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शाहदरा जिला के शाहदरा थाने में वकीलों ने हंगामा किया था. वहां पर मौजूद SHO और एसीपी के साथ बदसलूकी करते हुए नजर आए थे. इस दौरान एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें ACP वकीलों से साथ बात करते हुए अपने हाथ में अपनी सर्विस पिस्टल लिए दिख रहे थे. इसी बात को लेकर वकीलों ने और हंगामा किया था. इसके बाद आला अधिकारियों ने ACP शाहदरा और SHO शाहदरा का ट्रांसफर कर दिया था. इसी को लेकर सोमवार को एसीपी शाहदरा मनस्वी वशिष्ठ समेत 20 के करीब पुलिसकर्मी पुलिस मुख्यालय (PHQ) पर प्रदर्शन करने पहुंचे.
प्रोटेस्ट कर रहे जवानों को पुलिस हेडक्वार्टर में घुसने से रोका गया. इस बीच दौरान नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने प्रोटेस्ट करने वालों से बातचीत की और उन्हें PHQ में घुसने और अधिकारियों से बात करने के लिए मनाने की कोशिश की.
झगड़ा एक वकील पर हमले के बाद शुरू हुआ
यह पूरा मामला 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से जुड़ा है. वकील ललित बंसल के सिर में कथित तौर पर हाथापाई के दौरान गंभीर चोट लगी थी. इस घटना के बाद स्टेशन पर वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ गया. इसके विरोध में जिला कोर्ट के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.
बाद में पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि FIR और शिकायतों की जांच दो महीने के अंदर की जाएगी. इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी. हालांकि, इस चल रही घटना के बीच दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर के फैसले से निचले रैंक के पुलिसकर्मियों में नाराजगी फैल गई.
ACP मनस्वी वशिष्ठ और SHO अरुण कुमार का ट्रांसफर
28 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने गांधी नगर सबडिवीजन में SDPO के पद पर तैनात ACP मनस्वी वशिष्ठ का ट्रांसफर कर दिया. उन्हें स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में भेजा गया. वहीं शाहदरा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का ट्रांसफर सिक्योरिटी यूनिट में कर दिया गया.
ट्रांसफर के बाद ACP मनस्वी वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को एक लेटर लिखकर ओपन हाउस (ओपन हाउस) की मांग की. कुछ पुलिस अधिकारियों ने भी दोनों अधिकारियों के ट्रांसफर पर अपनी नाराजगी जताई.
(अशोक कुमार की रिपोर्ट)