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला, अब वर्किंग डेज में चलेंगी 20 एक्सट्रा ट्रेन ट्रिप

राजधानी में GRAP-II लागू होने के बाद दिल्ली मेट्रो कल से हफ्ते के दिनों में 20 अतिरिक्त फेरे लगाएगी. इस तरह कुल अतिरिक्त फेरों की संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी.

Written By Renu Akarniya
Published: Nov 02, 2026, 09:06 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 10:29 PM IST
Image Credit: GRAP-2 के बीच दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला, अब वर्किंग डेज में चलेंगी 20 एक्सट्रा ट्रेन ट्रिप (ANI)
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दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) मंगलवार से हफ्ते के दिनों (weekdays) में 20 और ट्रेन ट्रिप चलाएगा, जिससे उसके नेटवर्क पर कुल एक्स्ट्रा सर्विस की संख्या 40 हो जाएगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी GRAP स्टेज II के तहत बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कदम उठा रही है. 

इस कदम का मकसद ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को प्राइवेट गाड़ियों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, जिससे गाड़ियों से होने वाले एमिशन को रोकने और पॉल्यूशन को कम करने में मदद मिलेगी.

मेट्रो सर्विस बढ़ाने का मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट को यात्रियों के लिए ज्यादा आसान बनाना और लोगों को अपनी प्राइवेट गाड़ियां घर पर छोड़ने के लिए बढ़ावा देना है. सड़कों पर कम प्राइवेट गाड़ियां गाड़ियों से होने वाले एमिशन को कम करने में मदद कर सकती हैं, जो दिल्ली में सर्दियों में हवा के प्रदूषण का एक कारण है.

दिल्ली मेट्रो ने प्रदूषण कंट्रोल के उपायों के तहत पहले ही सर्विस बढ़ा दी थी. नई सर्विस के साथ, यात्रियों को हफ्ते के दिनों में ज्यादा ट्रेन ट्रिप मिलेंगी, खासकर जब अधिकारी राजधानी में प्रदूषण को कम करने की कोशिशें बढ़ा रहे हैं.

GRAP का मतलब 
GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में गंभीर वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने और कम करने के लिए इमरजेंसी उपायों और नियमों का एक सेट है.

ज्यादा प्रदूषण पर अचानक रिएक्ट करने के बजाय GRAP स्टेप-बाय-स्टेप प्रतिबंध लगाता है.

स्टेज 1 (खराब- AQI 201–300): रेस्टोरेंट और तंदूर में कोयला और जलाने की लकड़ी पर बैन, डीज़ल जनरेटर पर रोक, सड़क पर छिड़काव बढ़ाना, और पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) नियम लागू करना.

स्टेज 2 (बहुत खराब- AQI 301–400): प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट (मेट्रो और बसें) को बढ़ाना, और मैकेनिकल रोड स्वीपिंग बढ़ाना.

स्टेज 3 (खराब- AQI 401–450): कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ के काम बंद करना, पत्थर तोड़ने वाली मशीनें और ईंट भट्टे बंद करना, और पुरानी पेट्रोल या डीज़ल गाड़ियों पर रोक लगाना.

स्टेज 4 (गंभीर प्लस AQI 450 पार): भारी ट्रकों की एंट्री पर बैन, सभी कंस्ट्रक्शन का काम पूरी तरह से रोक, और हाइब्रिड या ऑनलाइन क्लास में शिफ्ट करने जैसे इमरजेंसी उपाय शुरू करना.

GRAP स्टेज II का क्या मतलब है?
GRAP दिल्ली-NCR में हवा की क्वालिटी खराब होने पर इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों का एक ग्रेडेड सेट है. स्टेज II तब शुरू होता है, जब AQI 301-400 की 'बहुत खराब' रेंज में आ जाता है. इस स्टेज के तहत किए जाने वाले उपायों का मकसद प्रदूषण के लेवल को और खराब होने से रोकना है.
ये भी पढ़ें: Delhi में सांसों पर पहरा: GRAP-2 लागू! जानिए अब क्या चलेगा और किस पर लग गया Full Stop?

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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