Delhi हाईकोर्ट का अनोखा आदेश, 50 हजार का जुर्माना माफ; लेकिन वकील को बांटने होंगे समोसे-चाय
कोर्ट ने एक कंपनी के खिलाफ चेक बाउंस केस में 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया था, लेकिन 17 सितंबर को उसने जुर्माना माफ कर दिया और वकील को दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के स्टाफ के बीच समोसे और चाय बांटने का निर्देश दिया.
Delhi News: दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी के वकील को एक अनोखा निर्देश दिया है, जिसमें चेक बाउंस के एक मामले में लगाया गया ₹50,000 का जुर्माना माफ कर दिया गया है. कोर्ट ने कहा कि वकील को एक हफ्ते के अंदर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के सभी कर्मचारियों को समोसे और चाय बांटनी होगी.
जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह आदेश 17 सितंबर को जारी किया. इससे पहले, 20 अगस्त को कोर्ट ने कंपनी पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया था. कोर्ट ने पाया कि कंपनी ने मामले से जुड़े ट्रायल कोर्ट के आदेश के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी थी.
कंपनी ने चेक बाउंस मामले में याचिका दायर की
यह मामला इंडस बिर्रा बेवरेजेज और उसके अधिकारियों से जुड़ा है. कंपनी ने चेक बाउंस से जुड़ी एक क्रिमिनल शिकायत को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुनवाई के दौरान, कोर्ट को पता चला कि हाईकोर्ट में ट्रायल कोर्ट का आदेश पेश नहीं किया गया था.
इसके बाद, 20 अगस्त को कोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी और ₹50,000 का जुर्माना लगाया. अपने आदेश में कोर्ट ने अलग-अलग कोर्ट में कंपनी के दिए गए बयानों और जरूरी जानकारी छिपाने पर आपत्ति जताई.
फाइन माफी के लिए अपील
इसके बाद, कंपनी ने ₹50,000 जुर्माना माफी के लिए एक एप्लीकेशन फाइल की. 17 सितंबर को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कॉस्ट माफ कर दी, लेकिन इसके बजाय कंपनी के वकील को DHCBA कर्मचारियों के लिए समोसे और चाय का इंतजाम करने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने शुरू में ₹50,000 की रकम DHCBA लॉयर्स सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर फंड में जमा करने का निर्देश दिया. बाद में कॉस्ट माफी एप्लीकेशन को मंजूरी देते हुए कोर्ट ने यह दूसरा निर्देश जारी किया.