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हर घर में 24 घंटे पानी पहुंचाने के लिए DJB का क्या है पूरा प्लान? समझें 6 बड़े बदलाव

Delhi Jal Board: दिल्ली में 24 घंटे पानी पहुंचाने की योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से आयोजित जल मंथन 2026 में देश-विदेश के जल और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों समेत अधिकारियों ने पानी और सीवेज व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.

हर घर में 24 घंटे पानी पहुंचाने के लिए DJB का क्या है पूरा प्लान? समझें 6 बड़े बदलाव
Image Credit: DJB_DNH

Delhi News: दिल्ली में हर घर 24 घंटे पानी पहुंचाने की कोशिश जारी है. दरअसल, इसे लेकर दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने अपने प्लान को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसे लेकर आयोजित जल मंथन 2026 में देश-विदेश के जल विशेषज्ञों, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों और अधिकारियों ने दिल्ली के पानी और सीवेज सिस्टम से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. दो दिन चली कॉन्फ्रेंस के बाद कई तरह के सुझाव सामने आए हैं. इसे अब जल संकल्प फ्रेमवर्क के तहत लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा.

DJB का फोकस सिर्फ पानी की सप्लाई बढ़ाने पर नहीं है. इसकी जगह पानी की बर्बादी रोकने,  सीवेज के पानी का दोबारा इस्तेमाल करने, टेक्नोलॉजी के जरिए सिस्टम की निगरानी बढ़ाने और यमुना के प्रदूषण को कम करने पर भी है. ऐसे में आइए जानते हैं दिल्ली के लिए प्रबंधन में कौन से 6 बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं.

1. 24x7 पानी की सप्लाई पर जोर
DJB की प्लानिंग दिल्ली में लोगों को साफ पानी देने की है. ऐसे में पानी की सप्लाई और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. कॉन्फ्रेंस में पानी की क्वालिटी, सप्लाई नेटवर्क और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई. लक्ष्य ये है कि लोगों को साफ पानी मिले और सप्लाई सिस्टम में होने वाली समस्याओं को समय रहते पहचाना जा सके.

2. पानी की बर्बादी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर
दिल्ली में पानी के वितरण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करना भी DJB के प्लान का अहम हिस्सा है. इसके लिए स्मार्ट मीटरिंग और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई. इतना ही नहीं स्मार्ट मीटर की मदद से पानी की खपत और सप्लाई से जुड़ा डेटा बेहतर तरीके से जुटाया जा सकता है. इससे ये समझने में मदद मिल सकती है कि पानी कहां और कितनी मात्रा में इस्तेमाल हो रहा है. दूसरी तरफ पानी की  बर्बादी और लीकेज को कम करने के लिए बेहतर निगरानी की जा सकेगी

3. AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी से निगरानी
जल मंथन में दिल्ली के जल प्रबंधन सिस्टम को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया गया है. अधिकारियों और विशेषज्ञों ने (AI), मशीन लर्निंग, डिजिटल ट्विन्स, SCADA और एडवांस्ड लीकेज डिटेक्शन सिस्टम जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा की.

इन तकनीकों का इस्तेमाल पानी और सीवेज सिस्टम की निगरानी, लीकेज की समस्या की पहचान और बेहतर फैसले लेने के लिए जा सकता है. DJB के लिए  डिजिटल DJB का लक्ष्य जल प्रबंधन को ज्यादा आधुनिक और डेटा आधारित बनाना है.

4. गंदे पानी का दोबारा इस्तेमाल
इतना ही नहीं कॉन्फ्रेंस में सर्कुलर वाटर इकोनॉमी यानी पानी को इस्तेमाल के बाद दोबारा उपयोग में लाने की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई. ट्रीट किए गए वेस्ट वाटर को पीने के अलावा दूसरे कामों में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया. ऐसा करने से मीठे पानी के स्रोतों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट से निकलने वाली गाद यानी स्लज से उपयोगी संसाधन हासिल करने के ऑप्शन पर भी चर्चा हुई.

5. यमुना को साफ करने पर फोकस
दिल्ली के जल प्रबंधन की चर्चा यमुना के बिना पूरी होने आसान नहीं है. यही कारण है कि यमुना के पुनर्जीवन को भी जल मंथन के 6 प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया. इसके तहत सीवेज कलेक्शन, सीवेज ट्रीटमेंट, ड्रेन मैनेजमेंट और प्रदूषण कंट्रोल को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई. DJB का लक्ष्य पानी और सीवेज सिस्टम को अलग-अलग देखने के बजाय पूरे सिस्टम को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मानकर काम करना है.

6. DJB को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना
जल व्यवस्था को लंबे समय तक सही तरीके से बनाए रखने के लिए आर्थिक स्थिरता पर भी चर्चा हुई. DJB के सामने एक बड़ी चुनौती ये है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगातार निवेश की जरूरत होगी. यही कारण है कि जल मंथन में फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी को भी मेन मुद्दा बनाया गया. इसके साथ भविष्य की जरूरतों के अनुसार, DJB के कर्मचारियों को तैयार करने और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.

क्या है ‘जल संकल्प’ फ्रेमवर्क?
दो दिन की चर्चा के बाद सामने आए सुझावों को ‘जल संकल्प’ फ्रेमवर्क के तहत आगे बढ़ाने की तैयारी है. इसका उद्देश्य कॉन्फ्रेंस में हुई चर्चाओं को सिर्फ सुझावों तक सीमित न रखकर उन्हें जमीन पर लागू किए जा सकने वाले उपायों में बदलना है. इस कॉन्फ्रेंस में भारत के अलावा इजराइल, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फ्रांस के विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया. वर्ल्ड बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसे संस्थानों के प्रतिनिधि भी चर्चा में शामिल रहे.

क्या कहा  जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने? 
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, जल मंथन 2026 का उद्देश्य दुनिया और भारत से मिले बेहतर विचारों और तकनीकों को दिल्ली की जरूरतों के मुताबिक समाधान में बदलना है. उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं की सफलता तभी मानी जाएगी, जब लोगों को पानी की बेहतर सेवाएं मिलें और यमुना की स्थिति में भी सुधार दिखाई दे.

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About the Author

Akanchha Singh

Akanchha Singh

जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
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